The youth of India have started to take our country back from those who tried to suppress their voice… today is the day an undemocratic and oppressive government was forced to bend to the will of the people of India.
To all you boys and girls who stand unflinchingly for what is right. Don’t ever let your spirit be oppressed, you are the soul of our beautiful nation, stay strong and brave always.
वित्त मंत्री निर्मला जी पेपर लीक के फायदे गिना रही हैं
“पेपर लीक होने से बच्चों को पढ़ने का और ज़्यादा वक़्त मिल गया जिससे वह बेहतर कर सके”
चलिए मैडम, अब लगे हाथ जिन 22 बच्चों ने अपनी जान दे दी उ��के फ़ायदे भी गिना दीजिए
हद होती है - How brazenly insensitive are you?
प्रधानमंत्री - आरएसएस से
गृह मन्त्री - आरएसएस से
परिवहन मन्त्री - आरएसएस से
लोकसभा स्पीकर - आरएसएस से
कृषि मन्त्री - आरएसएस से
रक्षा मन्त्री - आरएसएस से
बिजली मन्त्री - आरएसएस से
और अब शिक्षा मन्त्री - आरएसएस से
एक बात नहीं समझ आती, पदों पर नियुक्ति सरकार करती है या मोहन भागवत??
सब जानते हैँ आरएसएस एक जाहिल संस्थान है
फिर वहां से निकले लोग देश के सर्वोच्च पदों पर कैसे हैँ?? प्रहलाद जोशी को किसने चुना?
जवाब दीजिये 🤔
This is shocking!
Five Muslim Students returning to Jamia area from Jantar Mantar were detained by the police near @jmiu_official and taken to the police station. Social activist Zeba Khan @zeba_kh_an and the reporter Afzal Alam @afzalalamjmi chased the police vehicle and freed all the Students.
Hello @DelhiPolice, Why were they detained, is it a crime to participate in Jantar Mantar protest?
Why are young Students from the Jamia area being treated like criminals just for participating in the protest?
पोलिटिकल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव ने सुदर्शन न्यूज के पत्रकार को नीरज झा के सामने जबरदस्त आईना दिखाया।
सुदर्शन न्यूज — सर जो छात्रों के साथ….
योगेंद्र यादव — सर , मैं मीडिया से बात करता हूँ। ऐसे लोगों से नहीं।
सुदर्शन न्यूज— सर ,हम तो छात्रों के साथ हैं।
योगेंद्र यादव — अगर आप जैसे लोग छात्रों के साथ हैं तो भगव���न आप जैसे दोस्तों से बचाये छात्रों को।
मैं आपको मीडिया नहीं मानता।
वहीं दूसरी तरफ़ निष्पक्ष तरीके से बात रखने वाले मॉलिटिक्स के एडिटर नीरज झा से योगेन्द्र यादव ने खुलकर बात की।
12 PM — Rahul Gandhi said “No matter what Narendra Modi has to sack Dharmendra Pradhan”
2:30 PM 🔥 — Education Minister #DharmendraPradhan RESIGNED
Modi Govt had to bow down & accept the accountability
huge thanks to Rahul Gandhi & students.
नहीं नहीं भैया , यहाँ मंत्रियों के त्याग पत्र नहीं होते हैं।
ये यूपीए गवर्नमेंट नहीं बल्कि ये एनडीए गवर्मेंट है।
— राजनाथ सिंह
ये कथन कभी राजनाथ सिंह ने कहा था , छात्रों ने इस बयान को कुछ ज़्यादा ही सीरियस ले लिया।
#DharmendraPradhan
हैलमेट में अपना चेहरा छिपाए दिल्ली पुलिस का ये जवान एक लड़की के माथे पर वार कर रहा है . पुलिस वालों ने सारी सीमाएं तोड़ दी .
पुलिस की ये लाठियां सरकार को भारी पड़ेगी .
@CPDelhi@DCPNewDelhi@DelhiPolice वर्दी वाले इन अपराधियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी ?
