@upesscprayagraj@upesscprayagraj की अध्यक्षा
यशोदा तुल्य डॉ. कीर्ति प���ंडेय जी से निवेदन है कि असिस्टेंट प्रोफेसर वि. सं. 51 परीक्षा पर बनी ऊहापोह की स्थिति को समाप्त करने का कष्ट करें।
आधा महीना बीता अभी तक उत्तर कुंजी नहीं आई
और न क्या किस स्तर की गड़बड़ी हुई स्पष्ट हुआ।
@myogiadityanath
असिस्टेंट प्रोफेसर को शिक्षण कार्य से वंचित करना उसकी बौद्धिक हत्या करने जैसा है इतने पर भी कोई शिक्षक किसी आयोग में बाबूगिरी करता है तो समझ लीजिए उसमें कोई मेधाशक्ति थी नहीं और वह स्वयं #बैजनाथपाल#विपिनयादव की तरह भर्ती हुआ होगा @myogiadityanath@myogioffice@upesscprayagraj
@upesscprayagraj की अध्यक्षा यशोदा तुल्य डॉ. कीर्ति पांडेय जी से निवेदन है कि राष्ट्र हित में असिस्टेंट प्रोफेसर वि.सं. 51 परीक्षा के विषय अतिशीघ्र उचित निर्णय लेने की कृपा करें।
बेईमानी से चयनित शिक्षक छात्रों के लिए अभिशाप होता है। @PMOIndia@narendramodi@myogiadityanath
@upesscprayagraj आयोग अध्यक्षा सुश्री कीर्ति पांडेय जी से निवेदन है कि आयोग अधिकारियों पर कड़ी नजर रखें क्योंकि पता नहीं कौन किस रास्ते से चयनित होकर आयोग में पहुँचा है। आज कोई भी शक से परे नहीं है। किसी पेपर में सेंध लगने पर परीक्षा रद्द करने में तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए
@myogiadityanath
@upesscprayagraj यह कोई आश्चर्य का विषय नहीं है कि पेपर बेचने में लिप्त आयोग से ही पूर्व विज्ञापनों में चयनित हैं।
भ्रष्टाचार से चयनित अब इसे आय का साधन बनाने में लगे हुए हैं।
परीक्षा की शुचिता भंग हो चुकी है।
अध्यक्षा महोदय से निवेदन है कि वह आयोग कर्मियों पर कतई भरोसा न करें।
हाल ही में उत्तर प्रदेश में आयोज��त हुई ��सिस्टेंट प्रोफ़ेसर भर्ती की परीक्षा में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मेरा विनम्र निवेदन है कि वे इस घटना का संज्ञान लें एवं निष्पक्ष जांच कराएं ताकि प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाएं शुचितापूर्ण संपन्न हो सकें।🙏🏻
@AshwiniVaishnaw@PMOIndia@narendramodi माननीय के संज्ञान में लाना है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के महत्वपूर्ण कार्यालयों का चार्ज ड्राइवर को देने की नौबत आ गयी और उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में केंद्रीय संचार ब्यूरो में अधिकारी नहीं हैं फिर योजनाओं का प्रचार प्रसार कैसे?