NEET की परीक्षा में फिर से धांधली हुई है। देश में ऐसी कोई परीक्षा नहीं है, जिसमें धांधली न हो।
छात्रों ने सोशल मीडिया पर लिखना शुरु कर दिया है- 'एक बार फिर, लीकेज सरकार'
चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद पेपर लीक और धांधली पर कोई बात नहीं होती है।
यही हालत रही तो आने वाले दिनों में UPSC की परीक्षा भी ठीक से नहीं हो पाएगी।
: NSUI इंचार्ज @kanhaiyakumar जी
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में लाखों परीक्षार्थियों के साथ घोटाला पूरी तरह से अस्वीकार्य और अक्षम्य है। यह देश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है, जिसकी सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में उच्च स्तरीय जांच तुरंत होनी चाहिए।
इस साल पहले इसमें पेपरलीक होने का समाचार आया, जिसे दबा दिया गया। अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के कई परीक्षार्थियों ने छात्रों के अंक बढ़ाए जाने के आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि इस बार रिकॉर्ड 67 परीक्षार्थियों ने टॉप रैंक हासिल की और इनमें से छह अभ्यर्थी तो एक ही परीक्षा केंद्र से बताए जा रहे हैं।
सवाल यह है कि आखिर छात्��ों के साथ ये धोखा कैसे हुआ, किसने किया और क्यों यह परिणाम जानबूझकर 4 जून को चुनाव नतीजों के शोर में घोषित किया गया, जबकि इसे 14 जून को घोषित होना था?
नीट के परिणाम पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं -
सवाल नंबर 1: एक साथ 67 टॉपर को 720/720 अंक कैसे आए?
सवाल नंबर 2: एक ही सेंटर के 8 बच्चों के 720/720 अंक कैसे आए?
सवाल नंबर 3: हर सवाल 4 नंबर का फिर 718-719 नंबर कैसे आया?
नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद जारी परिणाम में 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिलना बड़ा संदेह पैदा करता है।
शोर मचने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सफ़ाई तो दी है पर इस सफाई को प्रभावित छात्रों द्वारा बेहद सतही और ग़ैर भरोसेमंद बताया जा रहा है।
ऐसे में छात्रों का इस परिक्षा की शुचिता में विश्वास बहाली बेहद ज़रूरी है, जो निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच से ही संभव है।
NEET परीक्षा में पेपर लीक और रिजल्ट में धांधली पर सरकार चुप है।
NTA शक के घेरे में है, क्योंकि पेपर लीक की बात सामने आई थी। फिर परीक्षा में जो स्कोर संभव नहीं था, वे भी छात्रों को मिले।
यही नहीं, NEET का रिजल्ट जल्दबाजी में पहले ही रिलीज कर दिया गया, जिसके बारे में किसी को जानकारी नहीं दी गई।
ये सारी बातें NTA पर कई सवाल खड़े करती हैं।
: NSUI अध्यक्ष @varunchoudhary2 जी
पहले NEET परीक्षा और अब इसके रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी की आशंकाएं जताई हैं। रिजल्ट में कई बच्चों के एक ही सेंटर से पूरे में से पूरे अंक मिलने, आस पास रॉल नंबर वाले अभ्यर्थियों के टॉप करने समेत ऐसे कई पहलू सामने आ रहे हैं जिससे परीक्षा में गड़बड़ी की आशंकाओं को बल मिलता है।
यह लाखों बच्चों के भविष्य एवं मेडिकल प्रोफेशन की क्रेडिबिलिटी का सवाल है इसलिए केन्द्र सरकार और NTA इसे गंभीरता से लेकर जांच करे एवं सभी के साथ न्याय सुनिश्चित करे।
नीट रिजल्ट में धांधली की आशंका को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.
#NEETResult#PriyankaGandhi
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पहले NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ और अब छात्रों का आरोप है कि इसके रिजल्ट में भी स्कैम हुआ है। एक ही सेंटर के 6 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और कई तरह की अनियमितताओं की बातें सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, रिजल्ट आने के बाद देश भर में कई बच्चों के आत्महत्या करने की खबरें हैं। यह बहुत दुखद और झकझोरने ���ाला है।
सरकार लाखों छात्रों की आवाज को अनसुना क्यों कर रही है? छात्र-छात्राओं को NEET परीक्षा के परिणाम में धांधली से जुड़े वाजिब सवालों के जवाब चाहिए। क्या सरकार की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वो जांच कराकर इन वाजिब शिकायतों का निस्तारण करे?
NEET UG exam is not a joke.
All these details that are coming out regarding NEET UG exams are troubling.
The concept of grace marks in a competitive exam also sounds very strange.
