وَ قُلْ جَآءَ الْحَقُّ وَ زَہَقَ الْبَاطِلُ ؕ اِنَّ الْبَاطِلَ کَانَ زَہُوْقًا ﴿۸۱﴾......
कह दीजिये हक़ आ गया और बातिल मिट गया और बातिल को तो मिटना ही था।
अगर ज़िंदगी आरज़ी है तो मुश्किलात भी मुस्तक़िल नहीं है, तुम अपने रब के शुक्र गुज़ार बनो_ हमारा रब हमें हमारे आ'माल के हिसाब से नहीं, बल्की अपनी रहमतों के हिसा�� से नियामतों से नवाज़ता है _,"
हलाल बस खाना ही नहीं, आपकी आमदनी भी है, आपके अख़राजात भी है, आपका लिबास भी है, आपकी गुफ़्तगू भी है, आपके तन्हाई के लम्हात भी है़, आपकी दोस्तियां और रिलेशनशिप भी हैं। हलाल लफ़ज़ अपने अंदर वसीअ मआने समेटे हुए है उसे बस खाने पीने तक महदूद ना करें🙂
कुर्बानी सिर्फ जानवर ही की ना करें ! अपनी जिद, अना, असद , बदगुमानी, बुग्ज़ , अदावत और उन तल्ख़ लहजों को भी कुर्बान करें जिनसे तल्ख़ियां जन्म लेती है!
"_ अपने दिल साफ करें ताकि कुर्बानियां क़ुबूल हो जाऐं_,
🌹 ईद मुबारक..... अल्लाह आपकी इता'अत क़ुबूल फरमाऐ_,🌹
अगर हक़ को नहीं पहचान सकते तो, बातिल के तीरों पर नज़र रखो, जहाँ पर लग रहे हों, वोही हक़ है!!!!!! आओ हक़ की तरफ़,,, डरो मत बातिल से, डरो सिर्फ़ अल्लाह से, जो ज़बरदस्त कुव्वत और हैबत वाला है,,
#AllahuAkbar
हम कभी पर्फेक्ट नहीं होते,एक तरफ हम किसी की बेहतरीन याद होतेहैं तो दूसरी तरफ कोई हमारा नाम तक लेना पसंद नहीं करता,कोई हमारे साथ केलिए तरसता है और कोई हमारे साए से भी दूर रहता है कोई भी इंसान सिर्फ अच्छा या सिर्फ बुरा नहीं होता, हम किसी केलिए एक मिसाल और किसी केलिए एक सबक़ होतेहै��
जिंदगी बदलने के लिए वक्त ,मौसम और हालात से लड़ना पड़ता है और आसान करने के लिए वक्त को समझना पड़ता है _,
"_ वक्त आपका है चाहो तो सोना बना लो ...चाहो तो सोने में गुज़ार दो _,"
ये शहीदों में से एक है।
वो इतनी बड़ी संख्या में सशस्त्�� पुलिस बल का सामना कर रहा था।
फिर भी वह पीछे नहीं भागा, वो जानता था कि उसके पास अपने मूल अधिकारों के लिए लड़ने के लिए उसकी आवाज़ के अलावा और कुछ नहीं है।
फिर भी वो डटा रहा अपने हक़ के लिए,
इस बहादुर का ��ाम मोइनुलहक़ है,