कर्नाटक के एक सरकारी विद्यालय का 'दृश्य'
वीडियो में अध्यापिका प्राइमरी के छोटे-छोटे बच्चों को “हर हर शंभू” गीत पर बहुत सुंदर तरीके से नृत्य करना सिखा रही है.!
“अदभुत” https://t.co/nyGDFZrIw2
कॉकरोच को चप्पल की आवश्यकता क्यों होती है जान लीजिए-
कॉकरोच - हम इस संविधान को मानते है।
रिपोर्टर- दिखाइये
कॉकरोच- ये लीजिए
रिपोर्टर - ये डायरी है जिसमे आपने अपने मन से कुछ भी लिखा है 😂
कॉकरोच- यही संविधान है 😃
जीरो कांटा खेल के संविधान बचाएंगे।
यशस्वी मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर परम पूज्य महाराज श्री @myogiadityanath जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ!
प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि वे आपको उत्तम स्वास्थ्य, असीम ऊर्जा, दीर्घायु एवं निरंतर जनसेवा का सामर्थ्य प्रदान करें।
अंजना ओम कश्यप के खिलाफ खड़े होकर ये तथाकथित शिक्षक क्या संदेश देना चाहते है ?
आखिर अंजना सहित सभी पत्रकारों के बारे में इतना आग क्यों उगल रहे है ?
ये सभी शिक्षक जो अपने आप को महाज्ञानी बता रहे है साथ ही यह भी बता दें कि आखिर कौन सा समाजसेवा करते रहे जिस कारण आप 4 से 5 साल में करोड़पति और अरबपति हो गए?
इनकी बातों से तो लगता है कि इनसे बड़ा कोई राष्ट्र भक्त है ही नहीं। मैं तो भारत सरकार से मांग करता हूँ
कि इनकी आय की जांच करवा ली जाए तो इनकी समाजसेवा की तस्वीर साफ हो जाएगी।
इनमें से कइयों के वीडियो देखिए..
ये जितने भी कोचिंग चलानेवाले है ,
इन सब ने ब्रिटेन की महारानी से नाइटहुड की उपाधि ले रखा है क्या ? जो ये अपने नाम के आगे जबरिया " सर " जोड़ रखे है । या ये इतने आत्ममुग्ध है कि खुद को सबसे बड़ा विद्वान मान बैठे है ।
ये सब नौटंकीबाज है। खान सार तो @#₹& का स्लीपर सेल है, जावेद अख्तर की तरह।
वह प्रशंसा कर कर के लोगों को भड़काता है जैसे ब्राह्मण बहुत माइंड वाले होते हैं, सब जगह उन्होंने कब्जा कर रखा है। 1990 से 50% आरक्षण में गया, बाकि 50% में 5% नौकरियों में आ रहे हैं, फिर कब्जा कैसे कर लिया।।
हिंदुओं में जाहिल भरे पड़े हैं ,
मदारी स्टाइल में मनोरंजन करने वाले
चूतिये फैजल को गुरु द्रोणाचार्य समझ लिये हैं ।
ये शिक्षक कम किसी राजनीतिक पार्टी के एजेंट ज्यादा लगते है..कुछ तो किसी खास समुदाय के स्पॉक पर्सन से ज्यादा कट्टरवादी है..
कई बार आप इनके बातें सुनना तो ऐसा लगेगा कि देश की केंद्र सरकार को तो कुछ भी पता नहीं है.
सारी इंटेलिजेंस और जानकारी इन्हीं तथाकथित को है.. सरकार को ये करना चाहिए, वो करना चाहिए..
ये गलत है वो गलत है.
हर आडू पाण्डु खुद को रक्षामंत्री, वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री से ज्यादा ज्ञानी समझता है..और इनकी बातों में पार्टी विशेष के प्रति दुराग्रह और प्रोपोगेंडा साफ महसूस कर सकते है..
शौर्य मूवी में सूर्या प्रताप सिंह।
और गाजियाबाद का सूर्या प्रताप सिंह।
यही समाज की सच्चाई है- पहला सब सच बता गया।
दूसरा अभागा भी इनके चक्कर में आकर सम्पूर्ण सत्य पूरे देश लो बता गया।
यहाँ से भी नहीं जाग सकते तो, तो आगे नींद नहीं मौ/त ही है।
मोमता ने केवल सिंगुर से टाटा को भगाकर बंगाल का विकास नही रोक दिया था
बल्कि
2018 में संशोधित अशोकनगर आयल एन्ड गेस फील्ड को भी भूमि आबंटन में अड़चनें डाल
मात्र बंगाल ही नही , भारत को भी बंगाल से प्राप्त आयल गेस का प्रोडक्शन शुरू होने नही दिया था।
सुबेन्दू सरकार ने न मात्र बॉर्डर फेंसिंग के लिए जरूरी भूमि आबंटित कर दी
बल्कि
अशोकनगर में आयल गेस प्रोडक्शन के लिए भी जरूरी भूमि दे दी।
अब जल्द ही बंगाल से भी आयल प्रोडक्शन शुरू होने जा रहा।
जिसका लाभ भारत के साथ बंगाल को भी होना ही है।
ममता बनर्जी की हॉस्पिटल में एक्टिंग देखिए,
उनके ड्रामे से ऐसा लगेगा जैसे ना कितना बड़ा हादसा हुआ है, सिर्फ 3 अंडे फेंके गए थे.
ममता बनर्जी के इस 'नाटक' पर हर कोई हँस रहा है। 😂
हमले के जिम्मेदार अभिषेक बनर्जी है
जिस जनता को आप जूते के नीचे पिस दिये थे
15 साल उसका ये पूरा जनरोष है
गरीब- मिडल क्लास वाला बंगाली जवाब दे रहा
गाड़ी के बोनेट पर खड़े होकर फिल्मी डायलॉग
बोलने वाला बनर्जी आज हेलमेट पहनकर भाग रहा : अग्निमित्रा पॉल 🔥🔥
फाइनली जनसंख्या असंतुलन पर काम शुरू।
ये पूरा हो गया तो मोदी सरकार को भारत और उसका इतिहास सर्वोच्च सम्मान से याद करेगा।
जो तैयारी है वो सबकी सोच से बहुत आगे है।
जिमखाना बचाने सिब्बल-सिंघवी को मिलकर हाई कोर्ट जाना ही मोदी की पहली जीत है!
मोदी देश को यही दिखाना चाहते थे! देश के 99%लोगों को जिमखाना क्या है!पता नहीं था!
कोर्ट में लम्बा घसीटा जायेगा यह मामला! फिर सारे नग्न होंगे! सारा देश ठीक से सच जानेगा! अंग्रेज गए! मानसिकता नहीं!
देश के दोनों सबसे प्रभावशाली वकील जो SC को अपने ईशारे पर चलाते रहे इसका विरोध करने HC जाना पड़ा ! किसके लिए! यह महत्वपूर्ण है!
मोदी मारते कम, घसीटते ज्यादा हैं!
फिर दुश्मन खुद थक कर मर जाता है! बंगाल इतना जल्दी भूल गए भारतद्रोही Ecosystem. वे अपनी गलतियों से भी नहीं सीखते!