नागपुर के प्रभाग 8 मोमिनपुरा से अल्पसंख्यक विभाग के ज़िला चेयरमैन वसीम ख़ान जी के साथ पूरे पैनल से
सैय्यदा मुस्कान
सिराज अहमद
सैय्यदा निज़ामुद्दीन अंसारी को जीत की मुबारकबाद।
BMC के प्रभाग 49 अम्बुजवाड़ी से 20 साल बाद कॉंग्रेस पार्टी की संगीता कोली ने जीत दर्ज की।
शुक्रिया मलाड की अवाम का।
@AslamShaikh_MLA जी आपको मुबारकबाद।
BMC चुनाव में कॉंग्रेस की पहली जीत, वार्ड 165 से अशरफ़ आज़मी चुनाव जीत गये हैं।
12 जनवरी को सांसद इमरान प्रतापगढ़ी जी ने किया था समर्थन में जनसभा
@ShayarImran@INCMaharashtra
महाराष्ट्र चुनाव में अगर कॉंग्रेस की तरफ से किसी ने मेहनत की तो वो थे इमरान प्रतापगढ़ी, और उसका रिज़ल्ट भी मिला।
अकोला में कॉंग्रेस की सीटें दुगनी हुईं, BMC में इमरान जहॉं जहॉं ��ये लगभग सारी सीटें जीतीं।
नांदेड़ में सबसे प्रतिष्ठा की सीट देगलूर नाका की कॉंग्रेस के शहर अध्यक्ष सत्तार के बेटे ग़फ़्फ़ार की थी, जिस पर ओवैसी ने सभा करते हुए कहा था कि सत्तार तुम्हारा बेटा हारेगा, अगले दिन इमरान ने सभा की और ओवैसी को चैलेंज किया कि ग़फ़्फ़ार जीतेगा।
और आज जब नतीजे आये तो ग़फ़्फ़ार के साथ पूरा पैनल जीत गया।
@ShayarImran
#ImranPratapgarhi
#Aimim
“सत्तार, तुम्हारा बेटा ग़फ़्फ़ार हारेगा” शायद अब इसका जवाब मिल गया होगा।
महाराष्ट्र निकाय चुनावों में @ShayarImran ने कुल 17 जनसभाओं को संबोधित किया, जिनमें से 14 स्थानों पर कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। यह उन सभी लोगों के लिए करारा जवाब है जो कहते थे कि ‘जहाँ इमरान जाते हैं, वहीं कांग्रेस हारती है।’ उम्मीद है अब उन्हें कुछ ���ुकून मिला होगा।
चुनाव में हार-जीत चलती रहती है , कोई जीतता है तो कोई हारता भी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से ट्रोल किया जाए या उसकी छवि खराब की जाए झूठे लांछन लगाएं जाए ।
@aimim_national समर्थक अक्सर दूसरों को ‘भक्त’ कहते हैं, लेकिन आज के दौर में सबसे बड़े ‘भक्त’ शायद वे खुद बन गए हैं। और ��ह बात हमेशा याद रखिए राजनीति में मर्यादा भी उतनी ही जरूरी है जितनी विचारधारा।
किसी को गिराने से ऊँचाई नहीं मिलती,
जिसे रब दे इज़्ज़त, उसे शिकस्त नहीं मिलती।
#BMCElection2026 #BMCElections
#ImranPratapgarhi #Asaduddinowisi
“जहाँ पहुँचे इमरान प्रतापगढ़ी वहीं जीती कांग्रेस”
महाराष्ट्र के हालिया निकाय चुनावों में एक स्पष्ट पैटर्�� देखने को मिला जिन-जिन क्षेत्रों में @ShayarImran ने प्रचार किया, वहाँ कांग्रेस को निर्णायक बढ़त और जीत हासिल हुई।
बीएमसी चुनाव में यह पैटर्न बार-बार दिखा।
मुम्बा देवी में जिन 4 सीटों पर इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रचार किया, चारों पर कांग्रेस जीती।
मलाड में चारों सीटें कांग्रेस के खाते में गईं।
कुर्ला में जहाँ उन्होंने दो सभाएँ कीं, दोनों सीटें कांग्रेस ने जीतीं।
सिर्फ मुंबई नहीं, विदर्भ और मराठवाड��ा में भी यही तस्वीर दिखी।
