Woahh!!!!
What a wonderful & logical take against reservation system, eating India's growth.
Whole atrocities lies busted.
This is fire.🔥🔥🔥���🔥🔥
It must be appreciated 👏🏻👏🏻@ajeetbharti
Hardeep Puri said that ethanol is used in racing cars as well to defend his stand on E20. This is the Petroleum Minister's understanding of the issue. What can one even say to that!
First, race cars are specifically engineered to run on ethanol; therefore, it does not harm them. This is not the same as forcing E20 into regular cars that are not engineered to handle it. In non-compliant vehicles, ethanol will aggressively degrade standard rubber gaskets, plastic parts, and aluminum components over time.
Second, a racing engine is built to survive for only a few hundred miles before being stripped down and rebuilt by professional mechanics, who easily manage any fuel-induced wear. An average citizen, however, needs their car to last for over a decade. Running non-compliant engines on E20 will certainly not help achieve that.
Third, race teams use ethanol solely for a performance boost due to its high octane rating, not for fuel economy. For regular people, however, fuel economy matters immensely.
प्रिय @HemantSorenJMM जी,
आपके राज्य में तीन सर्वोत्कृष्ट विद्यालय हैं: सैनिक स्कूल तिलैया, हजारीबाग और नेतरहाट। मुझे आज मेरे विद्यालय के प्राचार्य के माध्यम से एक सूचना मिली।
एक प्रतिभाशाली बालक विशाल के, जो आपके ही राज्य के कोडरमा के ‘छोटकी धमराय’ ग्राम का निवासी है, पिता का निधन हो गया। पिता मुंबई में वेटर का कार्य करते थे। माता सुनीता देवी चिंतित हैं।
उसकी बकाया फीस कुल पौन दो लाख के लगभग है, जिसमें से लाख रुपए मैं दे रहा हूँ और बाकी के लिए भी हमारी मित्र मंडली लगी हुई है। अगले वर्ष भी हम लोग सँभाल लेंगे।
आपस��� आग्रह है कि ऐसे छात्रों के लिए राज्य शिक्षा मंत्रालय कोई व्यवस्था बना दे ताकि यहाँ से ये वंचित समुदाय के बच्चे विद्यालय और शिक्षा दोनों ही न त्याग दें।
इसके साथ ही @JharkhandCMO से यह भी पूछना चाहता ��ूँ कि विगत दस वर्षों से सैनिक स्कूल तिलैया में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति तक नहीं हो पा रही थी जबकि बगल में तिलैया डैम है!
कुछ समय पूर्व वहाँ के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दिया था और बच्चों को दो-तीन तक ठीक से भोजन आदि नहीं मिला। यह सब मेरे लिए अत्यंत पीड़ा का विषय है क्योंकि मैंने बिहार के तिलैया में तीन वर्ष और आपके राज्य के तिलैया में चार वर्ष पढ़ाई की।
कभी कोई समस्या नहीं हुई। हेमंत जी, आप यह अच���छे से जानते हैं कि शिक्षा की मुक्ति का मार्ग है। सैनिक स्कूल निर्धन और प्रतिभाशाली बच्चों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा पाने का एक अच्छा मार्ग है। उसे फंड नहीं मिलेगा तो विद्यालय नष्ट हो जाएगा।
हालाँकि इसका प्रशासनिक दायित्व मूलतः @SpokespersonMoD का होता है, परंतु फंड आदि राज्य सरकार के हिस्से में है। आशा है आपका कार्यालय विद्यालय के संचालन हेतु उचित सहयोग देगा।
