मध्य प्रदेश में 7000 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहाँ सिर्फ़ एक ही अध्यापक है।
क्या यह प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ नहीं है? आए ���िन नये-नये स्कूलों की घोषणा करते जाना और वहाँ न किसी भवन का निर्माण करना, ना अध्यापकों की भर्ती करना भाजपा सरकार की आदत बन गई है।
लाखों करोड़ रुपये का कर्ज़ लेने के बावजूद अगर स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जा सकती है तो फिर यह धन कहां जा रहा है?
स्कूलों में अध्यापकों की कम संख्या का विषय पूर्व में भी कई बार उठाया गया है लेकिन सरकार ने इस तरफ़ कोई ध्यान नहीं दिया है।
मैं प्रदेश सरकार से एक बार फिर माँग करता हूँ कि शीघ्रातिशीघ्र इन विद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की भर्ती की जाए और विद्यार्थियों का भव���ष्य चौपट होने से रोका जाए।
2014 से पहले भारत में कुछ था ही नहीं.उससे पहले लोग मिट्टी के बर्तन में कंदमूल खाया करते थे और पत्ते लपेटकर घूमते थे. फिर वर्ष 2014 के आते ही अचानक भारत विश्वगुरु बन गया !
2014 के बाद जब“अमृतकाल” आया और रुपया 60 से गिरकर 94+ चला गया पेट्रोल-डीजल 100 पार हो गए गैस सिलेंडर ₹1100 के आसपास मिल रहा है. बेरोजगारी 45 साल के हाई तक पहुंच चुकी. मैन्युफैक्चरिंग PMI गिरकर 4.5 साल के लो पर खड़ा है और ऊपर से मीडिया का नारा “विश्वगुरु……….ग्लोबल लीडर का चल रहा है!
मतलब जेब खाली हो गई, नौकरी गायब हो गई, उद्योग ठंडे पड़े हैं लेकिन टीवी पर भारत सुपरपावर बन चुका के सपने दिखाए जा रहे हैं
कांग्रेस ने देश बनाया, संस्थान बनाए, सिस्टम खड़ा किया, गरीब को सहारा दिया. आज जो बना हुआ था उसी को बेचो, उसका नाम बदलो, और कैमरे के सामने फीता काट दो.
मतलब घर किसी और ने बनाया, और नाम की प्लेट तुम बदलकर खुद को मालिक बता रहे हो!
देश भाषण से नहीं चलता, देश चलता है सच्चे आंकड़ों से, फैसलों से और जमीन पर दिखने वाले काम से.
बाकी ज��� लोग हर बात पर “पहले कुछ नहीं था” चिल्लाते हैं, उनको इतिहास पढ़ना शुरू कर देना चाहिए, वरना कल को ये भी बोल देंगे कि सूरज भी 2014 के बाद ही उगा है.
फिल्म धुरंधर और उसमें एक्टिंग करने वाले अभिनेताओं की चारों ओर चर्चा और तारीफ हो रही है। कई लोग फिल्म को क्रिटिसाइज भी कर रहे हैं। ऐसे समय में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चर्चित अजीत डोभाल का एक बयान सुर्खियां बटोर रहा है।
अजीत डोभाल कह रहे हैं कि द��श के लिए कुछ करना है तो अपने फील्ड में बेस्ट दीजिए। प्रोपेगेंडा या क्रेडिट की चिंता मत कीजिए। नाम और श्रेय मिले या ना मिले, कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि इस देश के लिए ऐसे भी असंख्य लोगों ने कुर्बानियां दी है, जिनका नाम आज कोई नहीं जानता।
एनएसए अजीत डोभाल का यह बयान फिल्म धुरंधर में दिखाई गई स्पाई एजेंटों की महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर माना जा रहा है। देश की रक्षा के लिए यह एजेंट अपनी जान जोखी में डालकर महत्वपूर्ण सूचना पहुंचाते हैं और कई बार दुश्मन देश में भारत के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे गुर्गों को मौत के ठिकाने भी लगाते हैं।
भारत की गुप्त एजेंसी रॉ की ओर से पाकिस्तान में लंबे समय से काम करने का अनुभव रखने वाले अजीत डोभाल का कहना है कि दूसरे देश में जाकर एक गुप्तचर एजेंट के लिए देश के लिए काम करना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। एक और जहां उसकी व्यक्तिगत निजी जिंदगी कुर्ब��न होती है वहीं पकड़े जाने पर उसको सहनीय टॉर्चर का खतरा रहता है। ऊपर से उसके इस बलिदान के बारे में कोई नहीं जानता। यह हमेशा गुप्त होता है।
हमें तो अपनों ने लूटा, ग़ैरों में क्या दम था,
हमारी कश्ती वहाँ डूबी तेल जहाँ कम था।
एक तरफ़, भारत के पास सिर्फ़ 5 दिन का रणनीतिक तेल भंडार है।
दूसरी तरफ़, रूस भी तेल बेचना बंद करने की दहलीज़ पर है।
शायद ये भी मोदी जी का नया “मास्टरस्ट्रोक” होगा।
1 अप्रैल से रूस किसी भी देश को पेट्रोल नहीं बेचेगा
◆ यह बैन 31 जुलाई तक रह सकता है
◆ रूसी सरकार का कहना है कि यह कदम देश में सप्लाई बनाए रखने और कीमतें न बढ़ें, इसके लिए उठाया जा रहा है
#Russia | Petrol in Russian
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 3 जनवरी 2014 को अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना देश के लिए विनाशकारी साबित होगा। आज इंटरनेट पर अचानक लोग उनके द्वारा कही गई इस बात को याद कर रहे हैं।
अर्थ ऑवर (#EarthHour)
28 मार्च
रात्रि 8:30 से 9:30 बजे
अर्थ ऑवर पर्यावरण की रक्षा के लिए मनाया जाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन है।
यह हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को रात 8:30 से 9:30 बजे तक मनाया जाता है।
इस दौरान लोग अपने घरों और ऑफिसों की गैर-जरूरी लाइटें 1 घंटे के लिए बंद कर देते हैं।
इसकी शुरुआत 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से हुई थी।..
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