Dear @crpfindia this video of Kalyan Singh Asst Commandant 239 BN Rampur
deployed in Sabang, West Medinipore shames us all - shames your force, shames us MPs who fight for your rights in parliament
#CAPF में 13000 कैडर अफसर और 10 लाख जवान हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने CAPF को #पुरानी_पेंशन देने का फैसला सुनाया।सरकार #OPS देने की बजाए फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर��ट में चली गई। वे सुप्रीम कोर्ट में जीते तो सरकार रिव्यू पिटीशन में जाएगी।वहां जीते तो फिर बिल ले आएंगे।-@MPDharmendraYdv
अशोक खरात नंतर आता या स्वयंघोषीत धर्मगुरू असलेल्या ऋषिकेश वैद्य ने महिलांवर केलेले अत्याचार समोर आले आहेत.
जसा अशो��� खरात “मी कृष्�� तू राधा” बोलून महिलांवर अत्याचार करत होता, त्याच प्रकारे "मी महादेव तू पार्वती" असे सांगत या भोंदू ऋषिकेश वैद्यने एका महिलेवर बलात्कार केला आहे. आज पोलिसांनी त्याला अटक केली. देवेंद्र पंतांनी या लिंगपिसाटाचा सत्कार केल्याचेही समोर येत आहे. धर्माची शाल पांघरून आपले काळे कारनामे लपवणाऱ्या असल्या भोंदू बाबांबरोबर कोणाचे येवो न येवो पण मूख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसांचे फोटो पहिले समोर य���तात, हे बरेच काही स्पष्ट करणारं आहे.
#MaharashtraPolitics #AshokKharat #भोंदू #महिला_सुरक्षा
📢 इनकम टॅक्स में UPS पर दोहरी कर वसूली और बिमारीयों के उपचार खर्च पर म���लने वाली मेडिकल बिल प्रतिपूर्ती में Cashless और Cash (#MedicalReimbursement) में टॅक्स भेदभाव पर ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज की.. #IncomeTax #TaxReform #grievance #doubleTaxation #UPS #TaxInjustice #Discrimination
इनकम टॅक्स से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण और जनहित के विषयों पर दिनांक 24 दिसंबर 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) तथा आयकर विभाग के समक्ष ऑनलाइन लिखित शिकायत / निवेदन प्रस्तुत किया गया है।
मुद्दा क्रमांक 1 : UPS पेंशन योजना में दोहरी कर वसूली..
केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्ष Unified Pension Scheme (UPS) प्रारंभ की गई तथा वर्तमान वर्ष से इसका क्रियान्वयन शुरू हुआ है। यद्यपि इस योजना को सीमित संख्या में कर्मचारियों ने अपनाया है, परंतु जिन्होंने इसे अपनाया है, उन्हें आयकर के मामले में गंभीर अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।
UPS के अंतर्गत कर्मचारियों से 10 प्रतिशत अंशदान लिया जाता है।
नई कर प्रणाली (New Tax Regime) के अंतर्गत यह अंशदान करयोग्य माना जा रहा है।
जबकि यह राशि कर्मचारियों को भव���ष्य में किसी भी रूप में वापस प्राप्त नहीं होती। उक्त अंशदान राशि के बदले कर्मचारी को सुनिश्चित पेंशन की गारंटी दी जाती है, किंतु वास्तविकता यह है कि —
▪️ सेवा काल में कर्मचारी अपने 10% अंशदान पर आयकर देता है।
▪️ सेवानिवृत्ति के बाद UPS के अंतर्गत प्राप्त पेंशन पर पुनः आयकर लगाया जाता है।
अर्थात —
एक ही आय पर दो बा�� कर वसूली की जा रही है,
जो कि स्पष्ट रूप से दोहरी कर वसूली (Double Taxation) है।
तुलनात्मक रूप से देखें तो —
▪️ NPS में कर्मचारी अंशदान पर धारा 80CCD के अंतर्गत कर छूट उपलब्ध है।
▪️ OPS में कर्मचारियों से कोई अंशदान लिया ही नहीं जाता।
▪️ जबकि UPS में कर्मचारी सबसे अधिक कर संबंधी अन्याय का शिकार है।
मुद्दा क्रमांक 2 : मेडिकल बिल प्रतिपूर्ति पर असमान और अव्यवहारिक कर व्यवस्था-
CGHS अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कैशलेस उपचार को आयकर से मुक्त रखा गया है।
परंतु वही उपचार, वही खर्च और वही बिल —
यदि बाद में मेडिकल प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के रूप में प्राप्त होता है, तो उसे करयोग्य आय मान लिया जाता है।
यह पूर्णतः अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण व्यवस्था है।
क्योंकि —
▪️ मेडिकल प्रतिपूर्ति में कर्मचारी को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं होता।
▪️ यह केवल पहले से किए गए खर्च की भरपाई होती है।
▪️ फिर भी इस पर कर लगाना समानता के सिद्धांत के विरुद्ध है।
इस व्यवस्था का सर्वाधिक दुष्प��रभाव —
▪️ ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों,
▪️ सेवानिवृत्त कर्मचारियों,
▪️ तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उपचार कराने वाले कर्मचारियों
पर पड़ता है।
सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें
UPS के अंतर्गत कर्मचारियों के अंशदान को नई कर प्रणाली में भी कर छूट प्रदान की जाए, अथवा दोहरी कर वसूली रोकने हेतु विशेष प्रावधान किया जाए।
वास्तविक मेडिकल बिलों के आधार पर प्राप्त मेडिकल प्रतिपूर्ति को भी कैशलेस उपचार के समान आयकर से मुक्त किया जाए।
यह मांग पुरानी और नई — दोनों कर प्रणालियों के लिए की गई है।
मित्रों, ये दोनों विषय केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देशभर के लाखों सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे जुड़े हुए हैं।
अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना हमारा निरंतर प्रयास रहा है।
पूर्व में NPS के अंतर्गत राज्य कर्मचारियों के लिए शासन अंशदान 10% से बढ़ाकर 14% करवाना तथा उस अतिरिक्त 4% पर लगने वाले कर को समाप्त करवाना इसका प्रमाण है।
उसी विश्वास के साथ यह कहना है कि —
इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी न���याय अवश्य प्राप्त होगा।
धन्यवाद। 🙏