They are"Dimagi Naxal" or inko pehchanna jaruri hai. BJP’s “Hindu awakening” raised awareness, but also gave criminals a shield of religion. Some of these people might have become rapists, thieves anyway; BJP’s politics has instead given them the label of “protectors of Hinduism.
@myogiadityanath@yadavakhilesh@samajwadiparty यह ��िसी जाति के खिलाफ पोस्ट नहीं है।
यह उस सोच पर सवाल है जो इंसान की क्षमता को उसकी जाति और पारंपरिक पेशे से जोड़ देती है।
जाति के नाम पर वोट माँगना हो या जाति के हिसाब से मंत्रालय देना
यह सिर्फ संयोग नहीं
BJP की राजनीति में जाति की भूमिका इससे कहीं ज्यादा गहरी है।
उत्तर प्रद��श की BJP सरकार कितनी जातिवादी सोच रखती है?
इसे समझने के लिए सिर्फ भाषण मत सुनिए मंत्रियों की जातीय पृष्ठभूमि और उन्हें दिए गए ��िभाग देखिए।
ऐसा लगता है जैसे विभाग भी जाति के पारंपरिक पेशों के हिसाब से बाँटे गए हों।
🧵 @myogiadityanath @yadavakhilesh @samajwadiparty
@myogiadityanath@yadavakhilesh@samajwadiparty किसी की जाति उसके ज्ञान की सीमा तय नहीं करती।
अगर सरकार वास्तव में “सबका साथ, सबका विकास�� की बात करती है, तो मंत्रालयों का बंटवारा भी योग्यता, अनुभव और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर दिखाई देना चाहिए, सिर्फ जातीय सामाजिक समीकरणों के आधार पर नहीं।
अहीर सामंती थे,पर सामंतवाद का मतलब हमेशा सामाजिक घमंड नहीं होता।श्रीकृष्ण की परंपरा से जुड़े अहीरों में छुआछूत और ऊंचनीच की भावना अन्य सामंती जातियों की तुलना में कम थी।समाजवादी राजनीति ने इस प्रवृत्ति को और कमजोर किया इसलिए आज अहीर समाज सामाजिक समानता के मजबूत समर्थकों में गिना।
बृज धरती कै वीर अहीर राजा कुलचंद कौ याद करौ। जब महमूद गजनवी मथुरा पै च���़ आयौ, तौ कुलचंद अऊर उनकै अहीर सैनिकन नै आखिरी सांस तक रण लड़ौ। संख्या भले कम रही होय, पै साहस अऊर स्वाभिमान मैं कछू कमी न रही।
बृज की धरती आज भी उन वीरन की गाथा सुनाबै है। 🚩
#Mathura #Braj #Ahir #Yadav
जिस को मक्खी भी नहीं पूछती थी, आज भाजपा के पिल्ले उसको जाटों का नेता बना रहे। जब जाट बहनों की इज्ज़त पर बात आई तब ये चवन्नी पलट गई उस तरफ जिसने उनकी इज्जत लूटने की कोशिश की।
जो बात का नहीं वो जाट का नहीं कहने वाले प��� पल पर पलटने वाले को बाप बना रहे।
न अखिलेश यादव ने
> जाटों के
> चरण सिंह
के बारे में कुछ कहा, फिर भी इसे चरण सिंह और जाटों से जोड़ रहे।
जो जाट इसे खुद से जोड़ रहे वे अपने असली जाट पिता को छोड़ चवन्नी को पिता बना चुके हैं।
और 90% जाट नहीं बीजेपी के पिल्ले हैं।