कल रात जो घटनाएं घटी हैँ, वो बताती हैँ बीजेपी सारे खेल को तरीके से खेल रही है.
रात को 12 बजे सोनम का अनशन बीजेपी द्वारा तुड़वाना, मोदी का उसी वक़्त वीडियो बनाकर डालना, ये महज संयोग नहीं है.
6 जून को अभिजीत दीपके भारत आकर प्रदर्शन करता है.. 2000 लोग भी नहीं आते
20 दि�� तक हाथ पैर मारने के बाद सोनम वांगचुक
भूख हड़ताल पर बैठते हैँ
20 दिन की भूख हड़ताल देश दुनिया में खलबली मचा देती है, लोग समर्थन करते हैँ
मांग एक ही होती है, शिक्षा मन्त्री का इस्तीफा.
मगर 60 हज़ार छात्रों के जंतर मंतर पर आकर प्रदर्शन करने, लाठिया खाने से, रोने चीखने से फर्क नहीं पडा, लेकिन छात्रों के वहां बैठने से माहौल बनता जा रहा था.
किसान भी वहां पहुंच रहें थे, बेइज्जती हों रही थीं सो अलग. तो उस पूरे सिस्टम को फ्लॉप करने के लिए ये चाल चली गयी है.
क्या अब इस्तीफा हों गया? कहाँ गयी दोनों आदमियों की भूख हड़ताल? बीजेपी मन्त्री जाकर अनशन तुड़वाये हैँ समझ लीजिये इसका मतलब.
ये भूख हड़ताल नहीं थीं, इमेज चमकाऊ अभियान ज्यादा था.. चलो भाई सब अपने अपने घरों को 😊
24 जून 2024, धर्मेंद्र प्रधान जब लोकसभा में शपथ लेने आए तब नारा लगा था, नीट, नीट, शेम, शेम...अगर धर्मेंद्र प्रधान में तब भी जज़्बा होता तो पेपर लीक को जड़ से ख़त्म कर देते। दो साल बाद आज 24 जुलाई 2026 है। यह वीडियो इसलिए देखिए ताकि उन लोगों को आप जवाब दे सकें जो कह रहे हैं कि प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा। क्योंकि प्रधान फेल रहे हैं। नीट की ��ोरी को लेकर विपक्ष ने ठीक एक साल एक महीना पहले याद दिला दिया था। कम से कम इन दो सालों में वे नहीं कर पाए। यह तो साबित होता है।
कई दिन हो गए, कोई विपक्षी दल नहीं तोड़ा गया है ताकि देश में दहशत पसर जाए कि अब क्या होगा, कोई बचेगा या नहीं। सरकार अगर युवाओं से संवाद करना चाहती है तो राघव चड्ढा को उनके बीच भेज दे, वे जेन ज़ी स्कूल ऑफ नायकत्व के प्रोडक्ट हैं। उन्हें मालूम होगा या उन 20 सांसदों की परेड करा दे जो जनता की नब्ज़ को सुपर फास्ट गति से समझते हुए तृणमूल छोड़ कर NCPI में शामिल हो गए। जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बनाया न अटल बिहारी वाजपेयी न संघ ने सुरेंद्र नाथ बनर्जी, मुलायम सिंह यादव या नीतीश कुमार ने। NCPI के संस्थापक का कम से कम एक इंटरव्यू तो छपना ही चाहिए कि अगर विपक्ष ने ज़ुबा�� बंद नहीं की तो 24 घंटे के भीतर राहुल गांधी और अखिलेश यादव को छोड़ कर उनसे सारे सांसद NCPI में होंगे।
यह मान लीजिए कि इस देश में दो चार कालेज यूनिवर्सिटी को छोड़ कर सब के सब इस तरह काम कर रहे हैं जैसे युवाओं को किसी लायक नहीं बनने देना है। किसी लायक बन जाएंगे तो वे धर्म की राजनीति को ठीक से समझ जाएंगे। विपक्ष से भी सवाल करने लग जाएंगे।