"जब जब मोदी डरता है, हिंदू मुस्लिम करता है"
वाह, बस यही समझने की देर थी। सुकून है कि देश के युवा BJP-RSS की विभाजनकारी साज़िश को समझना शुरू कर चुके हैं।
बस इसका इंतज़ार का है कि पूरा देश ये साज़िश भरा खेल समझ जाए।
“सच्चा न्यूज़ दिखाना मैडम प्लीज़”
जब एक पीड़ित जिसे बुरी तरह मारा गया उसे आकर मुझसे, एक पत्रकार से, ये अपील करनी पड़े तो सभी पत्रकारों को चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए।
लेकिन शर्म उन्हें अब भी नहीं आएगी जिन्होंने जनता के मन में इतना अविश्वास पैदा कर दिया है। ज़िम्मेदारी लेने की बजाय दूसरों पर दहाड़ रहे हैं। शर्म कर लो थोड़ी
Indian police deployed water cannons in Raipur as the social media-driven Cockroach Janta Party movement led nationwide student protests demanding the resignation of the education minister and reforms over examination scandals.
जंतर मंतर पर सबसे चर्चित भाषणों में से एक।
23 दिनों तक भूख हड़ताल पर र��ी आइसा नेता नेहा ने कहा कि मार्च के दौरान हम शांति से बैठे थे क्यों भूख हड़ताल के बाद चलने लायक स्थिति नहीं थी तो पुलिस ने उनकी तरफ आंसू गैस का गोला मारा। "छात्रों के शरीर पर ��ड़े निशान बताएंगे कि 'आतंक' क्या होता है... संसद तक अपनी मांगें लेकर पहुंचे तो हमारे सिर फोड़ दिए गए, इसे याद रखा जाएगा।"
आंदोलन के बीच उनका यह भाषण प्रदर्शनकारियों में जोश भरता नजर आया। #JantarMantar
Videos emerge showing police using increasingly violent methods to stop India’s student protest movement in the capital New Delhi.
More than 100 students have reportedly been injured, amid claims some were hit by pellet guns.
India’s “Cockroach” movement is turning into a major challenge for Prime Minister Narendra Modi’s government. A youth-led campaign that began online has now brought thousands of students onto the streets of New Delhi, demanding the resignation of education minister over the NEET exam paper leak. Darshan Dalal reports.
गृह मंत्रालय ने 19 जुलाई से तीन महीने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA), 1980 के तहत हिरासत में लेने की शक्तियां दी हैं। इस पर AIMIM के अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी साहब कहते हैं, "प्रधानमंत्री एक बात कहते हैं, लेकिन आज उनकी सरकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को NSA के तहत लोगों को 12 महीने तक हिरासत में रखने का अधिकार दे दिया है। क्या जंतर-मंतर पर हो रहा विरोध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है? दे��� की लगभग आधी आबादी 25 साल से कम उम्र की है। ये युवा, जिनका भविष्य बर्बाद हो चुका है, अपने अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताती है और उन पर NSA लगाना चाहती है। एक तरफ सरकार स्पेशल कोर्ट की बात करती है; दूसरी तरफ, वह बिना कारण बताए प्रदर्शनकारियों को NSA के तहत 12 महीने तक हिरासत में रखना चाहती है। यह विरोध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा कैसे है? सरकार ने स��थिति को पूरी तरह से गलत तरीके से संभाला है, और इसकी जिम्मेदारी उसी की है।"
दिल्ली पुलिस, मोदी-शाह की हुकूमत तो सुने ही, आम युवाओं! ये भाषण आपको ज़रूर सुनना चाहिए. इस आंदोलन में 23 दिन तक अनशन पर बैठी @neha_aisa का ये भाषण इस मोड़ पर बहुत ज़रूरी हस्तक्षेप है.
On July 20, tens of thousands of protesters attempted to march to India's parliament to demand the resignation of the education minister. During these protests, scores of people were injured and many were detained.
Authorities should investigate alleged use of unlawful and excessive force, including against peaceful protesters.
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