जनप्रतिन���धियों की पहचान
उनकी भाषा, मर्यादा और व्यवहार से होती है।
पुलिसकर्मी भी जनता के सेवक हैं,
उनका सम्मान और मनोबल बनाए रखना
हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
संयमित वाणी ही
लोकतंत्र की सच्ची गरिमा है।
��ो सके तो पुलिसकर्मियों के
वेतन, सुविधाओं और मनोबल को मजबूत करे
सिपाही पर सिर्फ आरोप था..
मंत्री जी क्या सिद्ध कर रहे थे ?
सिपाही को तो कोई भी मंत्री बर्खास्त करवा सकता है सवाल यह की मंत्री को कोन बर्खास्त करेगा ?
राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने 3 मिनट में दीं 17 गालियां…
ऑडियो भी है लेकिन में सभ्य हूं ���ेयर नही करूंगा
@jpk_11
पुलिस की खाकी वर्दी के नीचे छिपा दर्द:
जयपुर में 5 सालों में 34 आत्महत्याएँ
जब हम “पुलिस” शब्द सुनते हैं, तो अक्सर हमारे मन में एक सख्त, बेदर्द, डंडा लिए खड़ी तस्वीर उभरती है। लेकिन आज जयपुर की खबर ने उस तस्वीर को चीरकर रख दिया है।
विधानसभा में गृह विभाग की रिपोर्ट ने जो आँकड़ा सामने रखा है, वह दिल दहला देने वाला है — पिछले पाँच वर्षों में राजस्थान पुलिस के 34 जवानों ने अपनी जान खुद ले ली। कांस्टेबल से लेकर एएसआई तक। ये वो लोग हैं जो रात-दिन सड़कों पर ड्यूटी करते हैं, चोर-डकैतों ��े लड़ते हैं, आतंक के साए में खड़े रहते हैं और आम जनता की सुरक्षा की दीवार बनकर खड़े रहते हैं। लेकिन जब उनकी अपनी दीवार टूटती है, तो कोई उनके लिए दीवार नहीं बन पाता। क्यों?
रिपोर्ट साफ़ कहती है — जरूरत के समय छुट्टी न मिलना, पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव।
कल्पना कीजिए — कोई जवान अपनी बीमार माँ के पास जाना चाहता है, लेकिन “मैनपावर की कमी” का हवाला देकर उसे ड्यूटी पर रहने को कहा जाता है। कोई अपनी बेटी की शादी में शामिल होना चाहता है, लेकिन “ऑर्डर” आ जाता है। कोई रात भर ड्यूटी करके थका-हारा घर लौटता है, तो घर में भी कलह और आर्थिक तंगी का बोझ। नींद नहीं आती। शांति नहीं मिलती। और धीरे-धीरे वो जवान, जो दूसरों की सुरक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर घूमता है, खुद अपनी जान से हार मान लेता है।
ये आंकड़े सिर्फ़ संख्या नहीं हैं। ये 34 परिवार हैं।
34 माताएं हैं जिनकी गोद सूनी हो गई।
34 पत्नियाँ है जिनका सुहाग उजड़ गया।
34 बच्चे हैं जो अब “पापा” कहकर किसी को पुकार नहीं सकेंगे।
पुलिस महकमा आज भी 24×7 काम करता है। त्योहार हो, छुट्टियां हो, बीमारी हो, शादी हो — जवान को ड्यूटी पर ही रहना है। मानसिक स्वास्थ्य की बात तो शायद ही कभी गंभीरता से की जाती हो। काउंसलिंग? बहुत दूर की बात। समय पर छुट्टी? लगभग असंभव। सम्मान और सुविधाएं? कागजों तक सीमित।
यह खबर सिर्फ़ जयपुर या राजस्थान की नहीं है।
ये पूरे देश की पुलिस व्यवस्था की चीख है। जब तक हम अपने उन जवानों को, जो हमें बचाते हैं, खुद बचाने की व्यवस्था नहीं करेंगे, तब तक ये सिलसिला जारी रहेगा।सरकार, पुलिस प्रशासन और हम सबको सोचना होगा —
क्या हम उसी खाकी वर्दी वाले को, जो हमारे लिए अपनी नींद और परिवार कुर्बान कर देता है, उसकी नींद और परिवार बचाने के लिए कुछ कर रहे हैं? जवान मर रहा है, और हम चुपचाप “ब्रेकिंग न्यूज़” कहकर अगली खबर पर चले जाते हैं।
इस चुप्पी को तोड़ने का वक्त आ गया है।
हर उस जवान के नाम,
जो ड्यूटी पर तो हमेशा तैयार रहता है,
लेकिन जब खुद की मदद की ज़रूरत पड़ती है,
तो अकेला छोड़ दिया जाता है।
उनकी खाकी वर्दी पर लगे खून के धब्बे अब सिर्फ़ आतंकियों के नहीं,
हमारी उदासीनता के भी हैं।
@jaipur_police @DCPNORTH_JAIPUR
RGHS योजना ज़मीन पर पूरी तरह फेल होती दिख रही है!