अकोला में ओवैसी साहब और भाजपा ने पूरी ताक़त झोंकी, लेकिन कांग्रेस 12 से बढ़कर 21 पर पहुँची।
नांदेड़ में जहाँ असद साहब और ��शोक चव्हाण ने ग़फ़्फ़ार को हराने की खुली चुनौती दी थी, वहीं इमरान प्रतापगढ़ी ने बड़ी रैली कर कहा था “ग़फ़्फ़ार जीतेगा।”
नतीजा ? ग़फ़्फ़ार ही नहीं, 3 और कांग्रेस उम्मीदवार भी जीते।
नागपुर में जिन चार सीटों पर इमरान ने अपील की, चारों कांग्रेस ने जीत ली।
अहमदनगर में जिस सीट पर उन्होंने प्रचार किया, वह भी कांग्रेस के खाते में गई।
अमरावती में उनकी सभा के आसपास की चारों सीटें कांग्रेस ने बम्पर व���टों से जीतीं।
सबसे दिलचस्प बात यह कि नांदेड़ और अकोला में ओवैसी साहब ने दो-दो बार हेलीकॉप्टर उतारा, बड़ी-बड़ी रैलियाँ कीं, पूरी मशीनरी लगाई , फिर भी कांग्रेस के उम्मीदवार नहीं हरा सके।
यह सिर्फ संयोग नहीं है। यह बताता है कि इमरान प्रतापगढ़ी की स्वीकार्यता, उनकी भाषा, उनका जनसंवाद और उनका भरोसा जमीन पर असर डालता है। उन्होंने ध्रुवीकरण नहीं, संवाद चुना टकराव नहीं, भरोसा चुना और यही फर्क बन गय��।
साफ़ है ।
जहाँ-जहाँ इमरान प्रतापगढ़ी पहुँचे, वहाँ-वहाँ कांग्रेस का मनोबल बढ़ा और नतीजे बदले।
राजनीति सिर्फ नारे नहीं, भरोसे का खेल है और इस बार मैदान में भरोसा जीत गया।
#ImranPratapgarhi #BMCElections2026 #BMCElections
#Congress #AIMIM #Asaduddinowisi
जहॉं जहॉं पँहुचे इमरान प्रतापगढ़ी वहॉं वहॉं जीती कॉंग्रेस।
BMC के मुम्बा देवी में जिन 4 सीटों पर प्रचार किया वो सारी 4 सीटों पर कॉंग्रेस के नगर सेवक जीते, मलाड में जिन 4 सीटों पर प्रचार किया वो सभी 4 नगर सेवक जीते, कुर्ला में 2 सीटों पर प्रचार किया वो दोनों जीते।
अकोला गये तो वहॉं भाजपा और अन्य पार्टी की पूरी मेहनत के बाद भी कॉंग्रेस 12 से बढ़कर 21 हो गई।
नांदेड़ में जिस सीट पर अशोक चव्हाण और अन्य पार्टी ने पूरी ताक़त लगाकर गफ़्फ़ार साहब को हराने का वादा किया था इमरान ने वहॉं बड़ी रैली की और चैलेंज कर कहा कि ग़फ़्फ़ार तो जीतेगा और ग़फ़्फ़ार के ���ाथ साथ 3 और नगर सेवक चुनाव जीत गये।
नागपुर में जिन चार सीटों पर अपील की वो सारी 4 सीटें कॉंग्रेस जीती।
अहमदनगर में जिस सीट पर प्रचार किया वो सीट कॉंग्रेस जीती।
अमरावती में जिस सीट पर प्रचार किया उसके पास की सभी 4 सीटें कॉंग्रेस बम्पर वोट से जीती…
इमरान से हसद रखने वालों सुनो
इमरान प्रतापगढ़ी तब से क़ौम के लिए अपना ( खून,पसीना,दौलत ) लुटा रहे हैं जब सियासत से इमरान प्रतापगढ़ी साहब का कुछ लेना देना ही नही था
वो वक़्त याद करो जब आए दिन मुल्क़ के अन्दर गाय के नाम पर मॉब लिंचिंग कर दी जा रही थी
तब यही इमरान उन मज़लूमों के घर पहुँच कर उन्हें सीने से लगाकर कह रहे थे मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूँ
और उस वक़्त लम्बी लम्बी जज़्बाती तक़रीरें करने वाले कहीं दूर दूर तक नज़र नहीं आते थे
और कुछ नादान कहते हैं इमरान ने क़ौम के लिए किया ही क्या है
सुनो नादानो बिना विरासत की सियासत के क़ौम के साथ तब भी खड़े थे इमरान और आज भी खड़े हैं।