आरक्षण का मकसद प्रतिनिधित्व बढ़ाना था, लेकिन अगर उसका लाभ कुछ चुनिंदा जातियों तक सिमट जाए तो सवाल उठना लाज़िमी है।
जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी भागीदारी; तो फिर OBC के भीतर सबसे पीछे खड़े लो��ों की हिस्सेदारी कहाँ है?
(पूरी चर्चा देखें, भटके हुए युवा की 70वीं कड़ी में...)
“30 प्रतिशत वालों को नौकरी, 80 प��रतिशत वालों को फेल क्यों?” शंकराचार्य ने हिंदू एकता पर उठाया सवाल
हिंदू एकता और सामाजिक व्यवस्था को लेकर एक शंकराचार्य का बयान चर्चा में है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “30 प्रतिशत वालों को नौकरी मिल जाती है, जबकि 80 प्रतिशत अंक लाने वालों को फेल क्यों किया जाता है?”
उन्होंने कहा कि जब समाज में योग्यता और अवसरों को लेकर इस तरह का असंतोष बना रहेगा, तो हिंदू एकता की बात अधूरी रहेगी।
निर्धन ब्राह्मण परिवार सरकारी योजनाओं से बाहर
फर्रुखाबाद जिले में एक ब्राह्मण परिवार को सरकारी राशन समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है।
तंज करते हुए लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब किसी परिवार को “क्रीमी लेयर” या संपन्न वर्ग मानकर योजनाओं से बाहर रखा जाता है, तो क्या वास्तव में उसे सरकारी राशन की जरूरत नहीं होती?
RHA की अब तक की सबसे बड़ी जीत:
१. आरक्षण पर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा
२. आरक्षण पर ‘दलित नेता’ की जगह अमुक जाति बनाम अमुक जाति का वाक्युद्ध
३. आरक्षण पर लोगों के पास आँकड़े, तथ्य और तर्क
४. सरकार द्वारा एकता तोड़��े के प्रयास, जो लोगों को दिख रही है
५. आरक्षण पर उपेक्षित जातियों के कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा खुल कर अपनी बात रखने का आरंभ
आने वाले दिनों में यह और वृहद् और व्यापक होने वाला है। नवंबर की प्रतीक्षा कीजिए।
"जाति खत्म करनी है, तो पहले तहसील से जाति प्रमाण पत्र बनाना बंद करो!" — ओम प्रकाश राजभर 🔥
UP विधानसभा में ओम प्रकाश राजभर ने कहा —सरकारी तंत्र ही कागजों पर ठप्पा मारकर जाति तय करता है।
जब तक तहसीलों से जाति प्रमाण पत्र जारी होते रहेंगे, तब ��क समाज से जाति प्रथा खत्म नहीं हो सकती!
गोल्ड मेडलिस्ट भावना मिश्रा ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर उठाए सवाल, जब घर पर नहीं थी तब हुई FIR;
वीडियो के मुताबिक, भावना का आरोप है कि उनके खिलाफ झूठा SC/ST Act का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके चलते उन्हें पांच वर्षो से लगातार कोर्ट की तारीखों, आरोपों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय बाद भी न तो उन्हें राहत मिली है और न ही मामला पूरी तरह समाप्�� हुआ है।
(नोट: वीडियो की तारीख और मामले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।)
आज 1 सितंबर 2026 को सवर्ण आर्मी, जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदय को ज्ञापन सौंपा।
मुख्य मांगें :
🔹 आरक्षण आर्थिक आधार पर हो
🔹 UGC RollBack हो
🔹 SC/ST Act समाप्त हो
🔹 सवर्ण आयोग का गठन हो
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा होगा।
#UGC_RollBack
#SC_ST_Act_स��ाप्त_करो
लगातार आप सब के विचारों के सुनने के उपरांत, हमने ��क सरलीकृत माँग पत्र बनाया है। एक बार आम सहमति बन जाए, फिर डिजिटल से धरातल की योजना बनाई जाएगी। तब तक, नीति निर्धारकों के लिए यह पत्र हम सार्वजनिक कर रहे हैं ताकि उन्हें AI से हिन्दी लिखवा कर, उसमें प्राइवेट में आरक्षण जैसी बकलोली न करनी पड़े।
@JPNadda जी, कॉपी ही करना है, तो ठीक से करो। वैसे, आपको दोबारा झुका देख कर दुख हुआ।
आज सामान्य वर्ग @BJP4India से सबसे ज्यादा नफरत करता है! @narendramodi लगातार सामान्य वर्ग के खिलाफ कानून ला रहे हैं!