लाखों कर्मचारी, पेंशनर्स और पुलिस कर���मी इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
कटौती जारी, लेकिन कैशलेस इलाज बंद जिम्मेदार कौन?
माननीय @GajendraKhimsar जी, अब तत्काल कार्रवाई जरूरी है!
#RGHS
@RajCMO
@BhajanlalBjp
@1stIndiaNews
जब 22% पुलिस महकमा खाली है तो आमजन की सुरक्षा कैसे होगी..
स्वीकृत पद: 1,25,418
रिक्त पद: 28,003
(SI-ASI) रिक्तियां: लगभग 50%..
सिर्फ विज्ञापनों से अपराध नहीं रुकते थानों में जवानों की ज़रूरत है.
@RajCMO पुलिस भर्ती
का कैलेंडर जारी करो! 🗓️
#PoliceBharti#RajasthanPolice
"पुलिस कमिश्नर साहब का यह स्पष्ट संदेश सराहनीय है। सिस्टम को समझे बिना टिप्पणी करना केवल भ्रम पैदा करता है। हमें यह समझना चाहिए कि पुलिस हर परिस्थिति में हमारी सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहती है। वर्दी ��र उनकी कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान करना हम सबकी जिम्मेदारी है। 🫡
@CP_Jodhpur
77वाँ राजस्थान पुलिस दिवस 🇮🇳
सेवा, समर्पण और सुरक्षा का प्रतीक—हमारी पुलिस
समय के अनुसार सक्रियता, बेहतर सुविधाएँ और लंबि��� मांगों का समाधान ही मजबूत पुलिस बल की पहचान है।
आइए, पुलिस का सम्मान करें और साथ मिलकर सुरक्षित राजस्थान बनाएं।
#RajasthanPoliceDay
@RajCMO @1stIndiaNews
🙏🏼_पुलिस के बारे में जानकारी_ 🙏🏼
1. सोना चोरी :- पुलिस
2. गाड़ी चोरी :- पुलिस
3. पैसे चोरी :- पुलिस
4. बच्चे + लड़की अपहरण :- पुल���स
5. दुर्घटना हुई :- पुलिस
6. जहर खाया :- पुलिस
7. आत्महत्या हुई :- पुलिस
8. गला फांसा :- पुलिस
9. आग लगी :- पुलिस
10. दिवाली आई :- पुलिस
11. दशहरा आया :- पुलिस
12. होली आई :- पुलिस
13. ईद आई :- पुलिस
14. महान समाज सुधारक जयंती :- पुलिस
15. नेता आ रहे :- पुलिस
16. विधायक + सांसद :- पुलिस
17. पीएम से लेकर सदस्यों तक का बंदोबस्त :- पुलिस
18. बलात्कार हुआ :- पुलिस
19. बैंक ड्यूटी :- पुलिस
20. बाढ़ आया :- पुलिस
21. रोड पर खड़े :- पुलिस
22. परीक्षा ड्यूटी :- ��ुलिस
23. झगड़ा हुआ :- पुलिस
24. जातिवाद हुआ :- पुलिस
25. जंगली जानवर का हमला हुआ :- पुलिस
26. वीआईपी आया :- पुलिस
27. वीवीआईपी आया :- पुलिस
28. कोई आरोपी फरार :- पुलिस
29. रिश्वत ली :- पुलिस
30. दहेज के कारण शादी टूटी :- पुलिस
31. हत्या हुई :- पुलिस
32. मोर्चा आया :- पुलिस
33. आंदोलन हुआ :- पुलिस
34. होटल में मटन के बजाय कुत्ते का मटन मिला :- पुलिस
35. जानवरों की तस्करी हुई :- पुलिस
36. कोई पैसे लेकर फरार :- पुलिस
37. ज्यादा धूप में घर से बाहर जनता नहीं जाएगी :- पुलिस धू��� में
38. शनिवार + रविवार सबको छुट्टी :- पुलिस ड्यूटी पर
39. पत्ते खेलने वाले पकड़ने हैं :- पुलिस
40. जुआ चल रहा है :- पुलिस
41. सट्टा चल रहा है :- पुलिस
42. अपराध हुआ जांच :- पुलिस
43. कोई उपवास पर बैठा :- पुलिस
44. रास्ता नहीं पता, जानकारी पूछता है :- पुलिस से
45. पोस्टल ड्यूटी :- पुलिस
46. मतदान ड्यूटी :- पुलिस
47. आरोपी ड्यूटी :- पुलिस
48. निधन हुआ पीएम करना है :- पुलिस
49. अश्लील फोटो + जानकारी फैली :- पुलिस
50. बेवारिस शव मिला :- पुलि��
ऊपर कुछ भी काम हो, मदद के लिए सिर्फ एक और एक ही नाम याद आता है, वो है पुलिस... तो पुलिस की मदद कौन करेगा?
