नेपाल से आई बाढ़ में ये अनोखी मछली भी पानी में बहकर बिहार में आ गई,
गाँव के लोगों ने कई बड़ी मछली पकड़ ली,
बिहार में मौजूद एक करोड़ यू ट्यूबर्स में से एक
यू ट्यूबर इस गाँव में आ पहुंचा,
और बड़ी मछली को देखकर बोला,
हई भयवा ई तो हवेल मछली जइसा है हवेल
जैसा जिसने जाना-माना
वैसे उसके अपने कान्हा
परमपूज्य श्री प्रेमानंद महाराज जी के आशीर्वाद से अभिसिंचित श्री विनीत नारायण जी की अप्रतिम पुस्तक ‘कान्हा का ब्रज’ ह�� सबके ‘पठन-पाठन-चिंतन’ को और समृद्ध करेगी।
उनकी इस उत्कृष्ट कृति के लिए हार्दिक बधाई और भविष्य के अनवरत लेखन व कृष्णमय सकारात्मक साहित्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ!
ट्रेन नंबर 22843 दिनांक 20 दिसंबर को लगभग 6+घंटे की अत्यधिक देरी से चल रही है!कृपया तत्क��ल स्थिति स्पष्ट करें और जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई कराएं।
टाटानगर छत्तीसगढ़ के तरफ जाने और आने वाली सभी लेट क्यों चलती हैं
@RailwaySeva @RailMinIndia @serailwaykol @AshwiniVaishnaw
ट्रेन नंबर 22843 दिनांक 20 दिसंबर को लगभग 6+घंटे की अत्यधिक देरी से चल रही है!कृपया तत्काल स्थिति स्पष्ट करें और जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई कराएं।
टाटानगर छत्तीसगढ़ के तरफ जाने और आने वाली सभी लेट क्यों चलती हैं
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‘PDA’ मंजिल है और ‘Vision India :’ रास्���ा।
PDA का उत्थान और empowerment करना ही हमारा बड़ा लक्ष्य है, जिसके लिए Vision India नयी सोच से, नये रास्ते तैयार करेगा। इसी से NEO INDIA बनेगा।
NEO INDIA का मतलब Scientific सोच पर आधारित एक ऐसे Positive, Progressive, Inclusive और इंसानियत से भरे इंसाफ़ पसंद INDIA से है जिसमें PDA का शोषण और उत्पीड़न नहीं होगा, न ही कोई भेदभाव होगा।
जब VISION INDIA के नये Plan से 90% समाज empowered होगा तो देश अपने आप Develop होगा और Ascent भी करेगा मतलब ऊपर की ओर बढ़ेगा… तभी NEO INDIA बनेगा।
NEO INDIA में सब जुडेंगे, सब बढ़ेंगे!
जो पत्रकार अपनी ज़मीनी समझ के लिए समझे जाते हैं और जो सतह के नीचे की अंदरूनी बातों को ऊपर लाने का काम करते हैं उनकी पत्रकारिता सराहनीय है। उन पत्रकारों से ये भी उम्मीद है कि वे केवल सतह के नीचे की ही बात सामने न लाएं बल्कि जो सबके सामने सरेआम, दिनदहाड़े घटित हो रही हैं, उन बातों पर भी बिना डरे बोलें, रील्स बनाएं, स्टोरी व प्रोग्राम करें, जिससे उनकी दायित्व से भरी, सच्ची और ईमानदार पत्रकारिता, शोषित, वंचित, प्रताड़ित जनता के पक्ष में, सच में जनहित के साथ खड़ी दिखाई दे और उन भ्रष्ट पत्रकारों से अलग लगे जो धनहित में ‘जिसका दाना, उसका गाना’ वाले फार्मूले पर काम कर रहे हैं।
सरेआम दिख रहे, ऐसे कुछ विषय हैं:
⁃फ़र्ज़ी मुठभेड़ या फ़ेक एनकाउंटर
⁃बुलडोज़र की नाइंसाफ़ी
⁃ज़मीनों पर हो रहे क़ब्ज़े
⁃अवैध खनन व वन कटाई
⁃हर काम में बढ़ रहा भ्रष्टाचार
⁃हिरासत में हो रही मौतें
⁃निवेश में माँगा जा रहा कमीशन
⁃लाखों प्रतिदिन कम��� रहे थाने
⁃झूठे दावों का बेशर्म प्रचार
⁃संविधान को मिटाने का षड्यंत्र
⁃आरक्षण को ख़त्म करने की चालबाज़ी
⁃भर्ती-नौकरी को ख़त्म करने की साज़िश
⁃खुलेआम साम्प्रदायिक भाषणबाज़ी
⁃चुनावी प्रक्रिया की धांधली
⁃पैसे बाँटकर लड़ा जा रहा चुनाव
⁃पीडीए पर लगातार बढ़ रहे अत्याचार