The TET paper leak in Maharashtra proves that the BJP govt can’t conduct even a single exam.
All they can do is break political parties and poach MLAs and MPs.
Going home to see my parents, it’s been more than a year since I last met them. They've suffered a lot over the last 15 days and had to leave home because of threats. Will be taking them back to home.
FYI, today’s protest was just a trailer. Thank you for showing up in such huge numbers! ❤️
#AbhijeetDipke arrives at Jantar Mantar; protests underway amid heavy security
(Express Video)
The Cockroach Janta Party, led by its founder Abhijeet Dipke, is staging a protest at Jantar Mantar in Delhi, demanding the resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan. Follow The Indian Express for the latest developments.
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#CockroachJantaParty #AbhijeetDipke #JantarMantar #DharmendraPradhan #NEET #cjpprotest
पहली बार ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि एक आदमी के चलते पूरी शिक्षा व्यवस्था खोखली होती दिख रही है।
Education system से लेकर Exam System तक, सब तमाम सवालों के घेरे में हैं। Special Protest सिर्फ एक आदमी के इस्तीफे को लेकर हो रहे हैं।
मगर ऐसा क्या है कि धर्मेंद्र प्रधान को ���हीं हटाया जा सकता, चाहे देश का भविष्य दांव पर हो ,युवाओं के भविष्य के चलते!
ये बात एकदम समझ से परे है। हर अति का अंत है और जल्दी ही सरकार को इन्हे हटाना होगा। कोई शिक्षित आदमी ही अब देश की शिक्षा की जिम्मेदारी लेगा।
अगला नंबर रेल मंत्री और वित्तमंत्री का आना है |
विकसित भारत क़ि दिशा देश का युवा तय करेगा |
Why have recruitment exams become such a joke?
Somewhere there’s a paper leak, somewhere server issues, and now in #SSC_GD, 800+ students were called while arrangements existed for only 250.
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कुछ दिन पहले युवाओं को भजन क्लबिंग में ठेला जा रहा था, लेकिन एक बयान ने इन्हें कॉकरोच क्लबिंग की तरफ़ ठेल दिया है। कॉकरोच रैप बनने लगे हैं। इस बदलाव को देखते हुए कोई इस ज्ञानेश की तलाश में जुटा होगा कि किसी तरह SIR से युवाओं का नाम काट दिया जाए या फिर मोदी सरकार बेरोज़गार युवाओं को दस हज़ार कॉकरोच भत्ता देकर उनके वोट ख़रीद सकती है। पेपर चोरी और व्यापम से डॉक्टर बनने वाले भारत की जवानी की कोई कहानी नहीं बची है। इसे स्वीकार कर लीजिए। उस कहानी में कॉकरोच बचा था और उसने पार्टी बना ली है। कॉकरोच पार्टी नव-प्रतिरोध की आवाज़ है। सोशल मीडिया के कारण प्रतिरोध की नित्य नवीनता और विविधता उस लोकतंत्र की वापसी का प्रमाण नहीं ह जिसे बड़े बड़े मगरमच्छों ने निगल लिया है। लेकिन मगरमच्छों का चैलेंज बढ़ गया है। हर बड़े नेता, मीडिया, पत्रकार और अन्य आवाज़ों को निगल जाने के बाद कॉकरोच को कैसे निगलें ।
Andhbhakts will give the excuse that this is “strategic” blah blah and then cry about heatwaves at the same time.
Good job by Rahul Gandhi for raising this issue. This forest must be saved at any cost.
प्रणॉय रॉय इतने ग़रीब नहीं कि ...
