🚨 SHOCKING! X has reportedly BANNED the account of organisers behind RSS Chief Mohan Bhagwat’s upcoming New York event. 🤯
First Meta restricted PM Modi’s post. Now this.
=> India’s global rise has clearly left the anti-Modi ecosystem rattled. 🎯
RAKHI KO BRAND NAHI,
BOND CHAHIYE ❤️
Real Rakhi for a real relationship.
Say no to Chinese Rakhis
Is Raksha Bandhan, ek chhota sa sankalp lein—
Rakhi apni.
Karigar apna.
Desh apna.
Aur rishta… ♥️ dil se apna.
Vocal for Local 🇮🇳
https://t.co/SMXcd3U3d7
Avimukteshwaranand Saraswati -
"Rahul Gandhi is repeatedly insulting our Hindu religious texts. This is absolutely wrong. If he continues to do this and does not apologise, then we will run a campaign against Congress. We will urge Hindus to reject the Congress Party and never vote for it"
When every second counts, firefighting can’t wait for traffic.
Assam’s new Motorcycle Firefighters are built to reach where fire tenders can’t- faster, smarter and equipped to tackle emergencies on priority.
@FnESAssam
लाखों दर्शकों से कहता हूँ, जाकर कोई फैक्ट-चेक करे। 1896 के कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसकी अध्यक्षता मुस्लिम नेता रहमतुल्लाह अहमद सयानी ने की।
वहाँ से लेकर 1923 तक कभी कोई आपत्ति नहीं हुई। 1923 के अधिवेशन में तो उस ��मय मोहम्मद अली जौहर ने उसकी अध्यक्षता की थी उन्होंने आपत्ति की फिर भी पूरा गाया। झूठ बोलते हैं ये लोग।
मैं पूछना चाहता हूँ, 1896 से 1937 तक हर बार कांग्रेस पूरा गा रही थी, तो 1937 में क्या हुआ जो काट दिया?
मुस्लिम लीग और जिन्ना ने कहा कि आपको यह वंदे मातरम् काटना पड़ेगा, आप एक के बाद एक सरेंडर कर रहे थे। 1905 में बंग-भंग के बाद उस समय सारे हिंदू-मुसलमान एक होकर वंदे मातरम् गाते थे, मगर ये कट्टरपंथियों के आग�� झुक गए।
1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र माँग लिया। फिर उनकी हिम्मत और बढ़ी।
फिर 1920 में इन्होंने कहा,
टर्की का खलीफा हट गया है, तो अब हम टर्की के खलीफा के लिए आंदोलन करेंगे और महात्मा गा��धी ने अली का समर्थन किया।
उनकी हिम्मत और बढ़ गई। उसके बाद जिन्ना ने कहा, मैं महात्मा गांधी को महात्मा नहीं बोलूँगा। इसलिए हर फिल्म में मिस्टर गांधी बोलता है।
फिर उसने कहा, मैं वंदे मातरम् नहीं गाऊँगा और मैं इनको बताना चाहता हूँ, कोई दर्शक जाकर चेक करे।
6 अप्रैल 1938 को नेहरू को जिन्ना ने एक लेटर लिखा और Selected Works of Jawaharlal Nehru, Series One, Volume 22, Page Number 230 से 239 में लिखा है। क्या शर्मनाक लेटर लिखा है। लिखते हैं, हमने वंद��� मातरम् हटा दिया है। पॉइंट नंबर नौ पर। फिर उसके बाद लिखते हैं, पॉइंट नंबर 12 पर, अगर आपको तिरंगे से आपत्ति है, तो हम मुस्लिम लीग के भी झंडे को बराबर सम्मान देने को तैयार हैं। और पॉइंट नंबर सात पर लिखते हैं, मुसलमानों को सरेआम गोहत्या करने का अधिकार होगा। क्या गजब का सरेंडर किया नेहरू ने।
अगर वंदे मातरम् में देवी का नाम आने से उसे गाना मुस्लिमों की आस्था के खिलाफ है…
तो क्या उस देवी का नाम हटवा देना हिंदुओं की आस्था के खिलाफ नहीं है?
