I think it was a bad decision to come back to India. It's time to go back to the US.
There is nothing left in India for the GCs, especially males.
I don't want my 5 year old son to face the harsh realities of the reservation, acts and laws, when he grows up.
If one day, he asks me, why can't he get into the top IIT, but his SC/ST friend can, even with half his marks, and the same economic status, I will have no answer. I guess I will just have to say, it's because we don't care about merit, but representation.
🚨 IIT बॉम्बे के निदेशक ने इस्तीफा दिया, लेकिन यह बातचीत पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर गई।
छात्रा: "सर, आपको अंदाज़ा भी नहीं है कि छात्रों पर कितना दबाव होता है।"
प्रो. शिरीष केदारे: "ठीक है, तो क्या हम तुम्हारे लिए नकल को कानूनी बना दें ताकि दबाव न रहे? हमें ऐसे छात्रों के लिए प्रश्नपत्र बनाने को कहा जाता है जिनमें पढ़ाई करने की क्षमता है। कुछ छात्र 80 परसेंटाइल के आधार पर आए हैं। सिर्फ इसलिए कि कुछ छात्र 30 परसेंटाइल के साथ आए हैं, हम बाकी छात्रों के लिए पेपर आसान नहीं बना सकते।"
छात्रा: "फिर भी सर, आप बेशर्मी दिखा रहे हैं। यह सब आपकी गलती थी।"
प्रो. शिरीष केदारे: "मैं इस्तीफा दे रहा हूँ क्योंकि इसमें कहीं न कहीं मेरी भी कुछ गलती रही होगी। ��ेकिन जिन छात्रों ने कभी नकल की है, उन्हें भी IIT छोड़ देनी चाहिए। मैं चौकीदार से भी इस्तीफा माँगूँगा क्योंकि वह किसी की पैंट में मोबाइल फोन होने की जाँच नहीं कर पाया। अगर माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित नहीं कर पाते, तो क्या उन्हें भी अपनी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे देना चाहिए? उस छात्र को हमसे नहीं, बल्कि अपने कर्मों से डरना चाहिए था। जिन छात्रों में IIT की परीक्षा पास करने की क्षम���ा तक नहीं है, उन्हें IIT भेजने पर उनके माता-पिता को शर्म आनी चाहिए।
तुकाराम मुंढे ने अस्पतालों में मेडिकल सामान की कीमतों पर सवाल उठाए, कहा- अस्पताल में ₹11 के प्रोडक्ट की कीमत ₹325, ₹6.75 की सिरिंज पर MRP ₹57.20
#Maharashtra#TukaramMundhe#Medical
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किसी आम आदमी को लोन लेना होता है तो उसे अपनी संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है और अगर कोई व्यक्ति लोन नहीं चुका पाता है तो सरकार गिरवी संपत्त��� को कुर्क करके वसूली करती है।
लेकिन उत्तराखंड में अलग ही खे�� चल रहा है....
• सरकार के एक्ट में सीधे तौर पर लिखा गया है कि लीज पर ली गई जमीन को री-लीज पर नहीं दिया जा सकता है
• लेकिन उत्तराखंड में लीज को सब-लीज पर दिया जा रहा है, लीज का Renewal हो रहा है, क्योंकि शर्त ऐसी है कि बिड के दिन से 30 दिन के भीतर सिर्फ 25% अमाउंट ही जमा करना है
• ऐसे में बिड लेने वाला कुछ हिस्से को ज्यादा पैसों में सब-लीज करके पैसा जमा करेगा और बाकी 75% राशि जमा करने के लिए उसके पास काफी समय होगा
��� आज राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद ऐतिहासिक महत्त्व वाली जगहों को बेचने की तैयारी है और ये सब पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा किया जा रहा है
: उत्तराखंड में चार्जशीट कमेटी के हेड @KaranMahara_INC जी
मुख्यमंत्री जी कांग्रेस के 70 सालों पर सवाल उठाने से पहले अपने पिता जी की 35-40 साल की सैन्य सेवा को याद करें। उन्हें पेंशन और सेवा के अधिकार मिले, उसी से परिवार का भविष्य और घर बन सका यह कांग्रेस की नीतियों की देन है।
अगर उनके पिता जी भी आज की अग्निवीर योजना के तहत 4 साल में घर लौट आते, तो न पेंशन मिलती, न डिफेंस कॉलोनी में मकान बनता और न ही परिवार की पढ़ाई-लिखाई उस तरह हो पाती।
दूसरों पर सवाल उठाने से पहले मुख��यमंत्री जी अग्निवीर योजना पर जवाब दें।
#GaneshGodiyal #INCUttarakhand #CongressForUttarakhand
मध्य प्रदेश में एक ही पते पर 40 से ज्यादा पासपोर्ट कैसे जारी हुए: एक ही गवाह 20 से ज्यादा आवेदनों में कैसे आया, फर्जी पहचान की पूरी चेन कैसे बनी और पासपोर���ट लेकर ये लोग विदेश तक क्यों गए? मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में पूरी कहानी…
#MPNews #HindiNews #Bhopal #MPPolice #PasportFraud #PassportVerification
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भोपाल पुलिस की मिलीभगत से बांग्लादेशियों को भारतीय पहचान मिली?: एक ही पते पर 40 से ज्यादा पासपोर्ट कैसे जारी हुए; वैरिफिकेशन में क्यों नहीं पकड़ाए, मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में पूरी कहानी…
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-https://t.co/ILeQ3g28Tl
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SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग के प्रतिदिन नए उदाहरण;
कुछ ऐसी स्टोरीज़ भी सामने हैं, जहाँ SC/ST Act के मामले में पूरे परिवार के ऊपर केस लगा दिया गया। परिवार का कहना है कि उनके पास सेटलमेंट के लिए पैसा नहीं है और स्थिति ऐसी हो गई है कि वे आत्महत्या तक की बात कर रहे हैं।
जौनपुर के मछलीशहर में एक यादव परिवार के पूरे परिवार पर SC/ST Act का मुकदमा लगा है। परिवार का आरोप है कि उनके घर में लोग घुसते थे, लड़कियों से छेड़छाड़ करते थे और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनके खिलाफ SC/ST Act लगा दिया गया।
परिवार के लोग आज रो रहे हैं, बेचारे परेशान हैं। और कर भी क्या सकते हैं!
