सर्दी, गर्मी या फिर बारिश, सब कुछ ही वे सहते हैं,
आसमान पर नज़र हमेशा, वे आंधी तूफान सब सहते हैं,
खेतों में हरियाली आए, दिन और रात लगे रहते हैं,
मेहनत कर वे अन्न उगाते, पेट सभी का भरते हैं,
वो है मसीहा मे���नत का, उसको किसान हम कहते हैं।
राष्ट्रीय किसान दिवस की शुभकामनाएं!