“सरकारने झाडावर फुल्या मारल्या. हे आई-वडिलांवर फुल्या मारल्यासारखे आह��. एकाही झाडाच्या फांदीला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना हात लावू देणार नाही.”
- महाराष्ट्र नवनिर्माण चित्रपट सेनेचे अध्यक्ष
श्री. अमेय खोपकर
For a moment, forget your bias for or against any political party.
Think only as a true patriotic Indian.
Listen carefully to what this man is saying.
Everything starts to make sense now, right?
Rahul Gandhi is a genius and a living legend.
Goosebumps
अब मैंने तय कर लिया है कि "आजतक" और इन मरने की ख़बर देने वाले चैनलों की कभी नहीं मानूंगा और इन्हें देखकर ट्वीट कभी नहीं करूंगा...इनके चक्कर में दो बार गलती हुई है - अखिलेश यादव
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने दूरदर्शी और निडर नेतृत्व से स्वतंत्र भारत में संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव रखी और देश को एक नई दिशा प्रदान की।
उनके आदर्श और मूल्य आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। 'हिंद के जवाहर' को जयंती पर सादर नमन।
गुल्लू कह रहा आप I Love my wife पत्नी से प्यार करते हैं पोस्टर तो बाहर नहीं लगाते
भाई साहब ने कहा योगी के भाषण पर लोग खुश हो रहे तालिया बजा रहे इसका मतलब,
देश विभाजन में जिन्ना से ज्याद हिंदू संगठनों का हाथ था जो मुस्लिमों से खुश नहीं थे,
गुल्लू और भाटिया दोनों रेले गए 😂🔥😂
BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया को बड़ा शौक था अन्य दलों के प्रवक्ताओं पर पर्सनल कमेंट करने ���ा,लेकिन अब यह पर्सनल कमेंट करने का मामला उल्टा पड़ जाता है,अन्य दल के प्रवक्ता तुरंत उन्हें उनके पजामे की याद दिला देते है🤣
#MeraDeshPahle #NobelPeacePrize #करवाचौथ_की_सच्चाई
कांग्रेसच��या काळात दर दीड दोन महीन्यानी भारतात कुठे ना कुठे बॉम्बस्फोट व्हायचे!
आणि RSS BJP ने सरकारच नेत्रुत्व कमजोर आहे. सोनिया गांधीजी विदेशी आहेत, मनमोहन सिंह शारीरिक आणि मानसिकदृष्ट्या कमजोर आहेत, असे जनमत करायचा काहीरित्या यशस्वी प्रयत्न केला…
पुढे भाजप मतांची चोरी करून सत्तेत आली आणि एक जादू झाली ती म्हणजे बॉम्बस्फोट होणे बंद झाले. आणि सर्व वेड्यासारखे म्हणू लागलो ‘मोदी है तो मुमकिन है..!’ 🤦��♀️
पण हे यांना माहीत नव्हते की, ‘दाल मे कुछ काला है..!’
पहा नेमकी काय आणि कशी देशद्रोही चलाखी आहे…
भाजप देशाला कशी लुटते आहे हे समजून घ्यायचे असेल तर ही क्लिप थोडासा वेळ काढून ऐका..!
बिल्कुल सही बोला है भाटी जी ने इस देश में सबसे ज्यादा हालत ख़राब गोदी मीडिया की है
जब भी बीजेपी के बारे में कुछ बोलो बीच में एंकर बोलने लगते है ताकि बात दब जाए और जनता को उनकी कमी ना पता चले
चोपड़ा की शक्ल ऐसी लग रही है भाटी जी का जवाब सुनकर जैसे कोई इसे कोई मार के भाग गया हो
इसका नाम अमन चोपडा किसने रखा इसका नाम जंग चोपडा होना चाहिये था हर समय नफरत की बात करता है
इस गोदी मीडिया को इतिहास में याद रखा जायेगा झूठ फैलाने के लिए
वैसे अमन चोपड़ा को जमकर घेरा भाटी जी ने।
हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है।
जब ��क IPS अधिकारी को उसकी जाति के कारण अपमान और अत्याचार सहने पड़ें - तो सोचिए, आम दलित नागरिक किन हालात में जी रहा होगा।
रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब पूरन जी की मृत्यु - ये घटनाएँ बताती हैं कि वंचित वर्ग के ख़िलाफ़ अन्याय अपनी चरम सीमा पर है।
BJP-RSS की नफ़रत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है।
दलित, आदिवासी, पिछड़े और मुस्लिम आज न्य��य की उम्मीद खोते जा रहे हैं।
ये संघर्ष केवल पूरन जी का नहीं - हर उस भारतीय का है जो संविधान, समानता और न्याय में विश्वास रखता है।
Statement of Smt. Sonia Gandhi, Chairperson CPP
No words are adequate to condemn the attack on the Honourable Chief Justice of India in the Supreme Court itself. It is an assault not just on him, but on our Constitution as well.
Chief Justice Gavai has been very gracious but the nation must stand in solidarity with him unitedly with a deep sense of anguish and outrage.
सड़क - सड़क, गली गली घूमने के बाद राजीव रंजन का अनुभव इतना विशाल हो चुका है कि राजनीति की हजारों कहानियाँ उन्हें मुँहजबानी याद हैं।
इंस्टाग्राम की रील्स के ल���ए कुछ पत्रकार 20 मिनट लंबा लच्छेदार परिचय देने के लिए वि��्यात हैं लेकिन उस परिचय में वो वजन नहीं जो राजीव रंजन के दिए परिचय में है।
सुनिए … दिलचस्प है।
लोकशाही आणि संविधानाच्या मूल्यांना आधार मानून वाद-प्रतिवादातून न्याय्य भूमिकेकडे जाण्यासाठी न्यायव्यवस्था असते. त्याच न्यायव्यवस्थेच्या सर्वोच्च संस्थेत मुख्य न्यायमूर्तींवरच अशा प्रकारे हल्ल्याचा प्रयत्न होणं हा केवळ न्यायव्यवस्थेचाच नव्हे तर लोकशाहीचा, संविधानाचा आणि देशा���ा घोर अवमान आहे.
आपल्या देशात पेरलं जाणारं विष आता संविधानाच्या सर्वोच्च संस्थांनाही जुमानत नाही, ही देशासाठी धोक्याची घंटा आहे. ह्या घटनेचा मी निषेध करतो व कोणत्याही परिस्थितीत भारतीय लोकशाहीचे स्तंभ कमकुवत होणार नाहीत, ह्यासाठी कायम प्रयत्नशील राहण्याची ग्वाही देतो.
The judiciary exists to uphold the values of democracy and the Constitution, ensuring that debates and disagreements lead to fair and just conclusions. An attempt to attack the Chief Justice in the highest institution of justice is not merely an assault on the judiciary, but a grave insult to our democracy, our Constitution, and our nation itself.
The poison being spread in our country now refuses to respect even the highest constitutional institutions. This is a warning bell for the nation. I strongly condemn this incident and assure that I will remain committed to ensuring that the pillars of Indian democracy are never weakened under any circumstances.