युवाओं के आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री को गाली दिए जाने का मामला सुर्खियों में है। पुलिस उन युवाओं की तलाश कर रही है जिन्होंने आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर गालियों के साथ टिप्पणी की थी। ठीक है! सभ्य समाज में गाली की कोई जगह नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि यह इतना सलेक्टिव क्यों है? सत्ताधारी दल के अनुषांगिक संगठनों के जॉम्बीज़ के लिए यह गुस्सा क्यों नहीं?
ये वीडियो इसी साल फरवरी का है। दिल्ली के एक पुलिस स्टेशन में दक्षिणपंथी गुंडों ने पुलिस के सामने अंजली और @neha_aisa को शख्स मां की गाली दी गईं थीं। एक गुंडे ने तो गाली देते हुए कहा था कि, “कपड़े निकाल।” यह सब पुलिस के सामने हुआ था, ऑन कैमरा हुआ था। जिन युवतियों के साथ ये सब हुआ था, वो युवतियां हाल ही में ‘सफल’ हुआ युवाओं के आंदोलन का प्रमुख चेहरा रही हैं।
सवाल यह है कि जिस मुस्तैदी के साथ @DelhiPolice प्रधानमंत्री मोदी को गालियां देने वालो को तलाश रही है, वैसी कार्रावाई क्या उन गुंडों पर की गई? जिन्होंने थाने में घुसकर ‘विरोधी’ विचारधारा युवतियों को गालियां दी थीं? क्या दिल्ली पुलिस बताएगी कि उन दक्षिणपंथी गुंडों पर क्या कार्रावाई हुई? कार्रावाई की भी या नहीं? निश्चित रूप से गाली देने वालो पर कार्रावाई कीजिए! लेकिन शुरुआत कहाँ से करनी है यह भी स्पष्ट कर दीजिए।
विशेष चेतावनी: बहरूपिये भाजपाई बहेलियों से दूर रहें !
सत्ताधारियों के साथ सिर्फ़ अंधेरे में रहने वाले भूमिगत, अनरजिस्टर्ड संगी-साथी ही नहीं हैं, बल्कि इस बहु-भुजाओं वाले _‘ऑक्टोपस गिरोह’_ के और भी कई हाथ हैं, जो चमचमाती लाइट में बैठकर और अपने ‘कुविचार-वंशियों’को आसपास बैठाकर ‘खुली साज़िश’ करते हैं, लोगों को किसी और बहाने से बुलाकर फँसाते हैं और दिनदहाड़े घेरकर शिकार करने की कोशिश करते हैं। ये ‘बहरूपिये बहेलिये’ हैं, जिनका भंडाफोड़ अब सरेआम हो गया है।
मूल रूप से ये वो ‘सुरंगजीवी गिरोह’ है जो अकेले को देखकर भीड़ बनाकर घेरकर शिकार करता है, लेकिन भीड़ को देखकर अलग-अलग होकर अंडरग्राउंड हो जाता है।
अपने आस-पास के घरों में गहराई से तलाशें! ये बिना KYC वाले लोग कहीं आपके आस-पड़ोस के किसी घर में प्रवास-वास न कर रहे हों। इनकी पहचान ये है कि ये थोड़े संदिग्ध टाइप का व्यवहार करते हैं। मन के मैले ये लोग साफ़-सुथरे, साधारण कपड़ों में रहते हैं। निकलते अकेले हैं लेकिन किसी ख़ुफ़िया जगह पर एक-दूसरे से अंजान बनकर अख़बार के पीछे मुँह छिपाकर फुसफुसाते हैं। बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं, बड़ों पर झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं, चरित्रहीनों को माला पहनाते हैं, अपने पुरुषवादी तंग नज़रिये के कारण नारी का अपमान करते-करवाते हैं, बहन-बेटियों और दुखी माँ तक को सरेआम धमकाते हैं, नारी की आज़ादी पर नैतिकता के नाम पर पाबंदियाँ लगाते हैं। धन-लोलुपता, बदज़ुबानी, दग़ाबाज़ी, धोखे और षड्यंत्र के साथ-साथ बेशर्मी और बेरहमी इन स्वार्थियों की सबसे बड़ी पहचान है, जिसके लिए ये इंसान क्या, भगवान तक को ठग लेते हैं।
अपने तन-मन का रखें विशेष ध्यान : ख़तरे से रहें सावधान!
#CC_to_CC
#जो_भाजपा_का_साथी_वो_रामघाती_महापापी
महिलाओं का Rate लगाने की शुरुआत प्रधानमंत्री जी ने “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड” के साथ की थी!
