@brijeshvermani2@aajtak@RagiSangit@Aloksharmaaicc@anjanaomkashyap पहले तो इस घटिया मनुस्मृति की तुलना संविधान से मत करो
संविधान में सारी चीज न्याय संगत लिखी गई है और संविधान इजाजत देता है उसमें संशोधन किया जा सके लेकिन मनुष्य माटी कितने सालों पहले लिखी गई थी उसमें अभी तक कोई चीज नहीं किया है और कर भी नहीं सकते हो इस घटिया बुक को जला दो