If there is something fishy, it must be investigated.
The country will get thousands of doctors on the basis of this exam; the stakes are pretty high!!
NEET UG RESULTS:
👉 Announced on 4 June, 10 day before schedule
👉 67 students got full marks (rank 1), never happened before
👉 6 of these are from same center in Haryana
👉 Police has arrested 13 people in Bihar for paper leak of NEET UG
👉 18 year old NEET UG aspirant committed suicide after results
Politicians are busy in politics. Media is busy in elections. Students and teachers are screaming everywhere but no one is listening.
Least we can do is amplify their voices and help them get justice! 🙏
In my opinion, one of these two things can solve this:
National Testing Authority answers every single concern of students and teachers with full transparency.
OR
Declare these results wrong and do a re-examination. (Students are demanding for this solution.)
. #NEET के रिज़ल्ट में भारी गड़बड़झाले की आशंका!
����24 लाख युवाओं व उनके माता-पिता में भारी बेचैनी!
👉 विवादों-आशंकाओं-सवालों का जवाब न NTA दे रहा और न ही मोदी सरकार!
👉 24 लाख युवाओं के भविष्य की दुहाई है कि मोदी सरकार जवाब देः-
1.NEET Exam में 67 अभ्यर्थियों के 720/720 नंबर आए यानी 100 प्रतिशत स्कोर।
पर इससे पहले सालों में कितने टॉपर थेः-
साल 2019 = 1 टॉपर
साल 2020 = 1 टॉपर
साल 2021 = 3 टॉपर
साल 2022 = 1 टॉपर
साल 2023 = 2 टॉपर
साल 2024 = 67 टॉपर
यह अपने आप में ‘असंभव’ लगता है, क्योंकि NEET Paper में हर गलत जवाब की नैगेटिव मार्किंग भी है।
क्या ऐसा हो सकता है कि 67 लोगों ने 100 प्रतिशत सही जवाब दिए हों?
यह संयोग है या प्रयोग?
2.NEET के 67 टॉपर्स में से 44 टॉपर ऐसे हैं, जो ‘ग्रेस मार्क्स’ के आधार पर टॉपर बने हैं।
NTA ने 29 मई, 2024 को प्रोविज़नल आंसर की में ‘Atom’ के सवाल पर ऑप्शन 1 को सही बताया। जब 10,000 से अधिक छात्रों ने एतराज किया, तो ऑप्शन 1 व 2, दोनों को सही बता दिया।
जब 67 में से 44 टॉपर केवल ग्रेस मार्क के आधार पर NEET के टॉपर बने हों, तो क्या यह अपने आप में ‘‘नंबर देने यानी मार्किंग की प्रक्रिया’’ तथा ‘‘एग्ज़ाम प्रणाली की विश्वसनीयता व वैधता’’ पर सवाल खड़ा नहीं करता?
3.एक और अचंभे की बात यह है कि NEET टॉप करने वाले सीरियल नंबर 62 से 69 तक के टॉपर फरीदाबाद, हरियाणा के एक ही “एग्ज़ाम सेंटर” से आते हैं।
इनमें से 6 लोगों ने 720/720 नंबर लेकर NEET टॉप किया व 2 के 720 नंबर में से 718 व 719 नंबर आए।
यह अपने आप में एक ‘अजूबा’ भी है, और ‘आश्चर्यचकित’ करने वाला भी।पर NTA व मोदी सरकार इसे सही ठहरा रही है।
क्या कोई सामान्य व्यक्ति इसे संयोग मानेगा या फिर एक भाजपाई प्रयोग?
4.NTA व मोदी सरकार के मुताबिक नंबर ज्यादा आने का एक कारण यह भी है कि फरीदाबाद के NEET Exam सेंटर में गलत पेपर बा���ट दिया गया। NTA व मोदी सरकार के मुताबिक इस प्रक्रिया में 45 मिनट नष्ट हो गए। इस समय की ऐवज़ में NTA व मोदी सरकार ने इस सेंटर के बच्चों को ‘ग्रेस मार्क्स’ दे दिए।
सवाल यह उठता है कि जब “NTA के प्रॉस्पेक्टस”, “NEET के ब्राउशर” व “सरकार की हिदायतों” में इस आधार पर ग्रेस मार्क्स देने का कोई प्रावधान नहीं है, तो फिर ये ग्रेस मार्क्स किस आधार पर दिए गए?
क्या मोदी सरकार द्वारा इस बारे कोई सार्वजनिक सूचना या इश��तेहार जारी किया गया?
क्या किसी और सेंटर में भी इसी प्रकार से ग्रेस मार्क्स दिए गए?
