CPI(M) के अनुसार भारत में समाजवाद कीओर बढ़ने से पहले जनता के जनवाद की स्थापना आवश्यक है।
पार्टी का मानना ��ै कि भारत में अभी भी सामंतवाद के अवशेष, सामाजिक असमानताएं और बड़े पूंजीपति वर्ग का प्रभाव मौजूद है। इसलिए समाजवादी परिवर्तन की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना होगा।
आर्थि��� समस्याओं का समाधान किए बिना घुसपैठिए, रोहिंग्या, बांग्लादेशी जैसी बातें कहकर देश के भीतर ही एक हिस्से को दूसरे हिस्से के सामने 'दुश्मन' के रूप में पेश किया जा रहा है।
असल बात यह है कि आरएसएस भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाकर रखना चाहता है।
बाल सभा द्वारा समर कैंप के माध्यम से
पानीपत हरियाणा के 12 गांवों में विज्ञान के सरल प्रयोग, चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या, पेंटिंग, पेपर फोल्डिंग, कठपुतली आदि गतिविधिया��� की जा रही है।
CPI(M) की रंगा रेड्डी ज़िला सचिवालय के सदस्य जगदीश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की
CPI(M) पोलित ब्यूरो के सदस्य बी.वी. राघवलु, तेलंगाना राज्य सचिव जॉन वेस्ली, केंद्रीय समिति सदस्य तमिनेनी वीरभद्रम, राज्य सचिवालय के सदस्य जुलाकांति रंगा रे���्डी और अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित किया
CPI(M) की तेलंगाना राज्य समिति ने हैदराबाद में दो दिन का युवा सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें पूरे राज्य से युवा शामिल हुए।
राज्यसभा सांसद और DYFI के अखिल भारतीय अध्यक्ष ए.ए. रहीम ने पार्टी का झंडा फहराकर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
CPI(M) Telangana State Committee organized a two-day Youth Conference in Hyderabad, drawing youths from across the state. Rajya Sabha MP and DYFI All India President A A Rahim hoisted the party flag to mark the inauguration of the conference. CPI(M) Ranga Reddy District Secretariat member Jagadish presided. CPI(M) Polit Bureau member B V Raghavulu, Telangana State Secretary John Wesley, Central Committee member Tammineni Veerabhadram, State Secretariat member Julakanti Ranga Reddy, and other senior leaders addressed the gathering.
DYFI की अगुवाई में हैदराबाद के सुंदरय्या पार्क के पास एक विरोध रैली आयोजित की गई।
तेलंगाना राज्य सरकार से पुलिस विभाग में 20,000 खाली पदों को भरने के लिए नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे बेरोजगार लोगों की गैर-कानूनी गिरफ्तारी की निंदा की गई��
इसी उद्देश्य से संसद से लेकर सड़क तक चलने वाले जन-संघर्षों को जन��ा के जनवाद के लक्ष्य से जोड़ा जाता है, जिसे CPI(M) समाजवाद की दिशा में एक आवश्यक कदम मानती है। ☭
कम्युनिस्ट पार्टी (कम्युनिस्ट आंदोलन) का ऐतिहासिक संदर्भ, गठन व मूल सिद्धांत
1920 में रूसी अक्टूबर क्रांति (1917) से प्रेरित होकर इस आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को ब्रिटिश साम्राज्यवाद से मुक्त कराना था।
पार्टी का मानना है कि महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक उत्पीड़न और जनवादी अधिकारों पर हमलों जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान तभी संभव है जब मौजूदा पूंजीपति-भूस्वामी व्यवस्था में बुनियादी बदलाव किया जाए।
जब आग लगती है, तो वह धर्म नहीं देखती, हिंदू-मुस्लिम का भेद किए बिना सभी के घरों को जलाकर खाक कर देती है।
बीजेपी की बुलडोजर राजनीति के खतरे से भी कोई नहीं बचेगा। सभी इसके शिकार होंगे।
इसलिए प्रतिरोध की लड़ाई में सभी लोगों को एकजुट होना होगा।
-Md Salim
CPI(M) पश्चिम बंगाल सचिव