दिल्ली पुलिस के अफसर आज डरे सह��े नहीं होंगे, बल्कि शर्मिंदा होंगे कि इसी दिन के लिए वर्दी पहनी थी कि हत्या के प्रयास के आरोपी को एक फोन पर छोड़ देंगे?
: रवीश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार
अचंभित कोई नहीं है...
भाजपा शासित किसी भी राज्य में पत्रकारों और आम लोगों के साथ ऐसा व्यवहार आम है।
@BJP4Jharkhand इसे लोकतंत्र का उत्सव मानती है।
सही कहा न @yourBabulal और @AdityaPdSahu जी?
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश की राजधानी में 4PM की महिला पत्रकार के साथ मारपीट मोदी सरकार की बेलगाम दिल्ली पुलिस का अत्याचारी चेहरा सामने लाता है। ख़ान है तो क्या जान ले लोगे भाई?
@SanjayAzadSln
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, आज 4PM की जिन पत्रकार बेटियों के साथ पुलिस ने बेद��्दी से मारपीट की है उन बेटियों से फोन पर बात हुई, दोनों बेटियों ने जो घटनाक्रम बताया वो बेहद दर्दनाक है, साकेत पुलिस ने जिस तरह मुख्यमंत्री से सवाल पूछने वाली इन बेटियों के साथ दुर्व्यवहार किया और फिर नाम पूछने के बाद मारपीट की वो दिल्ली पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिंह खड़ा करता है। दिल्ली पुलिस के मुखिया को व्यक्तिगत तौर पर इस मामले का संज्ञान लेना चाहिये। कॉंग्रेस पार्टी देश की बेटियों के साथ खड़ी है।
@ShayarImran
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सदर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जिन मस्जिदों को तोड़कर म्यूजियम बनाए गए उ��में 100 साल बाद अल्लाह हु अकबर की सदाएं सुनाई दी। इस्लाम मरने के लिए नहीं आया है इस्लाम जिंदा रहने और प्यार मोहब्बत अमन बा��टने के लिए आया है।
ये मुसलमान है। ये महिला है। ये पत्रकार है। ये Gen-Z है।
जुर्म इतना है कि देशभक्त महिला पत्रकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से सवाल पूछ लिया। फिर अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से इस बहन की पिटाई कर दी।
मोदी जी के अमृतकाल वाले कथित न्यू इंडिया में अब मुसलमान होना, महिला होन�� और निष्पक्ष पत्रकार होना, सबसे बड़ा गुनाह है।
भाजपा ने पूरे देश में सत्ताई निरंकुशता की हर सीमा को लाँघ दिया है। निरंकुश भाजपा सरकारों से अब सवाल पूछना उनकी आलोचना करना ही सबसे बड़ा अपराध है।
दिल्ली हो या बिहार, हर जगह कायर भाजपाई अब पुलिस से पत्रकारों को पिटवा रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा के शासनकाल में संवैधानिक संस्थाएं और पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक बन गई है।
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने खुलकर ��मर खालिद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि राम रहीम का काफिला तेज़ी से गुजरते देख मैं तुमसे माफी मांगती हूं, उमर खालिद। तुम स्कॉलर हो, इसलिए अंदर हो, बलात्कारी होते तो कब के बाहर निकल जाते। निराश मत होना, पहाड़ हिल रहा है। हम देखेंगे।
@MahuaMoitra
हमारे प्रधानमंत्री ने 75 साल की उम्र में सीख लिया है कि गालियाँ देना बुरी बात होती है !
अब प्रधानमंत्री को उनलोगों को अनफॉलो कर देना चाहिए जो रात-दिन गालियाँ देते हैं: ध्रुव राठी, ब्लॉगर
बलाsत्कार के लिए भी दस साल की सज़ा का प्रावधान है लेकिन सारे बलाsत्कारी इसी पार्टी में भरे पड़े हैं! पैरोल बार बाहर भी घूमते रहते हैं.
पेपर लीक के लिए भी दस साल की सज़ा हो गई है, लेकिन मुख्य ज़िम्मेदार आपकी ही पार्टी में मौजूद है.
#संसद_मार्च