How the hell will a doctor know their caste?
They just add this similar lie everywhere just to get compensation and extort money. Even doctors are not safe.
Dear anti-social elements, we have some bad news for you.
Assam’s conviction rate has jumped from 8% to 29.3% in just six years. And we’re only getting started.
You can do the maths. Or, we'll do that as well.
No let-up until Assam is #crimefree
If banks want a 5-day work week, then just make it like MNCs.
5 working days.
Saturday-Sunday off.
And maybe 10 holidays a year.
Simple.
You can't want the corporate workweek and still keep the old-school holiday benefits.
SBI ब्राँच मैनेजर की सैलरी - 165000
SBI ब्रांच डिप्टी मैनेजर की सैलरी -95000
SBI ब्रांच क्लर्क की सैलरी - 40000
SBI ब्रांच चपरासी की सैलर��� -18000
लेकिन ये काम क्या करते हैँ?
मैनेजर - छुट्टी पर है
डिप्टी मैनेजर - Kyc कराओ, आधार पैन कॉपी दो
क्लर्क - काउंटर नंबर 4 पर जाओ
चपरासी - बाहर बीड़ी पीने गया है
और इनको 5 Days Banking चाहिए
जूता लाओ रे मेरा.
इनका रोना तो ऐसे रो रही है कि इकलौती यही बच्चे पाल रह��� है, हर घर में जहां पर पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं उनके डेढ़- डेढ़ साल के बच्चे मेड के भरोसे या तो दादी के भरोसे पल रहे हैं बच्चों की इतनी चिंता है तो एक लोग सैक्रिफाइस कर लो..
Today is my son's off and me and my husband both are going to bank. We had to drop him at relatives because the day care and school is off.
-a working mom from bank
#blacksunday#5DaysWorking
गजब का देश में पैदा हो गए,कभी अन्नदाता,बैंक,डॉक्टर,विद्युत, कभी पुलिस ,जज साहब सब भड़ी के हैं भगवान ही बने फिर रहे है, इकलौता चुतिया है प्राइवेट और बिजनेस वाला,जिसके टैक्स देने क��� भी इज्जत नहीं है और जो नहीं टैक्स में आते हैं उनकी भी इज्जत नहीं है यानी छोटे प्राइवेट एम्प्लाई..
✍️ दोस्तों।
5-दिन का बैंकिंग हफ़्ता—0% काम लेकिन 100% हंगामा?
SBI और BOB ने मैसेज भेजे, "हम छुट्टी पर हैं।"
हम कहते हैं: मैसेज भूल जाओ—बस बैंक को पूरी तरह से बंद कर दो!
सच कड़वा है, लेकिन सुनो:
१ . असल में काम कौन करता है? हम ग्राहक !
��गर आप आज किसी बैंक में जाते हैं, तो बैंक के कर्मचारी असल में क्या काम करते हैं?
- कैश निकालना? आप खुद ATM पर करते हैं।
- कैश जमा करना? आप खुद कैश डिपॉज़िट मशीन पर करते हैं।
- पासबुक प्रिंट करना? आप खुद मशीन पर करते हैं।
- चेकबुक मांगना? आप इसे ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं।
- चेक जमा करना? आप इसे ड्रॉप-बॉक्स में डालते हैं।
तो, अगर मशीनें और कस्टमर ही सारा काम कर रहे हैं, तो हम अंदर के स्टाफ़ को किस चीज़ के लिए पैस�� दे रहे हैं?
2. तो, वे अंदर क्या बेचते हैं? इंश्योरेंस!
आजकल बैंक सिर्फ़ बैंक नहीं रहे; वे इंश्योरेंस बेचने के आउटलेट बन गए हैं।
जब कोई अकाउंट होल्डर आता है, तो बातचीत फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) के बारे में नहीं होती; बल्कि, वे सबसे पहले यही कहते हैं, "एक बढ़िया LIC पॉलिसी या कोई हेल्थ इंश्योरेंस खरीदो।"
_(जैसे कि हम खास त��र पर आपसे इंश्योरेंस खरीदने बैंक आए हों, जबकि हमारा असली बैंकिंग काम साइडलाइन हो जाए?)_🤦🏻♂️
उन्होंने लोगों के पैसे बचाने का काम छोड़कर पूरी तरह से इंश्योरेंस बेचने के टारगेट पूरे करने पर ध्यान दिया है—और ऊपर से, वे 5-दिन का वर्किंग वीक मांग रहे हैं।
3. ज़रा मैथ देखो:
365 दिनों में से, 104 वीकेंड (शनिवार और रविवार) होते हैं और 30 पब्लिक हॉलिडे होते हैं, जिससे 230 वर्किंग डे बचते हैं।
अगर वे सभी शनिवार ��ो बंद रहते हैं, तो बैंक साल में मुश्किल से 200 दिन खुला रहेगा। मतलब बैंक आधे साल बंद रहते हैं!😲
4. किसे नुकसान होता है?* हमारा क्या?
मुझे अपनी बेटी की शादी के लिए शुक्रवार को बैंक लॉकर से ज्वेलरी निकालनी है, लेकिन मुझे मना कर दिया गया—कहा गया कि या तो सिस्टम काम नहीं कर रहा है या स्टाफ अवेलेबल नहीं है।
अब, बैंक शनिवार और रविवार को बंद रहता है, और शादी सोमवार को है, मैं क्या करूँ?
और अगर मैं इसे गुरुवार को घर लाता हूँ और चोरी हो जाती है, तो कौन ज़िम्मेदार होगा ?