@RuleOfLawX@arpit637163@ajeetbharti तू सिर्फ दलितों में व्याप्त जातिवाद को क्यों नही द��ख पाता ? बिहार में कुर्मी, जाटव और भी अनेकोनेक जातियाँ है जो एक दूसरे को हीन समझती है वहाँ भी कूएँ का पानी नही पीने दिया जाता। रोटी बेटी का व्यवहार नही होता।
@RuleOfLawX@ajeetbharti अंबेडकर एक कुंठित राजनेता थे, जो अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति हेतु मुस्लिम लीग से भी सीट पाने के लिए नहीं हिचके। संविधान सभा में उनसे कहीं ज्यादा सुलझी और परिपक्व दलित आवाज दक्षायणी वेलायुधन थी। अंबेडकर एक सुविधाभोगी और वायसराय के ऐजेंट थे।
अगर किसी एक मंत्री की वजह से मोदी सरकार की छवि ध्वस्त हो रही है। जनता त्राह���माम कर रही है तो उनका नाम नितिन गडकरी है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि, जनता को राहत देने, समझ��ने और समाधान देने के बजाय जाने कौन सी लॉबी का जिक्र करते प्रसन्न हुए जा रहे हैं। कमाल की बात यह भी है कि, जनता से सीधे जुड़ा मुद्दा होने के बावजूद राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष नितिन गडकरी पर कभी हमलावर नहीं होता है। किसी दूसरे मंत्री के साथ ऐसे विवाद जुड़े होते तो अब तक राहुल गांधी और विपक्षी नेता जाने क्या कर रहे होते? नितिन गडकरी परफार्मिंग मिनिस्टर हैं, यह तर्क देकर जनता के मन में संदेह बने ��हने और जनता को परेशान होने के लिए छोड़ देना कहां तक उचित है।
@MumbaichaDon@nitin_gadkari के NH के किये गये कामों पर एक श्वेत पत्र लाने की आवश्यकता है। इस प्रकार के निर्माण पर दिये गये टेंडर पर निश्चित भयंकर भ्रष्टाचार हुआ है। अपना मंत्रालय संभल नही रहा और पेट्रोलियम मंत्रालय पर कब्जा कर लिए और मिडिल क्लास के सपनों की गाड़ी का सत्यानाश कर दिया।
Two Tomahawk missiles, reportedly fired from George Soros's Bedford residence in New York, in a bid to sabotage Shri Nitin Gadkari's infrastructure work, hit the Delhi-Dehradun Expressway this morning. Thankfully, no lives were lost.
आइटी सेल के टट्टी टट्टू अब यह बता रहे हैं कि इथेनॉल UPA ले कर आई थी और राजपत्र दिखा रहे हैं!
अरे भड़वों! जब तर्क नहीं है तो लड़चट्टों चुप क्यों नहीं रहते तुम लोग? पिछले ��ारह वर्षों से सत्ता में तुम हो। नीति पर गंभीरता से कार्य आरम्भ हुआ 2018 में। इंजन बने 2023 में। और तुम दिखा रहे हो कि नीति तो 2007 में आई?
अच्छा तो ये बताओ कि 2001 और 2003 में किस पैर्टी की सरकार थी? क्या वो तब से E20-30-85 बेच रहे थे? तुमने तब भी जनता को कॉन्फिडेंस में नहीं लिया, और तुमने ��ज भी बिना बताए जनता के EMI पर लिए इंजनों का बलात्कार किया है।
क्या UPA वालों ने गडकरी और हरदीप पुरी से कहा था कि बिना जनता को बताए कि इथेनॉल कितना मिक्स है, पेट्रोल कह कर बेचो। और उन गाड़ियों में भी डलवाओ जो बिलकुल भी इसके लिए नहीं बने हैं।
तुम्हारे पाँव के नीचे से भूमि खिसक रही है, और तुम अभी भी कॉन्ग्रेस और नेहरू को ब्लेम करने की राह देख रहे हो। चुल्लू भर पानी में डूब जाओ हरामखोरों।
कितना PR करोगे @nitin_gadkari का? और ये तुम नहीं करते पर करना पड़ रहा है क्योंकि आँच @narendramodi तक जा रही है। कुछ भी हो जाए, मोदी के कुर्ते का एक धागा हिलना नहीं चाहिए। बाकी देश में आग ही क्यों न लग जाए।
ऐसी भी क्या गुलामी करनी है बे? आत्मा तो मत बेचो दल्लों!
