भाजपा सरकार द्वारा 27% ओबीसी आरक्षण पर लगाई गई रोक हटाने की माँग को लेकर आज भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर ओबीसी महासभा द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल हुआ।
इस अवसर पर मेरे साथ विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री सचिन यादव जी, विधायक श्री रामकिशोर दोगने जी, विधायक श्री कैलाश कुशवाहा जी, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज यादव जी तथा ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य एडवोकेट श्री धर्मेंद्र कुमार जी उपस्थित रहे।
ओबीसी समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में हम सभी पूरी प्रतिबद्धता के साथ साथ हैं।
.
.
.
@narendramodi@AmitShah@DrMohanYadav51@RahulGandhi@INCIndia@INCMP
#US12283
माननीय मुख्यमंत्री जी अतिथि शिक्षकों के लिए भी यही नीति बनाए जाने की कृपा करिए।
वो भी आपके परिवार है!
@DrMohanYadav51 जी🙏
@udaypratapmp जी🙏
@rshuklabjp जी 🙏
@BhopalSamachar माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले 18 वर्षों से निरन्तर कार्यरत ऐसे अतिथि शिक्षकों को जो आर टी ई नियमानुसार MP TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण अनुभवी अतिथि शिक्षकों को हरियाणा छत्तीसगढ़ कि तर्ज़ पर 12 माह और 62 वर्ष सेवा अनुबंध
@BhopalSamachar माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले 18 वर्षों से निरन्तर कार्यरत ऐसे अतिथि शिक्षकों को जो आर टी ई नियमानुसार MP TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण अनुभवी अतिथि शिक्षकों को हरियाणा छत्तीसगढ़ कि तर्ज़ पर 12 माह और 62 वर्ष सेवा अनुबंध
VIDEO NEWS - अतिथि विद्वानों की समिति जो कहेगी सरकार वह करने को तैयार है: सीएम डॉ मोहन यादव
मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सरकारी कॉलेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि विद्वानों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी कर दी है। जो वादा कमलनाथ सरकार ने किया था, जो वादा तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने पूरा नहीं किया था, और अतिथि विद्वानों को कोरोनावायरस के बीच छोड़ दिया था, सीएम डॉ मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों की वह मांग पूरी कर दी है।
https://t.co/plK1E4YfnM
CM Mohan Yadav Says Government Will Act on Recommendations of Guest Faculty Committee
#MadhyaPradesh #AtithiVidwan @CMMadhyaPradesh@JansamparkMP
@ChouhanShivraj माननीय पूर्व मुख्यमंत्री महोदय जी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले 18 वर्षों से निरन्तर कार्यरत ऐसे अतिथि शिक्षकों को जो आर टी ई नियमानुसार MP TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण अनुभवी अतिथि शिक्षकों को हरियाणा छत्तीसगढ़ कि तर्ज़ पर 12 माह और 62 वर्ष सेवा
@ChouhanShivraj माननीय पूर्व मुख्यमंत्री महोदय जी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले 18 वर्षों से निरन्तर कार्यरत ऐसे अतिथि शिक्षकों को जो आर टी ई नियमानुसार MP TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण अनुभवी अतिथि शिक्षकों को हरियाणा छत्तीसगढ़ कि तर्ज़ पर 12 माह और 62 वर्ष सेवा
माननीय मंत्री जी आपके स्कूल शिक्षामंत्री रहते हुए पूर्व सीएम शिवराज जी द्वारा 2 सितम्बर 2023 को अतिथि शिक्षक पंचायत का आयोजन हुआ था उस पंचायत में अतिथि शिक्षको के भविष्य को सुरक्षित करने व नियमितीकरण करने हेतु अनेक घोषणाये करी थी लेकिन आज तो वो अधूरी है भविष्य सुरक्षित नही हुआ
@CMMadhyaPradesh अतिथि शिक्षकों को भी अवकाश कि पात्रता होनी चाहिए आखिर अतिथि शिक्षकों ने मध्यप्रदेश सरकार का क्या बिगाड़ा है जो उन्हें मध्यप्रदेश के सबसे संवेदनशील मुख्यमंत्री महोदय जी द्वारा उपहार स्वरूप 13 CL और 12 माह का कार्य काल नहीं मिल पा रहा है
@CMMadhyaPradesh अतिथि शिक्षकों को भी अवकाश कि पात्रता होनी चाहिए आखिर अतिथि शिक्षकों ने मध्यप्रदेश सरकार का क्या बिगाड़ा है जो उन्हें मध्यप्रदेश के सबसे संवेदनशील मुख्यमंत्री महोदय जी द्वारा उपहार स्वरूप 13 CL और 12 माह का कार्य काल नहीं मिल पा रहा है
@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले 18 वर्षों कार्यरत अतिथि शिक्षकों को mp TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण अनुभवी अतिथि शिक्षकों को हरियाणा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश अतिथि विद्वानों के जैसे स्थायित्व प्रदान करने कि कृपा करें
@CMMadhyaPradesh माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले 18 वर्षों कार्यरत अतिथि शिक्षकों को mp TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण अनुभवी अतिथि शिक्षकों को हरियाणा छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश अतिथि विद्वानों के जैसे स्थायित्व प्रदान करने कि कृपा करें
देश का भविष्य स्कूलों में तैयार होता है। लेकिन जब स्कूल खंडहर बन जाएँ, शिक्षक न हों, पेपर लीक आम हो जाएँ और बच्चों की बुनियादी सुविधाएँ तक छिन जाएँ, तब यह सिर्फ़ शिक्षा का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का संकट बन जाता है।
जर्जर स्कूल, खाली शिक्षक पद, बिना शौचालय वाले विद्यालय, बदहाल छात्रावास और बढ़ता ड्रॉपआउट - क्या यही शिक्षा का मॉडल है?
मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत आपके सामने है। विकास के दावों और वास्तविकता के बीच का अंतर खुद देखिए।
अपनी राय साझा करें और इस मुद्दे को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाएँ, क्योंकि बच्चों का भविष्य किसी भी राजनीति से बड़ा है।
@DrMohanYadav51@udaypratapmp@narendramodi@dpradhanbjp@INCIndia@INCMP
#US12176
@udaypratapmp@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh अतिथि शिक्षकों को जो १८ वर्षों से निरन्तर कम मानदेय पर कार्यरत हैं और RTE ACT के अनुसार mp TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण हैं कम से कम उन्हें हरियाणा छत्तीसगढ़ कि तर्ज़ पर 12 माह और 62 वर्ष सेवा अनुबंध लागू किया जाए @CMMadhyaPradesh@UmangSinghar @OfficeOfKNath
@udaypratapmp@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh अतिथि शिक्षकों को जो १८ वर्षों से निरन्तर कम मानदेय पर कार्यरत हैं और RTE ACT के अनुसार mp TET और शिक्षक चयन परीक्षा दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण हैं कम से कम उन्हें हरियाणा छत्तीसगढ़ कि तर्ज़ पर 12 माह और 62 वर्ष सेवा अनुबंध लागू किया जाए @CMMadhyaPradesh@UmangSinghar @OfficeOfKNath