खुद 5 चुनाव हारे और सिर्फ 2 चुनाव जीते थे ...इन्हीं से इनकी राजनीतिक हैसियत पता चल जाती है ।
दूसरे को CM बनाने का एहसान गिनाते हो तुम लोग ... इतनी ही ताकत थी तो खुद CM क्यों नहीं बने?
मुलायम जी की दरियादिली थी कि वो हमेशा बड़ों का सम्मान करते थे।
बाकी राजनीतिक तंज पर आओगे तो शिवपाल जी ने कुछ बोला था यूट्यूब पर सर्च करके देख लेना ।
मुलायम सिंह यादव को मान्यवर श्री कांशीराम साहेब पंचायत लेवल का आदमी कहते थे
मान्यवर श्री कांशीराम साहेब की सबसे बड़ी भूल
मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाना था..
मुलायम सिंह यादव को दूसरी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की सलाह भी मान्यवर साहेब ने दी थी, तो मुलायम सिंह यादव की पहचान हमारे मान्यवर कांशीराम साहेब की वजह से है,
अखिलेश जी के आसपास 5-6 ऐसे लोग हैं, जो उन्हें ज़मीनी हक़ीक़त बताने के बजाय ग़लत इनपुट देते हैं। रामगोपाल जी का भी चुनाव से पहले ऐसे बयान देना ठीक नहीं है, जिनका ख़ामियाज़ा पार्टी को भुगतना पड़े।
सम्मान की वजह से कोई खुलकर कुछ कहता नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर बयान सही है।
रामगोपाल जी से हाथ जोड़कर विनती है कि चुनाव तक थोड़ा संयम रखें। पश्चिम में भाटी जी ने मेहनत करके गुर्जर समाज के वोट जोड़ने का काम किया है। उनकी मेहनत पर पानी मत फेरिए। चुनाव के वक़्त एक ग़ैरज़रूरी बयान भी महीनों की मेहनत पर भारी पड़ सकता है।
हमारे देश के ITBP चीफ साहब कह रहे हैं कि चीन का मुकाबला पारंपरिक तरीकों से करना बेहद मुश्किल हो सकता है।
देश लोगों को अब यह सोचना चाहिए कि आखिर हमारी हालत यहाँ तक पहुँची कैसे...?
एक तरफ चीन की सैन्य ताकत और आधुनिक तकनीक के बलबूते हमें चुनौती दे रहा है ।
और हम हैं कि हिंदू-मुसलमान में उलझे हुए हैं।
किसी को हिंदू राष्ट्र बनाना है, किसी को भारत तोड़ना है, तो कोई कह कर रहा है कि RSS अपनी लाठी से ही चीन को पीट देगा!
अरे लफ्फेबाजी से उठकर सोचो ..
और चीन की चुनौतियों को गंभीरता से लेना शुरू करो ...वरना..
आगे कुछ लिख दूंगा तो देशद्रोही कहलाऊंगा ।
कभी चीन LAC पर घुसपैठ कर रहा है..
कभी अमेरिका करियर खत्म करने की धमकी दे रहा है,
कभी ईरान कुछ बोल रहा है, तो कभी पाकिस्तान कुछ भी बोलकर चला जा रहा है।
कभी दिल्ली में धमाका हो रहा है, कभी पहलगाम में आतंकी हमला हो जाता है, अभी तक मणिपुर जल रहा है।
हर बार तुम्हारी घिग्घी क्यों बंध जाती है? कहाँ चले जाते हैं 56 इंच वाले शूरवीर?
देश को सिर्फ भाषणों और जुमलों से ही चलाओगे या कुछ करोगे ?
खुद 5 चुनाव हारे और सिर्फ 2 चुनाव जीते थे ...इन्हीं से इनकी राजनीतिक हैसियत पता चल जाती है ।
दूसरे को CM बनाने का एहसान गिनाते हो तुम लोग ... इतनी ही ताकत थी तो खुद CM क्यों नहीं बने?
मुलायम जी की दरियादिली थी कि वो हमेशा बड़ों का सम्मान करते थे।
बाकी राजनीतिक तंज पर आओगे तो शिवपाल जी ने कुछ बोला था यूट्यूब पर सर्च करके देख लेना ।
मुलायम सिंह यादव को मान्यवर श्री कांशीराम साहेब पंचायत लेवल का आदमी कहते थे
मान्यवर श्री कांशीराम साहेब की सबसे बड़ी भूल
मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाना था..
मुलायम सिंह यादव को दूसरी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की सलाह भी मान्यवर साहेब ने दी थी, तो मुलायम सिंह यादव की पहचान हमारे मान्यवर कांशीराम साहेब की वजह से है,
भाजपाई....
हनुमान जी को अपनी रैली में नचवाते हो तुम लोग...
हनुमान जी से पैर छुवाते हो तुम लोग...
सीता माता के बारे में टेस्ट ट्यूब बेबी बोलते हो...
हनुमान जी को कभी दलित, कभी जाट, कभी आदिवासी बताते हो...
नारद मुनि को गूगल और महाभारत के संजय को लाइव टेलीकास्ट बताते हो...
महाभारत काल में इंटरनेट और सैटेलाइट होने का दावा करते हो...
मोदी को राम से बड़ा मानते हो...
और तुम्हें दूसरों को हिंदू-विरोधी कहना होता है...
प्रोफ़ेसर भाई ...
गोडसे भी आतंकवादी था...
और जिस तरह शरजील भारत तोड़ने की बात कर रहा हैं वो भी आतंकवादी है ।
आपने बहुत बार गोडसे को आतंकवादी बोला होगा उसका मैं भी समर्थन करता हूँ..
लेकिन क्या आप शरजील को आतंकवादी बोल पाओगे ?
Calling Sharjeel Imam a terrorist while glorifying Godse’s ideology raises serious questions about the consistency of one’s principles. Apply the same standards of justice to everyone.
बीजेपी के लोग आस्था और श्रद्धा ( दुबे ) के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं ।
अखिलेश यादव जी ने मुस्कुराकर तंज कसा ..
बहुत कम लोगों का ध्यान गया होगा ।
उन्होंने दो बार आस्था और श्रद्धा बोला ..
दूसरी बार में श्रद्धा बोलने के बाद कुछ सेकंड्स के लिए रुक गये और मुस्कुरा दिये ।😄
अभी सिर्फ कार,बाइक,ट्रक आदि से लिफ्ट माँगते हुए देखा होगा ...
जीवन में पहली बार पैदल चलते हुए इंसान को लिफ्ट माँगते हुए देख रहा हूँ।
भरोसा न हो तो पूरा वीडियो देखो 😄
712 ई. से 1947 तक बार-बार किसी न किसी के नीचे दबे रहे।
तो तुम लोग फर्जी का रियायत का रोना मत रोया करो ...तुमको अपनी गद्दी प्यारी थी, किला बचाना था और उसके बदले में अपनी बहन बेटियों की कितनी शादियाँ किये हो मुगलों से वो किसी से छिपा नहीं है।
मुग़लों को बहन बेटियां देने वाले 100 किलो के तलवार और मंत्र से आदमी भस्म करने की कहानियां सुना-सुना के मूंछ पर ताव देते हैं।
अरे जब अंग्रेजों, मुगलों, गजनवी आदि लोग आक्रमण कर रहे थे तो ये 100-200 किलो वाली तलवार अपनी गांव ने छिपा रखा था क्या ?