क्या इस प्रकार से ‘‘नॉर्मलाईज़ेशन’’ की आड़ में NTA द्वारा NEET Exam में ‘‘ग्रेस मार्क्स’’ दिए जा सकते हैं?
सच यह है कि डॉक्टर्स से लेकर एक्सपर्ट्स तक नॉर्मलाईज़ेशन की आड़ में NEET Exam के नंबर बढ़ाने की इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं?
5.साल 2019 से 2023 तक NEET Exam में 600 नंबर लाने वाले युवाओं को आसानी से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सस्ती फीस पर प्रवेश म��ल जाता था।
इस साल NEET Exam की कटऑफ 137 नंबर से बढ़कर 164 हो गई। इस बार 660 नंबर लाने वाले युवा को ही शायद मुश्किल से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सस्ती फीस पर दाखिला मिल पाए।
24 लाख से अधिक युवा, जो NEET Exam में बैठे हैं, अधिकतर गरीब-मध्यम वर्ग- नौकरीपेशा परिवारों से हैं, जो डॉक्टर बनने की ख्वाहिश रखते हैं। इस पूरे घालमेल में क्या उन लाखों बच्चों के सपने धराशाही नहीं हो गए?
6.NEET का एग्ज़ाम 5 मई, 2024 को हुआ व उसका रिज़ल्��� 14 जून, 2024 को आना था।
फिर यकायक 4 जून, 2024 को ही रिज़ल्ट घोषित कर दिया गया। यह वही दिन था, जिस दिन देश के संसदीय चुनाव का रिज़ल्ट भी आया और पूरा देश लोकसभा चुनाव का रिज़ल्ट सुनने में व्यस्त था।
क्या NEET का यह रिज़ल्ट आनन-फानन में इसलिए निकाला गया कि सभी आशंकाओं व विवादों पर पर्दा डाला जा सके?
क्या यह संयोग है या प्रयोग?
7.NEET के रिज़ल्ट घोषित होने के बाद दौसा में अजीत नाम के छात्र ने आत्महत्या कर ली।
इसी प्रकार कोटा में एक और बिटिया बगीशा तिवारी, जो रीवा, मध्यप्रदेश की निवासी थी, बिल���डिंग की नौंवी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
सवाल यह है कि NTA की यह कैसी NEET एग्ज़ाम प्रणाली है, जो लगातार विवादों के घेरे में है तथा युवा बच्चे आत्महत्या के खतरनाक रास्ते पर चल पड़े हैं?
क्या मोदी सरकार के पास कोई जवाब है?
👉सवाल 24 लाख बच्चों के भविष्य का भी है।
👉सवाल NEET Exam की विश्वसनीयता का भी है।
👉सवाल गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों को बराबरी का मौका देने का भी है।
👉सवाल आशंकाओं व विवादों से ऊपर उठकर जवाबदेही निश्चित करने का भी है।
👉सवाल न्याय का भी है।
👉सवालों का जवाब मोदी सरकार को देना होगा।
#Neet_paper_रद्द_करो
इस बार के NEET परीक्षा का रिजल्ट एक बड़े घोटाले की तरफ संकेत कर रहा है , पेपर लीक घोटाले और NEET परीक्षा का परिणाम एकदूसरे से संबंधित है। यह देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ भद्दा मज़ाक है, इसको लेकर देशभर के छात्रों में भारी गुस्सा है। इसकी ��च्च स्तरीय जांच होनी चाहिये।
#Neet_paper_रद्द_करो
#NEET_परीक्षा_परिणाम
Chandrababu and Nitish Kumar should take a decision against the NEET paper leak in the interest of the youth.
Rahul Gandhi should tweet against the NEET paper leak.
#NEETfraud#Neet_paper_रद्द_करो#NEET_परिक्षा_परिणाम
NEET परीक्षा के बाद अब NEET का रिजल्ट भी विवादों में है।
NEET का रिजल्ट आने के बाद 1 ही सेंटर के 6 छात्रों के 720 में से 720 अंक आने पर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा, NEET परीक्षा से जुड़ी कई और धांधलियां भी सामने आईं हैं।
पहले पेपरलीक औ�� अब रिजल्ट में गड़बड़ी से देश के लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
साफ है कि ये सरकार कोई भी पेपर बिना लीक किए नहीं करवा सकती।
साहेब का दावा तो विदेशों में युद्ध रुकवाने का होता है, लेकिन वे देश में पेपरलीक भी नहीं रुकवा पा रहे हैं।
NEET UG result manipulation is alarming. 67 students getting AIR 1, may students have common centre, Cutoffs increased, suicides reported. NTA must be held accountable for their cover-ups. Students' futures are at stake.#NEETScam#NEETfraud#CorruptNTA