@GodrejAppliance Godrej is a fraud company...my complaint is pending since 15 days without resolution
I purchased a split air conditioner last year...fan motor of out door unit is not working.
My complaint number is
@GodrejAppliance
Worst experience with Godrej. New ac stopped working in 8 months.
Their after sales service is worst. Customer care numbers not working. 8 days passed passed since I filed a complaint and no contact. Shame. Will never buy Godrej again.
शेर अकेला चलता होगा,
देश नही।
उसे एलाइज की जरूरत होती है। ऐसे देश, ऐसे दोस्त, जिन पर आपका, और आपका उन पर अटूट भरोसा हो।
फिर आपके देश का अपना नैतिक आभामंडल हो।
स्पस्ट आदर्श, और मूल्य हों।
◆●
लेकिन अंग्रेजो के मुखबिरों को चरण पूजन के लिए देवता चाहिए। उन्हें बराबरी रास आती नही। कमजोर को मारकर घुटने पर बिताएंगे।
ताकतवर के सामने बिन कहे, घुटने टेकेंगे।
अमेरिका का छल्ला बनना बड़ी इज्जत की बात समझते थे।इस चक्कर मे, जम के भद पिटवाय लिए। कभी इजराइल के साथ खड़े हुए, कभी नमस्ते ट्रम्प किया। मासूम भोले भारतीयों को मजमे में बुलाकर, ट्रम्प सरकार बनाने की गुजारिश भी कर ली।
अब 12 साल बाद, रोज रोज डांट खाकर, मुंह लटकाकर वही��� लौटे हैं, जहां से शुरू किया था।
और जो पिछली सरकारों की लाईन थी।।
●●
लेकिन इज्जत अभी भी दूर है।
रूस का भरोसा तोड़ चुके हैं, जबकि सुरक्षा के लिए 70% उसके ही मोहताज हैं। चीन के सामने जुबान नही खुलती, क्योकि दैनिक जीवन की 50% वस्तुओं के लिए उसी के मोहताज हैं।
पास पड़ोस में कोई आपको भाव दे नही रहा। सबको घुसपैठिया, दुश्मन, छोटा, औक़ातहीन कह चुके। सब चीन की गोद मे बैठ, अब ठेंगा दिखा रहे हैं
●●
विदेश नी��ि के बगीचे में, वही पौधे रोपे जा रहे है, जिनके वृक्ष कुछ बरस पहले जोश खरोश से काट दिए गए थे। दांत निपोरी की नीति 20-30 बरस पीछे ले जा चुकी है।
सुबह का भूला शाम को घर आ जाये तो उसे भूला तो नही कहते। मगर 12 साल बाद मुंह लटकाकर लौटने वाले को ग��हा जरूर कहते हैं।
●●
बाकी, गोदी मीडिया की हेडलाइंस आने दीजिये।
यह भी मास्टरस्ट्रोक करार दिया जाएगा।
@iamnarendranath हर सिग्नल पर अचानक आपके अंदर बैठा शशि थरूर जाग जाता है... आस-पास कोई Scorpio या Fortuner दिखी नहीं कि “चलो भाई… आज dominance establish करते हैं।”😂😂😂
खैर…सच यह है कि मैंने थार काफ़ी साल चलाई है।
थोड़ी बहुत अल्फा फिलिंग आती है, मानता हूँ... लेकिन सच ये है कि
@iamnarendranath म्यूज़िक इतना तेज़ कि लगता है भूकंप आया हुआ है, बस न्यूज़ वाले बता नहीं रहे 😅😅
सीट बेल्ट? वो क्या होता है?
थार में बैठकर सीट बेल्ट लगाने वाला ऐसा लगता है
जैसे कट्टा हाथ में लेकर पूजा कर रहा हो — बड़ा अजीब सीन लगता है।🤣🤣
@iamnarendranath पता नहीं क्यों…
थार में बैठते ही दिमाग में कोई सॉफ्टवेयर अपडेट चल जाता है कि अब मैं अलग हूँ… और नियम मेरे लिए सिर्फ सुझाव हैं।😅
इंडिकेटर देने से अचानक एलर्जी हो जाती है...पूरी सड़क अपना खेत लगने लगती है —मैं जहाँ मुड़ूँ, जब मुड़ूँ, किसी को बताने की क्या ज़रूरत? मेरी मर्ज़ी।
@gauharraza9 कहन�� खुद को धोखा देना है। यह असल में नैतिक कायरता है।
“विश्व गुरु” होने का मतलब सिर्फ़ भाषण देना नहीं होता, बल्कि अन्याय के ख़िलाफ़ साफ़ और साहसिक स्टैंड लेना होता है....लेकिन इस बयान से साफ़ है कि भारत बस औपचारिक बयान देकर सुरक्षित दूरी बनाए हुए है!!
@gauharraza9 क़ानून या वेनेजुएला की संप्रभुता की रक्षा!!
जब दूसरे देश तख़्तापलट, सैन्य दख़ल और संप्रभुता के उल्लंघन पर खुलकर बोल रहे हैं, तब भारत का यह बयान उसके “विश्व गुरु” बनने के दावे के बिल्कुल उलट दिखाई देता है। यह संतुलन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है....इसे गुटनिरपेक्षता
@gauharraza9 यह बयान सिर्फ़ घिसे-पिटे शब्दों का ढेर है—“गहरी चिंता”, “स्थिति पर नज़र”, “शांतिपूर्ण संवाद” जैसी पंक्तियाँ, जिनका कोई ठोस मतलब नहीं निकलता।
अमेरिका ने स्पष्ठ गुंडागर्दी करते हुए खुला हस्तक्षेप किया है, लेकिन भारत के इस बयान में न उसका नाम है, न उसकी निंदा, न ही अंतरराष्ट्रीय