जब दूसरा व्यक्ति मेरे गढ़े शब्दों में ख़ुद को महसूस करता है तो मेरा लिखना सार्थक हो जाता है ।freelancer ceramic artist, writer, poetess, lyricist and narrator.
@Kavya_Ras#गुलाब
गुलाब की तरह
प्रिय के पास
जाने से पहले
अपने चालाकी रूपी
नुकिले कांटों को
सावधानी से निकाल देना
दूर से तो
कांटों के साथ भी
बहुत अच्छे लगोगे
लेकिन पास आने पर
बहुत ज़्यादा ही चुभोगे ।
स्वरचित एवं मौलिक
( ममता सिंह देवा )