सिर्फ़ दो ही संभावनाएँ हैं।
या तो रक्षा मंत्री @rajnathsingh ने जब संसद को संबोधित किया तो उनकों यह जानकारी ही नहीं थी कि छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री पर ��ंभीर प्रश्नचिह्न है, जिसे उसी मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है जिसका वह नेतृत्व कर रहे हैं।
या फिर उन्हें सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना। यह उससे भी अधिक गंभीर है, क्योंकि इससे यह सिद्ध होता है कि यह सरकार लोकतंत्र के मंदिर में, शपथ के साथ, देश से झूठ बोलती है।
जो भी सच हो, कुछ तथ्य नहीं बदलते -
हमारे छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान ���िया। लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे। और उनके परिवारों से वह पारदर्शिता भी छीन ली गई जिसकी वे अपेक्षा रखते थे।
यह हमारे सैनिकों का अपमान है, और कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर मौन या संतुष्ट नहीं रह सकता।
अब मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के नाम साझा किए हैं
• सूबेदार मेजर पवन कुमार (Army)
• राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र (Army)
• लांस नायक दिनेश कुमार (Army)
• एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनायक (Army)
• हवलदार सुनील कुमार सिंह (Army)
• सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, वायु मेडल (Airforce)
इसका मतलब राजनाथ सिंह ने बतौर रक्षा मंत्री 28 जुलाई, 2025 को भरी संसद में झूठ बोलता था कि एक भी क्षति नहीं हुई है - संसद को जानबूझकर गुमराह किया गया था
यह सदन की अवमानना और breach of parliamentary privilege के साथ साथ उन शहीदों का कितना बड़ा अपमान है - जिनकी शहादत को इस सरकार ने अपनी फ़र्ज़ी छवि के चक्कर में संसद में नकार दिया
लानत है
एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर है।
12 साल में मोदी जी ने जो ढाँचा खड़ा किया - वह सिर्फ़ अडानी और अंबानी के लिए था।
और, अब वही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है।
चोट उन्हें नहीं लगेगी - उनके पास निकलने के रास्ते ह��ं।
चोट आपको लगेगी - युवाओं को, ग़रीबों को, मध्यमवर्ग को, किसानों को, मज़दूरों को, छोटे व्यापारियों को - जो कभी इस ढाँचे का हिस्सा थे ही नहीं।
अपने आसपास देखिए। क्या आप उस ढाँचे का हिस्सा हैं - या उस ��ूफ़ान का शिकार?
• कपड़े लाकर दिया, पहनवा दिया, सेल्फी लिया, और इंस्टाग्राम पर वीडियो डाल दिया.
• सब अपने मतलब के लिए किया, हमसे चर्चा नहीं किया.
- असम के चाय बगान में एक महिला ने कांग्रेस नेता अलका लांबा अपना दुख बताया
अब सदन में प्रधानमंत्री जी को भी नहीं कोट किया जा सकता है, ओम बिरला तुरंत तिलमिला गए।
मोदी जी ने हि कहा था — रुपया के साथ प्रधानमंत्री की साख भी गिर जाती है।
अब बताओ गिर रही है की नहीं ??
Rupee: ₹95 → ₹100
Stocks: Crashing
Economy: Collapsed
Jobs: Gone
Income: Falling
Savings: Wiped out
Cylinders: Unavailable
Why?
PM = Compromised
He is desperate to protect himself and his financial structure. But 140 crore Indians know - PM Modi has surrendered India’s future.
हमारे प्रदेश में मेहमान बनकर आए हैं, हम उनको मेहमान मानकर ही सम्मान सहित विदा करेंगे। जाने वालों की बात का बुरा नहीं माना जाता है। जब हार साक्षात् दिखने लगती है तो इंसान को न अपने पद का मान रहता है, न ही अपने कथन प��� नियंत्रण।
उम्र और पद का मान करना हमारे संस्कार में है और हमेशा रहेगा।
सादर विदाई!
देखो भाजपा का भ्रष्ट प्रबंध
7 में से 6 नये एयरपोर्ट बंद!
उप्र के बाक़ी हवाई अड्डों का क्या हाल है ‘घास हटवाकर’ ये भी तो देख लिया जाए।
भाजपा में अरबों का निर्माण सिर्फ़ अपनों को ठेके बाँटकर, कमाई को बाँटने के लिए होता है। इन्हें न तो कोई हवाई अड्डा चलाना है, न उड़ान योजना में कोई हवाई जहाज़ उड़ाना है, इन्हें तो बस कमाना है।
#चित्रकूट
#कुशीनगर
#आजमगढ़