मुझे शनिवार को एक मर्चेंट को पेमेंट करना है, लेकिन चेक क्लियर नहीं हो रहा है।
वह पेमेंट तीन दिन तक अटका रहता है।
आखिरी बात:
- अगर सारा काम मशीनों से ही होना है और आपका काम सिर्फ़ इंश्योरेंस बेचना है, तो सिर्फ़ पाँच दिन क्यों? आप सिर्फ़ दो दिन ही खोल सकते हैं! लेकिन फिर, सिर्फ़ दो दिन की सै��री भी तो लें।
- अगर आप हफ़्ते में छह दिन काम नहीं करना चाहते, तो *VRS ले लें और घर पर रहें।*
- लाखों युवा 12 घंटे की शिफ्ट में काम करने के लिए तैयार हैं।
इसलिए, अगर सरकार इस पांच-दिन के काम वाले हफ़्ते को लागू करने का फ़ैसला करती है, तो यह मिडिल क्लास और बिज़नेस कम्युनिटी के लिए पीठ में छुरा घोंपने जैसा होगा।
जागो ग्राहक जागो
हेलो @BBCHindi
झूठ क्यों बोल रहे हो कि IIT में दलित छात्रों का dropout सबसे ज़्यादा होता है?
ये सरकारी डेटा है, इसके अनुसार IIT में सामान्य वर्ग के छात्र दलितों से 4 गुना ज़्यादा dropout करते हैं!
Suicide भी सामान्य वर्ग के छात्र ज़्यादा करते हैं!
खुलेआम झूठ फैलाते शर्म नहीं आती?
वाराणसी में UGC, SC-ST Act और आरक्षण को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे लोगो की तबीयत बिगड़ चुकी है।
न सरकार सुन रही, न कोई चर्चा। अगर कोई और समुदाय होता तो अब तक हंगामा मच चुका होता।
ह���मंत राज मीणा उर्फ हिम्मत गिरी को महिलाएं लाठी-डंडों से पीट रही हैं, बाल पकड़कर चप्पल से मार रही हैं:-
- महिलाओं का गुस्सा बहुत कुछ बयान कर रहा है
- यह महिलाओं को अपनी जाल में फँसाकर उनका वीडियो बनाता फिर शोषण करता
- यह ढोंगी बाबा विधवा और निसंतान महिलाओं को टारगेट करता था
- फेसबुक के जरिए भी महिलाओं से संपर्क करता फिर उन्हें जाल में फँसाता
- वृंदावन बुलाकर इस ढोंगी को पीड़ित महिलाओं ने पुलि�� के हवाले किया
76 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान नोएडा में रहते थे।
एक पार्क में ADM, उनकी पत्नी और सरकारी गनमैन ने कथित तौर पर कर्नल चौहान की पिटाई की।
इसके बाद उन्होंने कर्नल पर छेड़छाड़ और SC/ST एक्ट के मामले दर्ज कर दिए।
पुलिस ने 76 साल के कर्नल को गिरफ्तार कर Luksar जेल भेज दिया।
पार्क के CCTV फुटेज देखने पर पत��� चला कि कर्नल चुपचाप बैठे थे, जबकि ADM, उनकी पत्नी और गनमैन ही उन पर हमला कर रहे थे।
तब जिलाधिकारी ने ADM, उनकी पत्नी और बेटे समेत सात लोगों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया, ADM को सस्पेंड किया गया और कर्नल को जमानत मिल गई।
इसीलिए लोग आरोप लगाते हैं कि SC/ST एक्ट का कभी-कभी निजी रंजिश निकालने और निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए दुरुपयोग होता है।
#StopMisuseOfSCSTAct
अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रव��्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चलता रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
आइए, इस सिपाही दंपति को ���लाम करें ....
कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फॉर्च्यूनर डिवाइडर तोड़कर पलट गई। कार में सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह समेत 5 लोग फंस गए।
वहां से गुजर रहे सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह हादसा देख रुक गए। सिपाही ने कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की। कार के दरवाजे नहीं खुलने पर उन्होंने अपनी राइफल से कार के शीशे तोड़े।
सिपाही की पत्नी ने आसपास से गुजर ��हे वाहन चालकों से मदद मांगी। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सभी 5 लोगों को एक-एक कर कार से बाहर निकाला। हादसे में घायल सभी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जय हिन्द...दोस्तो !
तस्वीर में गिरफ्तार व्यक्ति पत्रकार प्रिंस कुमार यादव है।
इनका गुनाह ये है कि इन्होने 200 लोगों को राशन नहीं मिल रहा था उसकी खबर दिखा दी थी।
अब फर्जी SCSTAct के केस में जेल भेज दिया गया है।
अखिलेश , तेज���्वी और मोदी कब इनकी आवाज उठाएंगे ? प्रिंस भी PDA का हिस्सा है। सुनो👇
प्रयागराज मै 10 से ज्यादा वकीलों के साथ साथ 100 से ज्यादा लोगों पर #मोदी_एक्ट लगा दिया गया
मनोज कुमार शुक्ला मेजा बार एसोसिएशन, प्रयागराज के मंत्री (Secretary) हैं के पुत्र का नाम भी एफ आई आर मै लिखवा दिया गया
बाबा रामदेव को UGC, मोदी एक्ट पर बोलने से किस भाजपा नेता ने रोका?
बाबा रामदेव UGC, SC/ST एक्ट और आरक्षण जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं, लेकिन भाजपा में कोई ऐसा व्यक्ति है जो नहीं चाहता कि वे इन मुद्दों पर बात करें।
वहीं, आरजेडी के एक नेता ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर बोलने से दलित समाज का गुस्सा झेलना पड़ सकता है।