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ‘नैतिक आधार’ पर न्यास से त्यागपत्र दे दिया। दो कौड़ी की बात है ‘नैतिक आधार’ वाली।
चंपत राय की दो धोती से ले कर, अंग्रेजों के समय के 150 वर्ष पुराने छत वाले PR स्टंट चले कि देखो कितने गरीब हैं। जबकि, जिसे थोड़ी भी बुद्धि होगी वह समझ जाएगा कि 150 वर्ष पहले यदि आपके घर की छत खपरैल की जगह लकड़ी की सिल्लियों वाली है, तो आप अत्यंत धनवान थे।
खैर, बीस दिवस बाद यदि याद आया कि नैतिकता भी कुछ ���ोती है, तो वह केवल दवाब मात्र है। चंपत राय की यह करतूत और उनके सहयोगी का इसम���ं लिप्त होना, उन्हें इस पद के लिए अयोग्य बनाता है।
Indian influencers are increasingly creating content that dehumanises Israeli tourists visiting India and puts their lives at risk.
It's high time we took this seriously, called them out, and urged the relevant agencies to probe any financial or organised influence behind such content. Targeting a particular nationality, normalising hostility towards them, and endangering their safety cannot be brushed aside as "just content creation."
Indian influencers are increasingly creating content that dehumanises Israeli tourists visiting India and puts their lives at risk.
It's high time we took this seriously, called them out, and urged the relevant agencies to probe any financial or organised influence behind such content. Targeting a particular nationality, normalising hostility towards them, and endangering their safety cannot be brushed aside as "just content creation."
@jpsin1 चंपतराय को ट्रस्ट से चंपत करने में ही भलाई है।इनकी सिफारिश पर ही ट्रस्ट में उन लोगों की भर्ती हुई जो दीमक बनकर आस्था के चढ़ावे को चाटकर खुद की कोठियां बना दी। ये शख्स अपनी जिम्मेदारी से क���से बच सकता है? इतने सवाल उठने के बादभी अपने पद पर चिपके रहना कहाँ तक उचित है?
@ocjain4 आडवाणी जी पर हवाला का आरोप मात्र लगने पर उन्होने इस्तिफा दे दिया था और बेदाग होकर वापस आगये थे। चंपतराय क्यों उस पद पर बने हुए हैं जिसके माध्यम से यह सब घोटाला हुआ है। थोड़ी नैतिकता है कि नही या नाम के साथ ही चंपत होगयी��
श्री @dpradhanbjp जी, ये बिलकुल मत सोचना कि NEET समापन होते ही तुम्हारे सर से तलवार हट गया ���ै। तुम निकृष्ठ थे, हो और सदैव रहोगे।
चाहे कितना भी PR करवा लो, हम तुम्हें छोड़ने वाले नहीं हैं। थोड़ी भी लज्जा है तो त्यागपत्र दो और किसी नए को बैठने दो। हालाँकि, नया भी क्या उखाड़ लेगा, वो हमने देख रखा है, पर हृदय को थोड़ी शांति अवश्य मिलेगी।
CBSE की रीचेकिंग में बच्चों के अंक 20-30% तक बढ़े हैं। कोएम्प्ट को टेंडर किस आधार पर दिया गया था, वह भी पूछा जाएगा।
ये कॉकरोच और लहसुन के वीडियो तो चलते रहेंगे, पर तुम से और @narendramodi से पूछा जाता रहेगा कि ऐसा क्या बिगाड़ा है इस समाज ने कि @BJP4India को आज तक शिक्षा सुधारने के लिए एक भी उचित व्यक्ति नहीं मिला?
चंपत राय ट्रस्ट का गिरोह ऐसा अनैतिक है कि इन लोगों ने अभी तक मंदिर परिसर से स्वयं को अलग नहीं किय�� है। ये वहीं जमे हुए हैं।
हर दिन ऐसी कहानियाँ आ रही हैं कि हमारी चाँदी की 200 ईंटें रख लीं, रसीद नहीं दिया; हमारी काग��ुशुंडी की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया; हमारे सोने की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया…
ये लोग इतने आरोपों के उपरांत भी न तो ट्रस्ट से सांकेतिक रूप से हट रहे हैं, न इसका खंडन कर रहे हैं। पर हाँ, भाजपा-संघ आदि ने अब त्यागपत्र, पद से हटने की परंपरा समाप्त कर दी है।
चार छोटे लोग हटा दिए जाएँगे, सही जवाबदेही कभी तय
नहीं हो पाएगी।