1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।
एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।
न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।