ये किस तरह का Secularism?
JDU -
"Why Congress is objecting to 3rd and 4th stanza of Vande Mataram"
"The third stanza of Vande Mataram portrays Bharat Mata as a symbol of power, while the fourth stanza refers to Goddess Durga"
"Congress has no regard for patriotism or love for the nation. They only want to appease a particular section of society"
कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के Resolution को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है।
मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के ��िए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है।
इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश क�� आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।
आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के Resolution को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है।
गृहमंत्री श्री @AmitShah
मैं सिद्धि सिंह, विवेकानंद विद्या मंदिर सेक्टर 2 धुर्वा रांची की छात्रा हूं। मेरा कसूर मात्र इतना है कि स्कूल के द्वारा जबरन बढ़ाई जा रही फीस और सिलेबस का विरोध मेरे पिता के द्वारा किया गया, और इसकी शिकायत उपायुक्त रांची और स्कूल से किया गया। बदले में आज चार महीना बीत जान��� के बाद भी स्कूल ने मेरा एडमिशन नहीं लिया। जबकि मेरे द्वारा लगातार 2 - 3 महीने तक बकाया फीस अकाउंट में जमा करने के लिए स्कूल दौड़ लगाया गया, लेकिन मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के अलावा कोई निष्कर्ष नहीं निकला, इसकी शिकायत DC रांची, CBSE और अन्य सभी जगहों पर किया। लेकिन किसी ने भी मेरा साथ नहीं दिया, जबकि मेरे द्वारा DC रांची, DSE रांची, CBSE रांची के ही आदेशों का पालन किया जा रहा था।
अब मैं स्कूल नहीं जाती घर ���ें ही रहती हूं, सिस्टम में बैठे लोगों ने मिलकर मेरा भविष्य खराब कर दिया। माननीय उच्च न्यायालय झारखंड से अनुरोध है कि मुझे इंसाफ दिलाया जाए।
सिद्धि सिंह
छात्रा, विवेकानंद विद्या मंदिर सेक्टर 2 धुर्वा रांची।
वंदे मातरम् नरेन्द्र मोदी ने नहीं लिखा, न ही मोहन भागवत ने लिखा। वंदे मातरम् संघ का गीत नहीं।
बंकिम बाबू ने लिखा, स्वतंत्रता सेनानियों का उद्घोष बना।
मुस्लिम लीग के सामने सरेंडर करके कांग्रेस ने 1937 में इसे सेंसर कर दिया। आज भी कांग्रेस कह रही है कि मुस्लिम लीग के सरेंडर वाला वंदे मातरम् गाएंगे, स्वतंत्रता सेनानियों वाला नहीं। #DoTook
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मुहम्मद कैफ और सैफ ने टापरी वाले से चाय की डिमांड करी |
पिछला हिस��ब किताब या कुछ और कारणवश दुकानदार ने चाय देने से मना करा | 😡
तो दोनों मजहबी गुंडों ने ऑन कैमरा दुकान में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी | 😡
हिंदुओं हम बेशक इस टपरी वाले की मदद करने नहीं पहुंच सकते पर इस वीडियो को योगी महाराज तक जरूर पहुंचा सकते हैं | @myogioffice
दिमागी नक्सल वह है, जिसको...
- हाफिज़ में 'साहब' नज़र आता है,
- याकूब मेमन में 'ज्यूडिशियल किलिंग' नज़र आती है,
- ओसामा में 'जी' नज़र आता है,
- ज़ाकिर नाइक में 'शांति का मसीहा' नज़र आता है,
- इशरत जहाँ में 'बेटी' नज़र आती है,
- बुरहान वानी में 'भटका हुआ नौजवान' नज���र आता है,
-भारत के सेना प्रमुख में ‘सड़क छाप गुंडा’ नज़र आता है।