एनडीटीवी के संस्थापक और प्रोमोटर रहे प्रणॉय रॉय की इस तस्वीर को देखकर बहुत से लोगों को लग रहा है जैसे उनके पास कैमरा खरीदने को पैसे नहीं हैं या फिर उनके पास रिसोर्स की ऐसी क़िल्लत है कि एक मोबाइल फ़ोन और सस्ता माइक लेकर निकल पड़े हैं . कई दिनो से सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट पढ़कर मन हुआ कि ऐसे लोगों को बता दूं कि ���्रणॉय रॉय को एनडीटीवी के मालिकाना हक से हटाने या हटने के लिए करोड़ों रुपए मिले थे . गूगल करिए पता चल जाएगा . उतने रुपए में सैकड़ों कैमरे खरीदे जा सकते हैं . इसलिए उनकी ‘गरीबी और आर्थिक मजबूरी’ पर भावुक मत होइए . उनके पैशन की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है . उन्होंने एनडीटीवी जैसा एक शानदार संस्थान खड़ा किया . सैकड़ों पत्रकारों की पौध तैयार की . दर्जनों बड़े नाम और बड़े चेहरे तैयार किए . अपने संस्थान के पत्रकारों के साथ काइयाँ मालिकों जैसा बर्ताव कभी नहीं किया . ख़ुद भी हमेशा एक मृदुभाषी , शालीन और एक मंझे हुए विश्लेषक की तरह काम करते रहे हैं . चुनाव को लेकर प्रणॉय रॉय के विश्लेषण को हमेशा Unparalleled माना जाता रहा है . मैंने कभी एनडीटीवी में काम नहीं किया लेकिन एक संस्थान के तौर पर हमेशा एनडीटीवी को देश का सबसे बेहतर संस्थान की तरह मानता रहा . प्रणॉय रॉय के संस्थान को कैसे अडानी ने खरीदा या उन्हें कैसे बेदख़ल किया ? उसके पीछे क्या कहानी है ? इसके बारे में बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है . मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि उनके पैशन को उनकी गरीबी के तौर पर मत देखिए . जहां तक मुझे लगता है कि आज भी उनके पास अपना शो करने के लिए ठीक-ठाक स्टूडियो है . आज भी उनकी ऐसी आर्थिक स्थिति ऐसी है कि सौ -पचास लोगों को कभी भी नौकरी पर रख सकते हैं .
डॉक्टर रॉय की इस ख़ूबसूरत तस्वीर से एक व्यक्ति���त जुड़ाव महसूस होता है… जब मैं NDTV में रहते हुए सालों #MoJo में मशगूल रहा तो @PrannoyRoy7749 ने कई बार मुझे सराहा।
मैंने 2021 में अफ़ग़ानिस्तान के तत्कालीन राजदूत का ‘two cam interview’ अकेले दो मोबाइल फ़ोन सेट से कर दिया तो उन्होंने एक ट्वीट पोस्ट में लिखा कि रिपोर्टिंग का भविष्य इसी तरह का होगा…
उनकी दूरदर्शी निगाह ने मानो भविष्य पढ़ लिया हो…
डॉक्टर रॉय की ये तस्वीर वर्तमान है 🙏
Telecom Companies ऐसे Recharge Plans offer करती हैं जिनमें ‘Daily Data Limits’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB per day होती हैं, जो हर 24 hours में reset हो जाती हैं। बचा हुआ data midnight पर expire हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए charge किया जाता है। आप 1.5GB use करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई refund नहीं। कोई rollover नहीं।
मैंने आज यह मुद्दा Parliament में उठाया की जिस data क�� लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर Expire नहीं होना चाहिए।
बचा हुआ data अगले दिन की data limit में carry forward होना चाहिए, ताकि users Data इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही pay किया है।
संसद में आज मेरी demands हैं -
1.सभी users के लिए Data carry-forward / Data rollover की सुविधा दी जाए। जो data दिन के अंत तक use नहीं होता, उसे अगले दिन की limit में add किया जाए, न कि validity खत्म होते ही ख़त्म कर दिया जाए।
2.अगले महीने के recharge amount में unused data का adjustment का option दिया जाए। अगर कोई user लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले monthly recharge में उस value का adjustment या discount मिलना चाहिए। users को बार-बार उस लिमिट के लिए pay नहीं करना चाहिए जो वे use ही नहीं करते।
3.Unused data को relatives और friends को transfer करने का option दिया जाए। Unused data को user ��ी digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने daily data limit से unused data दूसरों को transfer करने की permission होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे transfer किए जा सकते हैं।
आज मोबाइल डेटा कोई luxury नहीं, Digital oxygen बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।
'No refund. No rollover. Just gone': Raghav Chadha speaks against data limits on mobile recharge, demands carry-forward
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