मैं अपने जीवन में नए लोगो से भागता हूँ क्युकी मैं नई यादे नहीं बनने देना चाहता, नई यादे मेरी पुरानी यादों का क़त्ल करती है और वो पुरानी यादे मेरा।
अब हम तीनो लाशों के शहर में बैठकर उसको भूलने की यादे बना रहे है।
उस दिन अख़बार में एक खबर छपी और लिखा था "प्रेम में हारे हुए लोगों ने बताया के सही और ग़लत के बीच हमेशा थोड़ा सही और थोड़ा गलत पड़ा रह जाता हैं और ठीक वही जनाजे उठते है रिश्तों के जिनकी मौत पर कंधे देने वाले आज आए नहीं!"