उनकी rate लगाने वाली लेगेसी को उनके चहेते आगे बढ़ा रहे हैं। शर्म भी नहीं आती!
ये भारत की बेटी श्रद्धा सिंह है,
जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल थी।
आज उनका BJP RSS के दक्षिणपंथी लंपटों द्वारा सोशल मीडिया पर इनका RATE लगाया जा रहा है।
लेकिन मोदी जी को ये सब नही दिखेगा...
भारत की किसी बेटी के साथ ऐसा नही होना चाहिए, अगर आपको भी परेशान किया जा रहा है तो 9811867474 पर हमें Call कीजिये।
मोदीजी, इस बच्ची से आपको व्यक्तिगत तौर पर माफ़ी मांगनी चाहिए।
आपने और आपके अंधभक्तों ने इस बच्ची और इसके परिवार को इतना डराया-धमकाया कि उसको अपने माफ़ी मांगने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना पड़ा।
इस बच्ची से ग़लती हुई होगी, मगर क्या उसे इतनी बड़ी सज़ा दी जानी चाहिए? पूरे देश और दुनिया के सामने लज्जित और अपमानित किया जाना चाहिए?
धिक्कार है आपकी पार्टी, आपके अंधभक्तों को जो ऐसे छोटे-छोटे बच्चों को निशाना बनाकर अपनी बहादुरी दिखा रहे हैं।
चुल्लू भर पानी में डूबकर मर जाना चाहिए सबको।
"जो लोग कहते थे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ. उन्होंने सोचो बेटियों के साथ क्या व्यवहार किया, आज भी अन्याय करने के लिए उनकी फ़ौज तैयार है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए?
अब सुनिए...
यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा?
RPF - तो आप यात्रा मत करो?
है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा?
कांवड यात्रा के शुरूआती रूझान
📍हरिद्वार, उत्तराखंड
कांवड लेकर आ रहे कांवडियों से सड़क पर एक कार किनारे से टच हो गई,
इस पर गुस्साए कांवडियों ने पुलिस की मौजूदगी में कार सवार को दौडा-दौडा कर पीटा
साथ ही पुलिस के सामने ही कार में जमकर तोड-फोड भी की और पुलिस चुपचाप वीडियो बनाते दिखी
बाद में पता चला जिस कार से ये हादसा हुआ उसमें भी कांवडिए ही थे !!
ख़ुद दूसरों की माँ को जर्सी गाय और पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड कह रहे थे तब माँ का सम्मान हो रहा था? क्या वो गाली नहीं थी? मणिपुर में दूसरों की माताओं-बहनों को नंsगा करके घुमाया गया तब क्यों चुप थे?
पीडित छात्रा:- एक पुलिस वाले ने मेरे पिछले हिस्से मे लाठी घुसेडी...💔
ठीक ऐसी ही घटना प्रोटेस्टर के दौरान जंतर-मंतर पर और भी छात्राओ के साथ भी हुई
हमें ₹@डी बोला गया है, हमे मारते वक्त ये बोल रहे थे कि और मारो इन बहन की लौ@डी को 💔
एक लडकी को ये तक बोला गया कि घर चली जा वर्ना थाने ले जा कर नं&गा करके मारूंगा
औरतो की छाती पर पैर रखे गए है और ये सब पुरूष पुलिस के द्वारा किया गया था और जो इनमे से तमाम बिना वर्दी के भी थे !!
इस पीडिता की आवाज प्रधानमंत्री के कानो तक जरूर पहुचनी चाहिए, उनको अपने ऊपर पडी गालियां तो सुनाई दे गई...
पर प्रधानमंत्री की पुलिस ने इन छात्राओ के साथ जो सुलूक किया उसके बारे मे प्रधानमंत्री के क्या विचार है ?
5 अगस्त को होने वाले जयपुर के इस तृतीय श्रेणी शिक्षक स्थानांतरण आंदोलन में राजस्थान एकीकृत शिक्षक का समर्थन रहेगा।
संगठन के पदाधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मैं भी व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित रहूंगा 🙏
#तृतीय_श्रेणी_शिक्षक_मांगे_स्थानांतरण@RESMA_7@Dadarwal7@JATbera1
संजय सिंह का ये वीडियो बवाल मचा रहा है 🔥
मोदी की को कहा कि आप 1 दिन के लिए मेरा फोन रख लीजिए
आपके समर्थक मुझे दिन रात गालिया देते हैं
मगर मेरी आदत नहीं रोने धोने की आपकी तरह
ऐसा कटाक्ष है जो भाजपाइयों को तीर की तरह चुभने वाला है