🚨 बिहार में पीडीएस सर्वर 24 घंटे से ठप्प!
भीषण गर्मी में ��रीब और जरूरतमंद राशन के लिए घंटों कतार में खड़े हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। राशन डीलर भी बेबस हैं, क्योंकि सिस्टम पूरी तरह फेल है।
📌 Today's Transactions: 0 📌 Active Shops: 0
🔴 गया-कोडरमा रेल खंड: पहाड़पुर फाटक बना 'मुसीबतों का फाटक', घंटों जाम में पिस रही जनता, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल » Magadh Live
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आज गाँव गिरावड़, झज्जर में आयोजित किसान संत गरीब दास गरिमा सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर मिला।
इस दौरान बाढ़ के समय बादली हल्के के गाँवों में मोटर, पाइप और अन्य आवश्यक सामान भिजवाने के प्रयासों के लिए समस्त बादली हल्के की ओर से धन्यवाद दिया।
@kharge@RahulGandhi@priyankagandhi@kcvenugopalmp@BhupinderShooda@DeependerSHooda
रामगढ़ के पैंकी गांव में मानवता शर्मसार!
'मृत्यु भोज' औऱ कर्मकांड जैसी कुरीति का विरोध करने पर एक कबीरपंथी परिवार के घर में दबंग मुखिया ने जड़ा ताला कड़कड़ाती ठंड में परिवार सड़क पर, पानी का कनेक्शन काटा और बाथरूम तक का दरवाजा तोड़ दिया ! @dc_ramgarh@RamgarhPolice
ज़िला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर गया द्वारा आज समाहरणालय सभागार में ज़िला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक संछिप्त परिचय प्राप्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की अनेको कल्याणकारी योजनाएं एवं जन सरोकार से जुड़ी योजनाओ को आमजनों तक लाभ पहुँचाने में पूरी मदद करे। @IPRDBihar
गया में महादलित मुखिया को मिली जान से मारने की धमकी, दबंगों ने कहा – "पिस्टल में 9 गोली भरकर रखते हैं, जहां मिलेंगे खत्म कर देंगे"
@NitishKumar@bihar_police
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#पहचान_प्रभु_की
कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो। दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।।
माघ महीना शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं.1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प मिले।
आदरणीय @pappuyadavjapl जी के"बाघ के करेजा"से गीदड़ डर रहे हैं तभी झूठी अफवाह फैला कर उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने की छिछली हरकत करते उन्हें शर्म तक नहीं आ रही। हजारों तरह की टेक्नोलॉजी देश में आ गई है फिर पुलिस वही घिसा-पिटा राग अलाप रही।
सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं। आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!