कैंसर एक ऐसी बीमारी ने जिसने करोड़ो घर तबाह किए हैं ।
सिर्फ मरीज ही नहीं बल्कि मरीज के परिवारों को ।
दवाइयों का खर्च वहन करते करते लोग टूट जाते हैं ।
और कैसे नहीं टूटेंगे अगर 600 रुपये की दवाई पर सरकार ने छूट दे रखी है 12000 रुपये MRP रखने की ।
जी हाँ ।
दवाई ह�� Paclitaxel ।
रिटेलर खरीदते हैं 600 में और MRP है 12000.
एक मरीज को कई बार 20-30 vial की ज़रूरत पड़ती है ।
और ये कोई एक दवाई की बात नहीं ।
कीमोथेरेपी की ज़्यादातर दवाइयों का यही हाल है ।
200% मार्जिन भी समझ में आता है लेकिन 1900% margin??
वो कैंसर जैसी बीमारी में , जिसका इलाज वैसे भी काफ़ी लंबा चलता है??
ग़रीब तो मर ही जाएगा ना?
ये तो ठीक नहीं हैं ना साहब ?
@PMOIndia
◆ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आरक्षित शिक्षक पदों की स्थिति (आधिकारिक डेटा):
◆ प्रोफेसर के पद:
• ST कोटा → 83% पद खाली
• OBC कोटा → 80% पद खाली
• SC कोटा → 64% पद खाली
◆ एसोसिएट प्रोफेसर के पद:
• ST कोटा → 65% पद खाली
• OBC कोटा → 69% पद खाली
• SC कोटा → 51% पद खाली
◆ ये आँकड़े दिखाते हैं कि संविधान द्वारा तय आरक्षण का खुले तौर पर उल्लंघन हो रहा है।
◆ इतने बड़े पैमाने पर आरक्��ित पदों का खाली रहना संयोग नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया बहुजन-विरोधी षड्यंत्र है।
◆ मनुवादी मानसिकता वाले लोग रोस्टर तोड़-मरोड़ कर, भर्ती प्रक्रिया में अड़ंगे लगाकर और योग्य SC/ST/OBC उम्मीदवारों को लगातार अस्वीकार करके सवर्ण वर्चस्व बनाए रखना चाहते हैं।
◆ परिणाम: बहुजन समाज के लाखों योग्य विद्वान अकादमिया से बाहर रखे जा रहे हैं और उच्च शिक्षा पर एक विशेष जाति का क���्ज़ा बरकरार है।
◆ यह सिर्फ़ आरक्षण की चोरी नहीं, बल्कि संविधान की ह'त्या है
द्रोणाचार्य बदल गए हैं — अब वे तीर-कमान नहीं, 0.20 अंक से SC/ST बच्चों के सपने काटते हैं। “इस सिस्टम में योग्यता नहीं देखी जाती, धर्म नहीं देखा जाता — बस जाति देखी जाती है।”
मध्यप्रदेश सिविल जज 2021 में लिखित में टॉप करने वाले बच्चों को इंटरव्यू में जानबूझकर 19.8–19.9 अंक देकर बाहर किया गया।
ये एग्जाम नहीं, जाति आधारित फ़िल्टरिंग सिस्टम है। अब सवाल यही है — टैलेंट कम है? या कुर्सी पर बैठने का हक़ देन��� में डर है?
