चलती ट्रेन में मुसलमानों के साथ मारपीट का मामला नया नहीं है, हाफ़िज़ जुनैद क��� मॉब लिंचिंग ट्रेन में हुई थीं, चलती ट्रेन में RPF कांस्टेबल चेतन सिंह ने तीन मुसलमानों को गोली मार दी थी। अब मोहम्मद इमरान नामी इस मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। दाढ़ी टोपी और कुर्ता में देखकर मुसलमानों के साथ मारपीट करने ��ालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मोहम्मद इमरान Manmad-Kakinada-Shirdi Express से लातूर जा रहे थे।
बांग्लादेश में हुई घटना के बारे में टीवी चैनलों पर उनकी चर्चा है, जबकि देश में हो रही मॉब लिंचिंग पर चुप रहना बेहद अफसोसजनक है। इस दोहरे मानसिकता को क्या कहा जाना चाहिए?
A major war will break out in this country in 15-20 years.
During a meeting in Delhi involving MLA T Raja Singh and cow vigilantes, discussions reportedly included plotting a "guerrilla war" against Muslims, which is a matter of serious concern.
1.मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र देते हुए लड़की का हिजाब खींचता है,
2. कैबिनेट मंत्री उस पर भद्दा मजाक करता है
3. और केंद्रीय मंत्री कहता है लड़की नौकरी करे चाहे जहन्नुम में जाए.
ये तीनों नेता बेटी बचाने वाली पार्टी से ताल्लुक रखते हैं- नेहा सिंह राठौर
लोकेशन : बरेली, उत्तरप्रदेश
गौ-रक्षक ऋषभ ठाकुर ने सार्वजनिक शौचालय पर “बाबर शौचालय” और “मौलाना अरशद मदनी शौचालय” लिखे हुए पोस्टर लगाकर एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
यूपी के कौशांबी के मेले में झूले पर बैठे एक व्यक्ति, जिसकी पहचान रिपोर्टों में पुलिस सप्लाई इंस्पेक्टर अजीत यादव के रूप में बताई गई है, अपने दो पुलिसकर्मियों के साथ सेल्फी-वीडियो रिकॉर्ड करता दिखाई देता है। उसी झूले में पीछे बैठी बुर्का पहने दो महिलाएँ कैमरे की ओर इशारे करती हैं, मानो रिकॉर्डिंग रोकने का संकेत दे रही हों। इसके बावजूद वीडियो बनाया गया और रिपोर्टों के अनुसार बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के बाद वायरल हो गया। इस घटना ने न सिर्फ गोपनीयता का उल्लंघन मुद्दा उठाया है, बल्कि महिला सुरक्षा और उनकी सहमति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुस्लिम महिलाएं वीडियो बनाने से मना कर रही हैं लेकिन सप्लाई इंस्पेक्टर अजीत यादव वीडियो बनाते हैं, और फिर उसे FB पर वायरल भी करते हैं। यूपी के जिला कौशांबी में चल रहे मेले में अजीत यादव UP पुलिस के दो कांस्टेबलों संग झूला झूल रहे थे। उनके पीछे कुछ मुस्लिम महिलाएं बैठी थीं। उन्होंने Video बनाने के लिए मना किया। अजीत यादव ने ये Video न केवल बनाई, बल्कि FB पर वायरल भी कर दी। पुलिस महिलाओं कि सुरक्षा तय करने को होती हैं ना कि उनकी प्राइवेसी भंग करने का काम करती। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। यूपी पुलिस के अधिकारीयों को इसकी जाँच करनी चाहिए।
लोकेशन : कौशांबी, यूपी
एक मेले में इंस्पेक्टर अजीत यादव दो कॉन्स्टेबलों संग झूला झूल रहा था पीछे बैठी बुर्का-पहनी महिलाओं ने वीडियो न बनाने की गुज़ारिश की, लेकिन अजीत यादव ने उनकी मना करने के बावजूद वीडियो रिकॉर्ड कर अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर दिया, जो बाद में वायरल हो गया।
2006 के मुंबई ब्लास्ट में 13 मुसलमानों की ज़िंदगी बरबाद करने और उन्हें 19 सालों तक जेल में रखने पर मिल्लत टाइम्स डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म बना रहा है।
.
ऑफ़िशियल ट्रेलर देखने के लिए नीचे दिए गए ���िंक पर क्लिक करें:
👇👇https://t.co/qVLcdRRvP9
मस्जिद के बाहर से ताला लगाकर विडियो बना कर दिखा दिया गया कि मस्जिद बंद है 😡
लेकिन मस्जिद के अंदर शराब जुआ और अय्याशी करने वालों के लिए मस्जिद खोल दी जाती है।
बुरी बात तो ये है कि नमाज़ पढ़ने के लिए मस्जिद नहीं खोली जाती क्यों ❓
इबादत करने की जगह पर इबादत नहीं अय्याशी की जा रही है यही है दोगलापन।।
लोकेशन : मुंब्रा, ठाणे, महाराष्ट्र
"हमने बहुत मेहनत से घर बनाया है हमारा घर नहीं रहेगा तो हम कैसे जीयेंगे"
क्या आप इन रोते हुए बच्चों को देख सकते हैं जो बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर TMC द्वारा खान कंपाउंड में इमारतों को गिराने से पहले अपने घरों को बचाने की गुहार लगा रहे थे?
लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश सभी के लिए है लेकिन सिर्फ मुस्लिम रहवासियों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है?