2018 में Scstact लाना,कई राज्यों में आरक्षण बढ़ाना,अब UGC?ये दिखाता है कि मोदी जी कितनी नफरत करते हैं सामान्य वर्ग से? अब सामान्य वर्ग इसका जवाब बहुत जल्दी देगा!
जैसे ही आनंद रंगनाथन जी ने कहा कि भारत पर 270 लाख करोड़ का कर्ज़ा है, हम सब लोग सो कैसे रहे हैं, ये सब जानते हुए?
नींद कैसे आ रही है?
तुरंत ही श्री श्री प्रदीप भंडारी जी जाग गए!
और कहा, “मैं चलता हूँ।”
ये तो वही बात हुई, जैसे पिता पुत्र से पूछ रहे हैं, “तुम फेल कैसे हो गए?”
और पुत्र उत्तर देता है, “अरे, फलाने जी का लड़का भी तो फेल हो गया!”
JP नड्डा @JPNadda जैसे धूर्त नेता और कर भी क्या सकते हैं, जिन्होंने देश के लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है, दुनिया आगे बढ़ रही है और भारत में पिछड़ा बनने की होड मची है...
��स देश का नालायक प्रधानमंत्री जो कि कभी सामान्य वर्ग में पैदा हुआ ओर फिर पिछड़ा बन गया, अब वो मंचों पर चढ़कर खुद को अतिपिछड़ा बताने लगा है, इन बेशर्म नेताओं से इस देश को बचाना होगा। आरक्षण जैसी सुंदर व्यवस्था को इन नेताओं ने वोट बैंक का जरिया बना लिया है, अंतिम पायदान का व्यक्ति आज भी गरीब का गरीब रह गया है, ओर जिन एक बार आरक्षण से ऊपर उठने का अवसर मिला वो अब नेता,मंत्री, IAS, IPS अधिकारी बनने के बाद भी दूसरे गरीबों के लिए आरक्षण नहीं छोड़ रहे हैं। यह अत्यंत दुखदाई तथा देश को कीचड़ में धकेलने वाली व्यवस्था है। #ReservationReformआंदोलन
चिराग जी जिनके साथ आप छुआछात भेदभाव करते हो वह समझदार हो रहे हैं आप तो कह रहे हो आरक्षण तो बहुत दूर समीक्षा भी नहीं करने देंगे, अब एक बात आप भी ध्यान रख लो अब तुम्हारे बोरिया बिस्तर बांधने का टाइम आ गया, क्योंकि sc/st वाले भी समझदार हो रहे हैं..
@iChiragPaswan@jitanrmanjhi
सवर्णों के शोषण पर अवध ओझा सर ने कहा 🔥
दलित का शोषण नहीं होना चाहिए, ये बात तो ठीक है लेकिन क्या 'ब्राह्मण' इंसान नहीं है ? क्या सवर्ण इंसान नहीं है ?
#सवर्ण_आयोग_बनाओ
राज्य मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि “मुझे और मेरे परिवार को किसी भी तरह का आरक्षण नहीं चाहिए। हमारा आरक्षण समाज के गरीब लोगों को दे दो।
इससे पहले इनके बेटे भी कह चुके हैं कि हमारी पार्टी आर्थिक आधार पर आरक्षण मिले इसकी समर्थक है।
जहां राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक बड़े-बड़े सरकारी पदों पर बैठे अरबपति यदि दलित पिछड़े कहलाएं तो.....
वहां के संविधान को जला देना चाहिए आगे ऐसा होगा शायद यह जानकर ही बाबा साहेब ने इस संविधान को जलाने की बात कही होगी।