@ajeetbharti क्यों मानना चाहिए भागवत जी वो भी बता देते? सं��� पर बैन लगा था तो इन्हें भी उसे मानना चाहिए था, फिर कोर्ट क्यों गये थे? पर उपदेश कुशल बहुतेरे नहीं चलेगा।
UGC प्रकरण पर परोक्ष रूप से (मुझे कॉल आया था कहीं से) उनके अपने अधिकारी मान रहे हैं कि बवाल वाला विषय बन गया ये, त्रुटि हुई है। अमित मालवीय समेत पूरा परंपरागत आइटी सेल चुप रह कर इग्नोर कर रहा है कि बात दब जाए किसी तरह से।
फि��� भी, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अमित मालवीय के डिंपल पर फिदा प्रतीत होते हैं। आदमी क्यूट है, पर इतना भी नहीं कि आप अपनी छवि की क्षति करवा रहे हो कि अगली बार लल्लनटॉप की जगह आपको अमित शाह जी के बगल की कुर्सी मिले!
आप तंत्र से बाहर हैं, यह मानिए। भाजपा को एक्स गर्लफ्रेंड की तरह ट्रीट मत कीजिए कि देखो मैं नस काट रहा हूँ तुम्हारे लिए। वो नहीं आने वाली। @BJP4India को धागे भर अंतर नहीं पड़ता कि कौन डिफेंड कर रहा है, ���ैसे कर रहा है, क्यों कर रहा है। वो महाराष्ट्र-हरियाणा-बिहार की खुमारी में हैं।
जो अच्छी नीतियाँ हैं, समर्थन था और रहेगा। जहाँ हगेंगे तो हम जियोटैग कर के फोटो भेजेंगे। आप हैं कि ‘मालिक ये ट्रिपल प्लाय का सॉफ्ट ट्वायलेट पेपर है, बहुत अच्छा पोंछता है।’ हद है भाई!
@ugc_india ने जो किया है, वह नीचता है। @dpradhanbjp ने आँख पर खीरे की स्लाइस रख कर, उस पर तारकोल का पेस्ट लगा कर, पट्टी बाँध ली है, या लेन्स लगा कर भाजपा की लेने पर तुला हुआ है।
आप अपने नेता जी को बचाने में चालीसा लिखिए, गाली सुनिए और फिर दोस्तों के बीच रोते रहिए कि भाजपा वाले ही गाली दे रहे हैं।
सवर्ण कंटेंट क्रिएटर या पत्रकार इस बात से अवश्य डरते हैं कि कॉन्ग्रेस आई तो क्या होगा, पर जो सामान्य वोटर है उसे ऐसा कोई रिस्क नहीं है। एक बार तो SC/ST Act पलटने पर EWS का लॉलीपॉप लाए थे, अब क्या लाओगे?
इस नई नियमावली की समीक्षा होना चाहिए। एट्रोसिटी लिट्रेच��� को प्रमोट करने वाले अधम सरकारी सलाहकार बने हुए हैं। जो कोर वोटर है, उसको नीचे सुला कर डंडों से पीटा जा रहा है। यह आशा मत करो कि कोई भी जाति तुम्हारे बाप का बँधुआ श्रमिक है। जिसको जहाँ जाना होगा जाएगा।
मायावती ने सवर्णों के अपमान पर बोला है। भाजपा का कोई भी दूबे-चौबे, पांडे, सिंह, मिश्रा, तिवारी इस पर एक शब्द नहीं बोल रहा। यह बताता है कि भाजपा वाले अम्बेडकरियम का पारस पत्थर लिए घूम रहे हैं कि जि��में सटाएँगे, ब्लू सफायर हो जाएगा। परंतु, बोतल की कटी तली को तराशने से वह रत्न नहीं बन जाता, वह काँच ही रहता है।
@SonOfBharat7 हाँ तो? कांग्रेस ने तो श्रीराम के न होने का दावा भी किया था तो अब उसको भी भाजपा मानेगी? दलाली मत करो, सनातन के ना��� पर कुछ भी स्वीकार नहीं है।