👉🏾उनके पास जीवन नहीं?
👉🏾 घर नहीं?
👉🏾 परिवार नहीं?
👉🏾 वे थकते नहीं?
👉🏾 वे बीमार नहीं होते?
👉🏾 समय पर खाना नहीं?
👉🏾 समय पर पानी नहीं?
👉🏾 आराम नहीं?
👉🏾 छुट्टी नहीं?
👉🏾 वेतन कम?
👉🏾 उन्हें तनाव नहीं बैठते?
👉🏾 उन्हें बच्चे-बच्चे की कोई खबर नहीं?
👉🏾 उन्हें धूप नहीं लगती?
👉🏾 उनका जीवन भी खतरे में पड़ जाता है?
👉🏾 घर का विवाह नहीं?
👉🏾 घर का निधन नहीं?
👉🏾 किसी के अच्छे कार्यक्रम में उपस्थिति नहीं?
👉🏾 गणेश विसर्जन में नाच नहीं सकते?
👉🏾 होली खेल नहीं सकते?
👉🏾 देवी बंदोबस्त में ड्यूटी?
👉🏾 बच्चों का जन्मदिन भी ड्यूटी?
👉🏾 अपना जन्मदिन भी ड्यूटी?
👉🏾 बच्चे, पत्नी, माता-पिता बीमार भी ड्यूटी?
👉🏾 हाथ में घड़ी बांधना नहीं आता?
👉🏾 गले में चेन नहीं पहन सकते?
👉🏾 हाथ में अंगठी नहीं पहन सकते?
👉🏾 ज्यादा केस बड़े नहीं हो सकते?
👉🏾 रोज दाढ़ी करनी ��ड़ती है?
👉🏾 शनिवार + रविवार दूसरों को छुट्टी, पुलिस ड्यूटी पर?
👉🏾 दिवाली पर बोनस नहीं?
👉🏾 रहने के लिए ठीक से क्वार्टर नहीं?
👉🏾 क्वार्टर है तो बहुत छोटा है?
👉🏾 ��ाल में 45 दिन अर्जित रजा, वो भी समय पर नहीं?
👉🏾 साल में 12 दिन रजा, वो भी समय पर नहीं?
👉🏾 समय पर साप्ताहिक छुट्टी भी नहीं?
👉🏾 दूसरों की ड्यूटी 8 घंटे, पुलिस 24 घंटे?
👉🏾 मेडिकल रजा नहीं मिलती?
👉🏾 दूसरों की संगठन है, इसलिए मांगें जल्दी पूरी होती हैं?
👉🏾 पुलिस की संगठन नहीं?
_लेखक कौन है, जानकारी नहीं, लेकिन जो लिखा है, 101% सच है और भावुक भी 🥺_
.......तो चलिए, अगर बात समझ में आई है, तो शेयर करें और दूसरों को भी पुल��सों के बारे में जागरूक करें।
🙏🙏*भारत माता कि जय* 🙏
हमें पूर्ण विश्वास है कि CM भजनलाल शर्मा व कानून मंत्री जोगाराम पटेल राजस्थान पुलिस की लंबित मांगों पर शीघ्र न्याय करेंगे।
मुख्य मांगें: ACP ग्रेड पे ₹3600, न्यूनतम योग्यता स्नातक+कंप्यूटर, व समयबद्ध पदोन्नति।
#पुलिस_डिमांड@RajCMO@BhajanlalBjp@Bhajanlalofc@JogarampatelMLA
"हज़ारों की भीड़ में भी अकेले खड़े रहकर हमारी सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों के दिल का दर्द शायद ही कोई समझ पाता है। 'मेस की दाल' और 'रातों की गश्त' के बीच उनकी अपनी ज़िंदगी कहीं खो सी जाती है।
बृजेश कुमार मीणा जी की यह पंक्तियाँ झकझोर देने वाली हैं। 🫡🙏
@PoliceRajasthan@DrKirodilalBJP@BhajanlalBjp
@jawaharsbedham
@RajCMO
#PoliceForce #PoliceLife #HumanBehindTheUniform #DutyFirst"
Zee राजस्थ���न के कार्यक्रम "सम्मान साहस का" में राजस्थान के माननीय कानून मंत्री श्री @JogarampatelMLA जी ने पुलिस के लिए बहुत ही अच्छी बात कही और पुलिस का दर्द भी साझा किया, जो सुनने में बहुत मार्मिक और भावुक कर देने वाला है और भारत में सबसे बेस्ट पुलिस राजस्थान की हो ऐसा सपना भी देखा जो अच्छा भी है और गर्व का विषय भी है।
