मुख्यमंत्री @samrat4bjp जांच करवाइए, उद्देश्य और अनुमति साफ कीजिए। अगर सही निकला तो कार्रवाई होनी चाहिए।
दरभंगा में डायल 112 की सरकारी गाड़ी कथित तौर पर घरेलू कामकाज के लिए घूम रही है। साथ में हेलमेट बिना बाइक चालक भी।
वीडियो वायरल होने के बाद सवाल उठ रहे हैं सरकारी संसाधन का निजी इस्तेमाल और नियम तोड़ना कब बंद होगा?
संतोष सिंह पत्रकार लिखते हैँ कि :-
"विश्वास मुझे खुद नहीं हो रहा है बिहार में इस स्तर का खेल चल रहा है,
कल एक जानकारी मुझे मिला की स्वास्थ्य विभाग 15 हजार में एक डस्टबिन खरीदा है!
खबर करने से पहले वाकाई में डस्टबिन और काला वाला पन्नी मिलता कितने में है!
1240 रुपया में डस्टबिन और 110 रुपया में एक बंडल पन्नी मैं हैरान रह गया पन्नी 95 रुपया पर पीस और 15.460 रुपया में एक ड्राम विभाग खरीदा है!
तीन सौ छह करोड़ का खरीदारी हुई है और भुगतान दवा खरीद वाले मद से किया गया है!
समझ से पड़े है भाई कहाँ 1500 सौ और कहाँ 15,000 बताइए बिहार के मेहनतकश जनता की गाढ़ी कमाई का किस स्तर पर लूट मचा है"
🚨 हेडलाइन: "जनसुनवाई या पब्लिसिटी? अलीगढ़ पुलिस की प्राथमिकता क्या है?"
🚨 माननीय @dgpup महोदय
यदि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पॉडकास्ट बन रहे हैं और उनका सोशल मीडिया प्रचार भी किया जा रहा है।
क्या अलीगढ़ में अपराध मुक्त हो गया या जनसुनवाई शिकायतों के निस्तारण के लिए समय नहीं है?
योगी जी की सरकार में पुलिस अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक वीडियो रील या पॉडकास्ट बनाने में सबसे ज्यादा समय सोशल मीडिया पर दे रहे हैं।
@myogiadityanath@UPGovt
यूपी में स्कूल जाने की खातिर एक अदद सड़क के मोहताज!!
भड़के जेन अल्फ़ा ने हमीरपुर के डीएम दफ़्तर पर धावा बोला!
अकबर, बाबर और औरंगज़ेब से लड़ते इस प्रदेश में आज भी असली लड़ाई एक अदद सड़क भर की है!!
1 ) आन्दोलन होते रहने चाहिए, वरना टीयर गैस के गोले ऐक्सपायर हो जाते हैं
2) टीयर गैस के गोलों की तारीख सही है, बस आन्दोलन देर से हुआ
3) सरकार को नए गोले ऑर्डर कर लेने चाहिए, क्योंकि जनता जाग चुकी है,
4) अगर मीडिया सरकारों की गुलामी नहीं करती तो ये पहले ही ईस्तेमाल हो जाते
5) कोरोना के चलते आंदोलन टल गया था, सरकार की कोई गलती नहीं है
6) बिहार सरकार के पास तो ऐक्सपायर वाले नहीं हैं, इसलिए बेचारे बच्चों को भगाने के लिए AK 47 चला देते हैं
चीन की राजधानी बीजिंग में सड़क के गढ्ढे दिखाकर भ्रष्टाचार की पोल खोलते स्कूली बच्चे।
फैक्ट चेक वाले इसे महाराष्ट्र के नासिक का बताकर वहां की भाजपा सरकार को बदनाम करेंगे।
"जब मोदी जी कह रहे हैं कि 20% इथेनॉल मिलाया जाएगा तो आंदोलन हो रहा है कि इथेनॉल नहीं चलेगा शुद्ध पेट्रोल चलेगा"
"शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के यहां से आएगा जब देश में शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं"
ये कहना है मध्य प्रदेश के रीवा से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा का।
रस्सी जल गई, लेकिन ऐंठ नहीं गई।
आगरा की सड़कों पर एक स्टंट और रील के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डालते हुए एक्सीडेंट कर दिया।
व्यस्त सड़क पर तेज़ रफ्तार में घोड़ा दौड़ाना गैर-जिम्मेदाराना हरकत है
ऐसे मामलों में आगरा पुलिस को सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पशु के सा थजो लापरवाही हुई है उसकी FIR दर्ज होनी चाहिए।
#ViralVideo #HorseRiding #RoadSafety
कानपुर के लोहिया चौराहे पर एक बुजुर्ग स्कूटी से अपनी बेटी की दवा लेकर जा रहे थे। ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। गाड़ी No एंट्री में भी नहीं थी, फिर भी लगभग डेढ़ घंटे तक खड़ा रखा।
जबरन 2000 से 5000 रुपये तक की वसूली की कोशिश की। धमकी दी कि गाड़ी सीज कर देंगे। बुजुर्ग गिरगड़ाते रहे – कहाँ से लाऊँ इतना पैसा.? आखिरकार 2000 रुपये में बात बनी।
ये कैसी ट्रैफिक पुलिस है जो बुजुर्ग बाप को भी नहीं छोड़ती.?
वहां पर मौजूद एक व्यक्ति ने विडियो बना कर सारी पोल खोल दी पुलिस की।
पूरा यूपी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट ठाकुर के राज और भाजपा की सरकार में वसूली का सॉफ्ट टारगेट बन गया है
मुख्यमंत्री बिष्ट जी अपने अधीनस्थ पुलिस, STF और GST, कस्टम, वित्त विभाग तथा परिवहन विभाग के अफसरों का इस्तेमाल करके जबरदस्त वसूली का सिंडिकेट चला रहे हैं
पूरे यूपी के तमाम जिलों जिलों में ये वसूली सिंडिकेट काम कर रहा है और बाकायदा इस सिंडिकेट गैंग गिरोह को सत्ता का संरक्षण है
जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट का असल जीरो का मतलब है किसी को बक्शा नहीं जाएगा, सबसे वसूली की जाएगी
इक बगल में चाँद होगा, इक बगल में रोटियाँ
इक बगल में नींद होगी, इक बगल में लोरियाँ
हम चाँद पे.....
हम चाँद पे रोटी की चादर डालकर सो जाएँगे
और नींद से....
और नींद से कह देंगे, "लोरी कल सुनाने आएँगे!
थैंक यू @itspiyushmishra जी।
अमन चोपड़ा को अब पता चल गया होगा कि, स्टूडियो में बैठकर जातिपात और हिंदू मुस्लिम करना कितना आसान होता है।
ग्राउंड रियलिटी में लोग इनके बारे में क्या सोचते हैं, उम्मीद है कुछ सीखेंगे।