अब किससे न्याय की उम्मीद करेगा ���म आदमी
ये दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्णकांता जी शर्मा है
ये खुलकर कहती है में जब भी आरएसएस के कार्यक्रम में जाती हूं मेरा प्रमोशन हो जाता है
अब समझे क्यु एसआईआर पर बिहार से लेकर बंगाल तक सिर्फ सुनवाई तक बात रही चुनाव खत्म सुनवाई खत्म
मतलब साफ़ है सारे कोर्ट सरकार के इशारों पर चल रहे हैं।। इनके दोनों बच्चे वकील है सुनने में आया है कि उन्हें सेंकड़ों केस मिले है इन दिनों
कोई नहीं आप हिन्दू मुस्लिम धर्म जात पात में अपना वक़्त देते रहे बाकी काम इन्हें मिल ही जाता है
#MKStalinComingAgain
#WorldEarthDay
मुझे गाली दीजिए, खूब गाली दीजिए
प��� इस मां बाप का दर्द तो समझिए
पिता के सामने बेटी से रेप कर हत्या कर दिया
किसी का खून नहीं खौला? कोई आंसू पोंछने भी
नहीं पहुंचे!पटना से महज 70 KM दूर इनका दर्द
नहीं दिखा। बस AC कक्ष में प्रेस कांफ्रेंस में
गाली देना सत्ताधारी का काम बचा है।
Z प्लस सुरक्षा के अंतर्गत करीब 50 लाख रुपये इनपर हर महीने खर्च किया जा रहा है
न तो ये विधायक है
न सांसद है
न मंत्री है
फिर इनकी सुरक्षा में हर महीने जनता का लाखों रुपया क्यों फूंका जा रहा है
RSS के पास हजारों करोड़ रुपए है इसलिए उसे मोहन भागवत की सुरक्षा का खर्च उठाना चाहिए
जघन्य अपराध करनेवाले, अपराध से बचने के लिए उम्र बदलनेवाले, व���चारहीन-सिद्धांतहीन होकर दल पर दल बदलनेवाले, किसीको छल से हटानेवाले, भ्रष्टाचार के शिरोमणि कहलानेवाले बिहार के मुख्यमंत्री क्यों बनें?
जिस कुमार विश्वास के समाजवादी लोग इतने मुरीद हुए जा रहे हैँ,
उसकी सच्चाई भी जान लीजिए,
पांच या छह साल पहले मेरे एक कॉमेंट पर
कुमार विश्वास ने रिप्लाई में ये जवाब दिया था,
इस रिप्लाई पर जब विवाद बढ़ा, आलोचना और रेलाई हुई,
तो कुमार विश्वास ने एडिट करके आखिर में
(रुचिका एडमिन ) जोड़ दिया,
और अपने बचाव में बहाना बनाया कि मेरा पेज ऑपरेट करने वाले ने लिखा था,
साईकिल पर चढ़कर राज्यसभा कैंटीन का रायता तो ना पीने दूंगा कवि को,
आदरणीय सुषमा खरकवाल जी,
भारतीय जनता पार्टी
मेयर, लखनऊ
आप ���ृपया अपनी राजनीतिक मजबूरीवश मेरी दिवंगत माँ का नाम लेकर एक महिला के रूप में एक अन्य महिला का अपमान न करें। नारी के सम्मान में आपसे बस इतना आग्रह है।
यदि आपके घर में कोई बड़े-बुजुर्ग हों या बच्चे तो उनसे पूछ लीजिए कि आपका ये अति निंदनीय द्वेषपूर्ण बयान उचित है या नहीं। बाक़ी आप स्वयं एक महिला हैं। महिला ही जब महिला का अपमान करेगी तो कौन आपको नैतिक रूप से सही कहेगा।
भारतीय समाज में कभी ��ी, किसी की भी माँ का अपमान स्वीकार्य नहीं है। आपका राजनीतिक भविष्य उज्ज्वल होता अगर आप उसे नैतिक मानकों पर इतना नीचे न ले जातीं, आज आपके समर्थक भी शर्मिंदा हैं। जिनको प्रभावित करने के लिए आप अपना स्तर गिरा रही हैं, वो किसी के भी सगे नहीं हैं। आप अपना स्तर बनाए रखें और संतुलन भी।
मैं आपसे किसी क्षमा की भी अपेक्षा नहीं रखता हूँ और न ही ऐसा कहने के बाद क्षमा के कोई
मायने रह जाते हैं। आपका अकेले मे��� बैठकर जो पछतावा होगा, हमारे लिए इतना ही बहुत है।
सादर
आपका भाई
अखिलेश
भारत में महिला आयोग है क्या ?
राज्यों के महिला आयोग का तो पता नहीं ?
कम से कम महिला संगठन ही महिलाओं की अस्मिता की सुरक्षा के लिए आवाज उठानी होंगी और सुप्रीम कोर्ट में जाना होगा क्योंकि हम अपनी परेशानी किससे बताएं?
कभी मणिपुर
कभी बिहार
देश की न्यायपालिका के न्यायधीश (जज साहब) आप स्वतः संज्ञान लेंगे, या जब बेटियां मर जाएंगी तब!
खून खौल रहा है,थू है बिहार के डबल ट्रिपल सरकार पर उसके सिस्टम पर नामर्द!
नालंदा बिहार में आदमखोर का खूनी खेल! 😡 इस दरिंदे को फाँसी कम होगी समाज के हौसले तोड़ने वालों को जीने का हक नहीं!
बेटी बचाओ दरिंदो से... 🥹