अब मैं माननीय कानून मंत्री जी से कहना चाहूंगा कि माननीय कोरे सपने और कोरी कल्पनाओं से राजस्थान ��ुलिस भारत की बेस्ट पुलिस नहीं बन सकती है, उसके लिए पुलिस और पुलिस कर्मचारियों को मजबूत करने की जरूरत होगी क्योंकि मजबूत नींव पर ही आलीशान महल खड़ा हो सकता है कमज���र नींव पर नहीं।
बेस्ट पुलिस के लिए राजस्थान पुलिस में:-
जनसंख्या के अनुपात में पुलिस कर्मचारियों की नफरी होनी चाहिए।
राजस्थान पुलिस में थानों में नए आधुनिक तकनीकी से लैस उच्च क्वालिटी के वाहन होने चाहिए
पुलिस कांस्टेबल का उसकी ड्यूटी के अनुसार वेतन होना चाहिए।
पटवारी VDO कृषि पर्यवेक्षक की तरह कांस्टेबल को भी प्रथम एसीपी ग्रेड पे 3600 मिलनी चाहिए
पुलिस कांस्टेबल का समय पर प्रमोशन होना च���हिए।
एक समय था जब पटवारी, VDO, कृषि पर्यवेक्षक और कांस्टेबल एक ही ग्रेड पे पर भर्ती होते थे और समान वेतन पाते थे लेकिन आज इन चारों पदों में से 9 साल बाद कांस्टेबल पिछड़ जाता है क्योंकि 9 साल बाद पटवारी VDO कृषि पर्यवेक्षक प्रथम एसीपी ग्रेड पे 3600 लेते हैं और कांस्टेबल ग्रेड पे 2800 पर ही रह जाता है। यह कांस्टेबल के साथ घोर अन्याय हो रहा है और वो चुपचाप सह रहा है क्योंकि सबके पास अपनी बात कहने और रखने के ल��ए कोई न कोई संघ, महासंघ या संगठन है लेकिन कांस्टेबल के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं है जिसके माध्यम से वो अपना दर्द बयान कर सकता है। सच क���ूं तो पुलिस कांस्टेबल अपनी बात, अपना दर्द कहते हुए भी डरता है कि यदि मैंने किसी को अपना दुःख दर्द बता दिया तो न जाने मेरे साथ क्या होगा?
जिस तरह आपने कहा कि यदि पुलिस गांव में जाए तो वहां के बच्चे पुलिस से डरे नहीं ऐसा ही यहां भी होना चाहिए कि कांस्टेबल अपनी बात कहते हुए डरे नहीं।
माननीय कानून मंत्री श्री जोगाराम जी पटेल साहब आपसे विनम्र मार्मिक निवेदन है कि आप माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp ज�� और गृह राज्य मंत्री श्री @jawaharbedam जी इस विषय पर चर्चा कर पुलिस कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को साझा कर इन वेतन विसंगतियों को दूर करवाने की कृपा करना।
लाखों कार्मिकों की दुआएं मिलेंगी और युगों युगों तक याद किए जाओगे।
अगर मेरे किसी भी सिपाही को अपमानित किया तो ठीक नहीं होगा और मैं क्या कर सकता हूं ये आप मुझे नहीं बतायंगे
CO श्री अभिषेक जी तिवारी, मेरठ UP
एक सच्चा अधिकारी वही होता ��ै जो अपने जवानों के साथ खड़ा रहता है।
ऐसा विश्वास ही पुलिस बल का मनोबल बढ़ाता है।
सम्मान,भरोसा यही असली ताकत है।
"खाकी की होली फीकी" को एक साल बीत गया लेकिन पुलिस की मांगों पर कोई भी विचार नहीं हुआ
आखिर क्यों अनदेखा किया जा रहा है पुलिस कार्मिकों की मांगों को?
क्यों विचार नहीं किया जा रहा है खाकी के दर्द पर ?
आखिर कौन लेगा उनकी ��ुध
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@JogarampatelMLA @DrKirodilalBJP @PoliceRajasthan
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