BJP वालों ने सारी हदें पार कर दी हैं,
झारखण्ड में SIR प्रकिया के दौरान मुस्लिम बहुल क्षेत्र में BJP कार्यकर्त्ता पर आरोप है कि फॉर्म 7 के ज़रिये 200 मुस्लिम वोटरों के नाम लिस्ट से हटाने कि तैयारी थी। जब उन्हें पकड़ा गया तो उसने BJP के बड़े नेताओं के नाम लिए और उनपर ऐसे ही कई बूथ पर फॉर्म भेजने का आरोप लगाया।
क्या इस देश में अब मुसलमान पत्रकार होना भी जुर्म हो गया है?
एक महिला पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय और कंडेमनेबल है।
धर्म के नाम पर भेदभाव बंद करो। ��त्रकारिता को डराने की कोशिश मत करो।
#FreedomOfPress #StopDiscrimination
रात के तीन बजे तक दिल्ली के साकेत पुलिस स्टेशन में लोग FIR दर्ज करने की मांग करते रहे, लेकिन पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ न तो FIR दर्ज हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
Huda Zariwala और दूसरे साथियों ने पूरी कोशिश की। लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। शाहीन खान और नफीसा खान के साथ मारपीट करने वाले आरोप��यों पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
CJP पहले पार्ट में हम चलाए थे ये कड़ा, खून से नहला दिए थे। नीले कबूतर को लाल कर दिए थे।
CJP 2 में ह��� करेंगे बेल्ट ट्रीटमेंट और भी ट्रीटमेंट, कट्टा ट्रीटमेंट भी करेंगे।
मोदी शाह के लंपट पुत्र और कपिल चिराग के छोटे भाई बताएं कि ये ऐसे ही आएंगे या दिल्ली पुलिस की वर्दी में आएंगे?
��ंतर मंतर प्रदर्शन में गंभीर जुर्मों के 25 आरोपी जेल से वहाँ कैसे पहुंच गए?
क्या चेहरा पहचानने वाला दिल्ली पुलिस का software गड़बड़ है, जबकि उसका इस्तेमाल हर जगह हो रहा है?
या जघन्य अपराधियों और गुंडों को जानबूझकर प्रदर्शन स्थल पर अराजकता और हिंसा फैलाने के लिए लाया गया?
4 PM न्यूज की पत्रकार शाहीन को मिला कांग्रेस का साथ ,
दिल्ली कांग्रेस अल्पसंख्यक के स्टेट चेयरमैन वाहिद क़ुरैशी , महमूद ख़ान , लीगल सेल इंचार्ज एडवोकेट रईस फ़ारूक़ी सहित कई नेता साकेत थाने में पत्रकार शाहीन के साथ मौजूद रहे और शाहीन को हिम्मत देते रहे ,
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता न्यायमंत्री कपिल मिश्रा और उनके पाले हुए सत्तापोशित गुंडे Delhi Police ।
अब डरने की जरूरत नहीं है दिल्ली पुलिस ने जो बर्बरता पत्रकार शाहीन और उनके साथी के साथ किया है उसका हिसाब देना पड़ेगा।
पूरा देश पत्रकार शाहीन के साथ है ✊
शाहीन खान नाम बताया… फिर कमरे में ले जाकर मारा गया?
मोदी जी, क्या सारे मुसलमानों को 4PM के दफ्तर से निकाल दूं?
देश में क्या कोई मुसलमान पत्रकार नहीं बने?
क्या सारे मुसलमानों को देश छोड़ देना चाहिए?
- @Editor_SanjayS
इसने @iChiragPaswan चिराग पासवान को अपना बड़ा भाई कहा है,भाई कहना गलत नहीं है
लेकिन चिराग पासवान का संबंध ऐसे गुंडे मवाली के साथ है ये जानकर बहुत दुःख हुआ
क्यों की श्री रामविलास पासवान जी बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार मे जरूर रहे, लेकिन उन्होंने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किये,
इसके बयान से तो यही लगता है की चिराग की सोंच इन जैसों से मिलती है तब ही ऐसे लोगो से उनकी संबंध है,
क्या कहते हो चिराग समर्थकों
कमेंट मे जवाब दो
एक दलित बेटी के दलित पिता का सरेआम सर फोड़ने और उस सर फोड़ने की घटना को उत्साहित होकर सार्वजनिक रूप ��े मीडिया में स्वीकारने और फिर से करने की स्वीकारोक्ति कहां से आई है इस भाजपाई गुंडे को? पता है आपको?
भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता, गुंडा और अपराधी भाजपाई मानसिकता से इसे ये ताकत मिली है
किस तरह से ये हर्ष भारद्वाज नामक अपराधी खुलकर, चैलेंज देकर ऐसी बात कह रहा है कि ये इस लड़की के साथ दोबारा फिर से कुछ घटना कर सकता है
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान को कमजोर करने और संविधान को खत्म करने ���ा भाजपाई उदाहरण सामने है
ये सिर्फ एक स्वीकारोक्ति नहीं बल्कि चैलेंज है देश के दलितों पिछड़ों को भाजपा का, भाजपाइयों का कि PDA को ये भाजपाई इस देश में सांस लेने लायक भी नहीं समझते हैं
देश के दलित पिछड़ा PDA को भाजपा और भाजपाई बहुत बहका चुके, बहुत वोट ले चुके, अब सिर्फ और सिर्फ 12 साल की भाजपा सरकार का हिसाब देना होगा, संविधान और दलित पिछड़ों के खिलाफ जो स���ज़िश इन भाजपाइयों ने की है उसका हिसाब देना होगा
भाजपा एक्सपोज हो चुकी है
दिल्ली से लेकर यूपी और यूपी से लेकर हर भाजपा शासित सरकार में दलितों पिछड़ों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और साजिश तथा संविधान की अवहेलना को देश देख रहा है
स्वतंत्र भारद्वाज देख, ये होता है
"एक व्यक्ति (स्वतंत्र भारद्वाज) ने कई राजनेताओं के साथ-साथ मेरे भी नाम का गलत ���स्तेमाल करने का काम किया है. ऐसे में मैंने उसके खिलाफ अधिकृत शिकायत की ��ै."
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
What are these horrifying visuals coming out of a Delhi police station?
Women journalists being beaten and thrashed for asking questions about the Delhi CM.
And when the police allegedly discovered that one of these journalists was Muslim, the assault intensified.
Is this a democracy - or a police state?
Utterly reprehensible.