आवाज उठानी होगी क्योंकि हमारी चुप्पी ही उनकी ताकत है। #CivilJudgeScam
#MPJudiciary #DalitLivesMatter
संविधान दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
न्याय, समता और बंधुता भारत के संविधान की मूल भावना हैं।
‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की अद्भुत दृष्टि, प्रखर विचार और अथक परिश्रम से निर्मित हमारा संविधान विश्व के सबसे सशक्त लोकतांत्रिक ��ूल्यों का प्रतीक है।
संविधान, राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति का आधार होने के साथ ही हर नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और अवसर भी प्रदान करता है।
#BPSC_TRE_1_2_3 में हुए व्यापक #फर्जीवाड़े की जांच कराए #एनडीए सरकार,इसमें 30% ऐसे अभ्यर्थी चयनित हुए जो CTET STET फेल हैं और 30% ऐसे अभ्यर्थियों चयनित हुए जो दुसरे राज्य के निवासी हैं लेकिन जाति और आवासीय प्रमाणपत्र बिहार का है और आरक्षण का लाभ लिए हैं।
60%फर्जी हैं। @sunilkbv
EWS का महान “सिस्टम-हैक” >>
अगर आपकी तनख़्वाह ₹70,000/माह है तो सालाना आय आराम से ₹8 लाख के पार जाती है।
लेकिन घबराइए मत —> एक म��ीने की Medical या Leave Without Pay लगा दीजिए, और सालाना आय कागज़ों में ₹7.7 लाख दिखाइए। लीजिए, आप आधिकारिक तौर पर “आर्थिक रूप से कमजोर” घोषित।
पिताजी का करोड़ों का कारोबार? कोई टेंशन नहीं। उस साल बस हल्का ITR भरवाइए, CA साहब 5–10 हजार एक्स्ट्रा लेकर सब “सेट” कर देंगे। बेटा गर्व से EWS लगाकर IAS बनने निकलेगा।
शहर में आलीशान मकान , गाड़ी और जमीनें? आधार में गाँव का पता अपडेट करवाइए, लेखपाल को थोड़ी सेवा राशि दीजिए और ये म��� बताइए कि दूसरे जिले में भी प्रॉपर्टी है। सरकारी रिकॉर्ड में आप किसान पुत्र, रियल लाइफ में बिल्डर।
FD, शेयर, म्यूचुअल फंड? वो तो गिने ही नहीं जाते। कागज़ों में सब शून्य, बैंक अकाउंट में सब सही-सलामत।
नौकरी भी है , शादी भी होनी है और जीवनसाथी भी कमाऊ? बस ध्यान रखिए कि EWS सर्टिफिकेट की तारीख शादी से पहले की हो। शादी के बाद आय बढ़े तो भी कोई फर्क नहीं सर्टिफिकेट तो मिल गया।
गाड़ी लाखों की , मोबाइल iPhone का , छुट्टियाँ हिल स्टेशन पर , लेकिन फॉर्म में लिखा जाएगा आय का स्रोत : सीमित।
थोड़ा सब्र , थोड़ा जुगाड़ , थोड़ा रिश्वत और थोड़ी कागज़ी कलाकारी — और आप बन जाएंगे कानूनी गरीब , चाहे आपके यहाँ बाव��� बीघा पुदीना नहीं , असली संपत्ति फल-फूल रही हो।
असल गरीब लाइन में खड़ा रहेगा और सिस्टम पर स्मार्ट लोग मलाई काटते रहेंगे।
यही है हमारे दौर का EWS मॉडल — पात्रता नहीं, प्रबंधन का खेल।
#UPSCscam
EWS का महान “सिस्टम-हैक” >>
अगर आपकी तनख़्वाह ₹70,000/माह है तो सालाना आय आराम से ₹8 लाख के पार जाती है।
लेकिन घबराइए मत —> एक महीने की Medical या Leave Without Pay लगा दीजिए, और सालाना आय कागज़ों में ₹7.7 लाख दिखाइए। लीजिए, आप आधिकारिक तौर पर “आर्थिक रूप से कमजोर” घोषित।
पिताजी का करोड़ों का कारोबार? कोई टेंशन नहीं। उ��� साल बस हल्का ITR भरवाइए, CA साहब 5–10 हजार एक्स्ट्रा लेकर सब “सेट” कर देंगे। बेटा गर्व से EWS लगाकर IAS बनने निकलेगा।
शहर में आलीशान मकान , गाड़ी और जमीनें? आधार में गाँव का पता अपडेट करवाइए, लेखपाल को थोड़ी सेवा राशि दीजिए और ये मत बताइए कि दूसरे जिले में भी प्रॉपर्टी है। सरकारी रिकॉर्ड में आप किसान पुत्र, रियल लाइफ में बिल्डर।
FD, शेयर, म्यूचुअल फंड? वो तो गिने ही नहीं जाते। कागज़ों में सब शून्य, बैंक अ���ाउंट में सब सही-सलामत।
