"सत्ता से सवाल करना अब आसान नहीं रहा..."
@news24tvchannel छोड़ने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने टीवी मीडिया का ऐसा सच सामने रखा है, जिसे हर नागरिक को सुनना चाहिए।
अगर किसी सरकार के दौर में पत्रकारों को सवाल पूछने से पहले दबाव, ट्रोलिंग और स्टूडियो तक पहुँचने वाली भीड़ का डर सताने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है।
जब पत्रकार निर्भीक नहीं रहेंगे, तो जनता भी सच से वंचित होती जाएगी। इसलिए यह मुद्दा किसी एक पत्रकार या एक चैनल का नहीं, पूरे लोकतंत्र का है।
बाक़ी, आपकी समझदारी पर छोड़ता हूँ।
युवाओं के आंदोलन से भाजपा के कई नेताओं को पेचिश हो गई है। उस पेचिश का इलाज सिर्फ यही है कि मुसलमानों के खिलाफ जमकर आग उगली जाए। यह आदमी जिसे भाजपा ने ‘कुर्सी’ तक मुहैय्या नहीं कराई, सिर्फ ‘स्टूल’ पर ही बैठाया, वह बता रहा है कि मदरसे क्या हैं। इनके ‘आदर्शों’ की ‘ब्रिटिश’ सरकार को भी मदरसों से दस्त लगते थे।
यह घटना 28 जुलाई की है, जब युवती बाज़ार से खरीदारी कर अपने घर लौट रही थी। कुन्दरकी के मिलक बसेरा खास गांव का रहने वाला आरोपी मुकेश उसका पीछा करते हुए उसके घर के दरवाजे तक पहुंच गया। जैसे ही युवती ने घर का दरवाजा खटखटाया, आरोपी ने पीछे से आकर उसके साथ अश्लील हरकत की और उसे ज़बरन किस करके भाग निकला।
अब इसमें दो संस्थानों का चेहरा देखिए! चूंकि युवती ‘दूसरे’ समुदाय की थी इसलिए ABP टीबी वाले ने उस शोहदे का नाम नहीं लिखा। चूंकि सरे राह युवती को छेड़ने वाला ‘मुकेश’ था इसलिए वो सही सलामत अपने पैरों पर खड़ा है। एनकाउंटर करने में माहिर यूपी यूपी पुलिस ने उसका एनकाउंटर नहीं किया। वैसे तो @myogiadityanath कहते हैं कि बहन बेटी को छेड़ा तो अगले चौराहे पर यमराज मिलेंगे, लेकिन जब यह कृत्य कोई ‘मुकेश’ करता है तब यमराज छुट्टी पर चले जाते हैं!
जीत के बाद प्रशांत किशोर का बयान.
'किसी अपराधी को मुख्यमंत्री बनाएंगे तो बिहार की तरक्की नहीं होगी . मोदी किसी चरित्रवान और अच्छे आदमी को मुख्यमंत्री बनाए '
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अब विधानसभा में प्रशांत किशोर की आवाज़ गूंजेगी.
राजनीति में जीत सिर्फ बड़े संसाधनों से नहीं मिलती, बल्कि मजबूत संगठन, समर्पित कार्यकर्ताओं और संघर्षशील नेतृत्व से मिलती है।
जीतू पटवारी ने प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद लगातार यह संदेश दिया कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है। दतिया का परिणाम उसी मेहनत का एक उदाहरण माना जा रहा है।
अगर कांग्रेस इसी तरह एकजुट रही तो अगला चुनाव बेहद दिलचस्प होगा। जीतू पटवारी की मेहनत और समर्पण कि जितनी सराहना कि जाय उतनी कम है…
दतिया में कांग्रेस की जीत साबित कर रही है कि कांग्रेस के पास मजबूत और मेहनती अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह साबित कर दिया !
पहले विजयपुर उपचुनाव में बीजेपी के धनबल को रोका और आज नरोत्तम मिश्रा के गढ़ को नष्ट कर दिया, कांग्रेस को जीतू पटवारी जैसे नेताओं की जरूरत है, दतिया में जीतू पटवारी की जीत है।
रात में रांची में बारिश के बीच युवाओं का हौसला और संघर्ष जारी है।
हेमंत सोरेन सरकार के लिए इससे शर्मनाक तस्वीर और क्या हो सकती है, अगर मांग मान लेते तो क्या ही बिगड़ जाता😡