अखिलेश यादव का इस मामले पर कोई बयान नहीं आया है। मेरा सवाल है कि अगर OBC समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में इस तरह के मामलों से प्���भावित हो रहे हैं, तो उनके राजनीतिक प्रतिनिधि इस पर आवाज़ क्यों नहीं उठाते?
इसी तरह, पिछले कुछ दिनों में दलित लड़कियों के साथ बलात्कार की घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। ऐसे मामलों पर भी दलित राजनीति करने वाले नेताओं की चुप्पी सवाल खड़े करती है। अगर राजनीति जाति के नाम पर होती है, तो पीड़ित की जाति और आरोपी की पहचान देखकर आवाज़ क्यों बदल जाती है?
यादव समुदाय को भी UGC, RHA और SC/ST Act के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अगर आँकड़ों में किसी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हो रहे हैं, तो उन्हें इस मुद्दे पर खुलकर आवाज़ उठानी चाहिए।
यादवों को अब आगे आना चाहिए।
एक और मामला सामने आया है कि एक सहायक अध्यापिका ने इंचार्ज प्रधान अध्यापिका को गैरहाज़िर करने पर SC/ST Act में फँसा देने की धमकी दी। इससे परेशान होकर इंचार्ज प्रधान अध्यापिका निशि श्रीवास्तव ने CM, DM, SP और BSA से शिकायत की और मामले की जाँच कर कार्रवाई की माँग की।
उनका आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज भी की गई। उन्होंने कहा कि अगर मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो उनके लिए नौकरी करना मुश्किल हो जाएगा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा।
प्रश्न यही है, कानून जिन लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, क्या उसके दुरुपयोग की शिकायतों पर भी उतनी ही गंभीरता से विचार नहीं होना चाहिए?
🚨 देहरादून पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी का ये वीडियो देखकर खून खौल जाता है।
लड़का बार-बार कह रहा है — “मेरा एकादशी का व्रत है, मम्मी ने रखवाया है।”
फिर भी रैगिंग के नाम पर उसे पीटा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं।
माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, इस तरह अपमानित और ���ीटे जाने के लिए नहीं।
रैगिंग कोई मस्ती नहीं, गुंडागर्दी है। ऐसे छात्रों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी और पुलिस दोनों को जवाबदेह होना चाहिए।
देखिए कैसे ये एक्ट पैसे कमाने का जरिया बन चुका है!
लोग फ़र्ज़ी केस कर के लखपति बन रहे हैं औऱ सरकार इस एक्ट के दुरूपयोग पर लगाम लगाने की बजाए, उल्टा मुआवजा 40% और बढ़ा रही है!
#StopMisuseOfSCSTAct
मेरे ���पर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसा��े के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्��ी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि ��्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
मशहूर यूट्यूबर अजीत भारती के ऊपर एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओ में मुक़दमा पंजीकृत किया गया है,
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ,
जिसमें अजीत भारती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर पर कुछ टिप्पणी की थी, उसी को आधार मानकर मुक़दमा लिखा गया है,
ये FIR दिल्ली के नार्थ एवेन्यू में दर्ज कराई गई है, ये सामान्य वर्ग की आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास है,
We stand with @ajeetbharti ✊
#WATCH | Delhi: On the Jantar Mantar protest against caste-based reservation, YouTuber Ajeet Bharti says, "Our biggest demand is that the government should come up with a white paper stating that the reservations you've given to people for 80 years... I come from Bihar. Research how dire the situation of the Musahar community is. Their children aren't getting reservations. Why? Because those caste groups don't even have leaders... The second demand is quota within quota, on which the government has also said that we will not implement the creamy layer in it. Why will you not implement it? It is so absurd that the government is bowing down to those few Dalit leaders who only talk about their caste group... The third demand is minimum marks. You cannot sell the dream of a developed India by compromising on merit. If 50% of the deserving youth or boys and girls who are studying will not get admission in the IITs, IIMs, or higher education, your efficiency has reduced by 50% right there... Then the Economically Weaker Section (EWS) should be made a part of the Scheduled Castes (SC). The class whose definition says economically weaker, you are neither giving them a facility in buying the form, nor are you waiving their hostel fee, nor is their course fee being waived; what will you achieve by merely recognising it?... At least indicate that we are going to have a sit-down talk about this..."