नौकरी भी है , शादी भी होनी है और जीवनसाथी भी कमाऊ? बस ध्यान रखिए कि EWS सर्टिफिकेट की तारीख शादी से पहले की हो। शादी के बाद आय बढ़े तो भी कोई फर्क नहीं सर्टिफिकेट तो मिल गया।
गाड़ी लाखों की , मोबाइल iPhone का , छुट्टियाँ हिल स्टेशन पर , लेकिन फॉर्म में लिखा जाएगा आय का स्रोत : सीमित।
थोड़ा सब्र , थोड़ा जुगाड़ , थोड़ा रिश्वत और थोड़ी कागज़ी कलाकारी — और आप बन जाएंगे कानूनी गरीब , चा���े आपके यहाँ बावन बीघा पुदीना नहीं , असली संपत्ति फल-फूल रही हो।
असल गरीब लाइन में खड़ा रहेगा और सिस्टम पर स्मार्ट लोग मलाई काटते रहेंगे।
यही है हमारे दौर का EWS मॉडल — पात्रता नहीं, प्रबंधन का खेल।
#UPSCscam
सर आपका नाम प्रफुल्ल देसाई , आप 2019 बैच के IAS ऑफिसर हैं , आपकी रैंक 532 है , आप EWS कैंडिडेट हैं और OH यानी ऑर्थोपेडिकली हैंडिक���प्ड भी है, अब कुछ जलन खोर ट्विटर हैंडल्स आपकी साइक्लिंग करते हुए , टेनिस खेलते हुए और राफ्टिंग करते हुए फोटोज वायरल कर रहे हैं और कह रहें कि सर सलेक्ट होने के बाद बिल्कुल ठीक हो गए । इस फेक न्यूज के जमाने में तमाम चीजें फैल जाती हैं ऐसे में हमें आपसे उम्मीद है कि आप आगे आकर इनका मुंह चुप करवा देंगे।
आपका नाम उजाला सिंह है , आप वाराणसी की रहने वाली हैं , आपके मामाजी बिहार सरकार में ADJ पद पर कार्यरत हैं, आप नौकरी के लिए बहुत बहुत छट पटा रही थीं , इसी बीच सन् 2020 में बिहार BPSC ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर का नोटिफिकेशन निकाला , आप उसको देखकर अपने माता पिताजी से APO बनने की जिद्द करने लगीं , आपके पिताजी और माताजी ने गरीब बनने का निर्णय लिया और औरंगाबाद बिहार में पड़े आपके छोटे से जमीन के टुकड़े को दिखा कर आपको EWS सर्टिफिकेट से नवाजा और फॉर्म भरवाकर आपको EWS के रास्ते 2023 में APO बनवा दिया , अब सवाल उठता है कि जब आपके सारे डॉक्युमेंट्स , आइडेंटिटी कार्ड्स, परमानेंट एड्रेस वाराणसी उत्तरप्रदेश के हैं तो आप बिहार की परीक्षा में बिना वहां के डोमिसाइल के आपने वहां EWS कोटे में कैसे शामिल हो गईं? केवल इतना ही नहीं आपका भाई भी 70 BPSC में EWS परीक्षा से शामिल हुआ है उसके भी सारे रिकॉर्ड्स हमारे पास हैं, उत्तर प्रदेश में भी आपका मकान 302 वर्ग गज का है उस हिसाब से आप यूपी में भी EWS या क��सी भी परीक्षा में EWS के माध्यम से अप्लाई नहीं कर सकती, ऐसा कुछ लोगों का कहना है , कुछ लोगों का तो ये भी कहना है कि जब भी कोई आपके खिलाफ आवाज उठाता है तो आपके ADJ मामाजी उसको सबक सिखा देते हैं, वाराणसी DM ने भी पूरी जांच करके BPSC को पत्र भेज दिया है उसके बावजूद आप सचिवालय स्तर से पैरवी करवाकर बची हुई हैं, आप सामने आइए सबके सामने सच्चाई रखिए हम आपका पूरा साथ देंगे , आपके पास जो आपके जो निजी डॉक्युमेंट्स नहीं ���ैं , वो खुरपेंच टीम के पास हैं, आप कहिए तो मैं सबके मुंह पर फेंक के मार दें।
श्री @NitishKumar जी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की पुनः शपथ लेने पर हार्दिक बधाई।
पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन और आपके कुशल नेतृत्व में जारी बिहार की विकास यात्रा को न�� गति प्राप्त होगी, सुशासन की नींव और सुदृढ़ होगी।
'समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित बिहार' का स्वप्न साकार हो, माता जानकी से यही प्रार्थना है।
श्री नीतीश कुमार जी को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बहुत-बहुत बधाई। वे एक कुशल और अनुभवी प्रशासक हैं। राज्य में सुशासन का उनका शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। नए कार्यकाल के लिए उन्हें मेरी हार्दिक शुभकामनाएं!
@NitishKumar