यूजीसी एक्ट 2026 को लागू करवाने के लिए जिस प्रकार बहुजन समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, यह सामाजिक जागरूकता और अधिकारों के प्रति सजगता का मजबूत संदेश है। शांतिपूर्ण एकजुटता ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
UGC एक्ट का विरोध न तो कोई मुसलमान कर रहा है, न कोई ईसाई और न ही कोई बौद्ध समुदाय इससे विचलित दिखाई देता है। इसका सीधा कारण है कि ये समुदाय शिक्षा को बराबरी और सम्मान का माध्यम मानते हैं, न कि वर्चस्व बनाए रखने का औज़ार। UGC के खिलाफ उठने वाली आवाज़ें दरअसल उन्हीं वर्गों से आ रही हैं जिनकी सत्ता और विशेषाधिकार सामाजिक न्याय से हिलते नज़र आते ह���ं। यह विरोध किसी अकादमिक चिंता का नहीं, बल्कि उस मानसिक असहजता का परिणाम है जो बहुजन समाज के सशक्त होने से पैदा होती है।
ये तस्वीर महाराष्ट्र के पालघर की है, जहां 50,000 से ज़्यादा किसान, आदिवासी और मछुआरे अपने हक़ के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। FRA–PESA लागू करने, मनरेगा बहाल करने और वधावन पोर्ट परियोजना के खिलाफ यह अनुशासित आंदोलन साफ़ संदेश देता है कि हक़ मांगने से नहीं, लड़ने से मिलते हैं।
अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए मैंने हमारे सामाजिक संगठन ट्राइबल आर्मी के कार्यकर्ताओं साथ 6 माह पहले ही आंदोलन श��रू कर दिया था। मैं प्रकृति और पर्यावरण को लेकर दीर्घकालीन सोच रखता हूँ। इस काम के बदले न कोई बड़ा पुरस्कार चाहिए, न ही वोट। यह प्रचार नहीं, मेरी ज़िम्मेदारी है। #SaveAravalli
सोनम वांगचुक याद है कि भूल गए ?
आज ये आदमी सच बोलने के जुर्म में पिछले 85 दिनों से जेल में बंद हैं !
सोनम वांगचुक अगर किसी और देश में पैदा हुए होते, तो अपने किए हुए आविष्कारों की बदौलत आज अरबपति होते , लेकिन इस तानाशाह सरकार ने जेल में डाल रखा हैं!
घमंडी ���रकार होश में आओ , सोनम वांगचुक को जल्द से जल्द रिहा करों !
आप���ी मेहनत रंग ला रही है।
करीब 40k लोगों के पिटिशन भर दी है।
यदि ये संख्या सोमवार तक 50k हो गई तो सोमवार को इसका रिकॉर्ड देश और विदेश के सभी जिम्मेदार विभागों तक पहुंचा दिया जाएगा।🙏
#Aravali #SaveAravali
बच्चे मन के सच्चे....... बीजेपी हटाओ..... साफ है देश की आवाज है,
आज की सत्ता ने क्या दिन दिखा दिया है --
सबकी जिम्मेदारी अपनी आने वाली सांसों की और स्वच्छ जल, आपदा से सुरक्षित रहने की
आवाज दो.....
बीजेपी हटाओ..... पर���वत बचाओ..... जंगल बचाओ
અરવલ્લીના અસ્તિત્વનો અંત? 🏔️
દુનિયાની સૌથી જૂની પર્વતમાળા, અરવલ્લી, આ��ે કુદરતી આપત્તિથી નહીં પણ એક 'વ્યાખ્યા'ના ફેરફારથી અસ્તિત્વની લડાઈ લડી રહી છે.
જા��ો કેવી રીતે એક નાનકડો ફેરફાર કરોડો લોકોના જીવન પર જોખમ ઊભું કરી શકે છે.
સુપ્રિમ કોર્ટ દ્વારા સ્વીકારાયેલ તાજેતરના નવા માપદંડ મુજબ, જે ભૂભાગ તેની આસપાસની જમીનથી ઓછામાં ઓછો 100 મીટર ઊંચો હશે, તેને જ હવે 'અરવલ્લી' ગણવામાં આવશે.
પરિણામ - અરવલ્લીનો 92% હિસ્સો વ્યાખ્યામાંથી બહાર થઈ જશે.
ખતરો - આ 92% વિસ્તાર હવે ખાણકામ, બાંધકામ અને ઉદ્યોગો માટે 'કાયદેસર' ખુલ્લો મુકાશે.
આંકડો - 34 જિલ્લામાંથી ઘટીને હવે આ પર્વતમાળા માત્ર 15 જિલ્લા પૂરતી સીમિત રહી જશે.
અરવલ્લી દિલ્હી-NCR માટે 'નેચરલ એર પ્યુરિફાયર' છે. તે રણની ધૂળ રોકે છે. જો પહાડો કપાશે, તો દિલ્હીનો AQI જે અત્યારે 500-600 છે, તે 1200ને પાર કરી શકે છે.
અરવલ્લી એક મજબૂત દીવાલ છે જે થારના રણને પૂર્વ તરફ વધતું અટકાવે છે. પર્વતો હટતા જ રણનું વિસ્તરણ (Desertification) થશે. ખેતીલાયક જમીન ઉજ્જડ બનશે અને પીવાના પાણીના સ્ત્રોત સુકાઈ જશે.
#SaveAravalli #SaveAravaliHills
एक पेड़ माँ के नाम…..!!!
बाक़ी पूरा जंगल अपुन का….!!!
100 मीटर से ऊँचे पहाड़ अरावली के नाम…!!
बाक़ी सारे पहाड़ अपुन के….!!!
वाह मोदी जी वाह….👌
#SaveAravalli#अरावली_बचाओ
यह मेरे सपोटरा–करौली डांग क्षेत्र की अरावली पर्वत माला है। जहाँ करीब 50 लाख पेड़ आज भी जीवन की साँसें बचाए हुए हैं। इन्हें बचाना सिर��फ़ पर्यावरण का नहीं, हमारे भविष्य का सवाल है। #SaveAravalli
आज भाजपा सरकार प्रदूषण के लिए माफ़ी माँग रही है ।
मगर ये वो फ़्रॉड लोग हैं जिन्होंने सरकार बनने के एक महीने बाद ही साफ़ हवा के दावे करने शुरू कर दिए ।
इन्���ें लगा AQI के डेटा में फर्ज़ीवाड़ा करके सारे देश को बेवकूफ बना देंगे ।
આ મહિલા વાહન ચાલકને કારણે અમદાવાદની #અતુલ્ય_પોલીસ એ ટ્રાફિક નિયમન કરતા એક કર્મચારી સસ્પેન્ડ કર્યો છે. દરેક ઘટનામા સિક્કાની બીજુ બાજુ પણ હોય છે. મહિલા વાહન ચાલક પહેલા પણ ટ્રાફિક પોલીસ સાથે માથાકૂટ કરતા રહ્યા છે. તે��ના માટે આ પહેલીવાર નહોતુ પણ અમદાવાદ શહેર પોલીસ કમિશનર માટે.....