आजमगढ़ जिले के हाफिजपुर चौराहे पर बहुत दिनों से देख रहे हैं ये कुड़े और गंदगी का अम्बार @azamgarhpolice के वॉच टॉवर के पास है @dmazamgarh कृपया इसका ध्यान दें व ज��म्मेदार विभाग को आदेशित करे धन्यवाद
उप्र सरकार में मंत्री रहे , पिछड़ों के नेता गायत्री प्रजापति पर जेल में हुए जानलेवा हमले की निष्पक्ष न्यायिक जाँच हो।
उप्र में कहीं भी, कोई भी सुरक्षित नहीं है।
आखिर किसके इशारे पर किसके लालच में आकर वो मंत्री जी पर हमला कर दिया पिछड़े दलित आदिवासी अल्पसंख्यको को पता है ये सब किसके इशारे पर हो रहा है,साज़िश रचने और आस्तीन के पुराने सांपों तुम कभी कामयाब नहीं हो पाओगे
जितना रोकने की जान से मारने की कोशिश करोगे
जो कि विश्वाश सिंह जेल में उन लोगों का करीबी हुआ करता था
4.अखबारों में और न्यूज चैनलों पर झूठी खबर फैलाई जा रही है कि मंत्री जी की कहा सुनी हो गई थी जबकि मंत्री जी विश्वास सिंह कि भी आर्थिक मदद दो तीन बार किए थे तो भला उसका मंत्री जी ने क्या बिगाड़ा था
2.क्या मंत्री जी को जान से मारने के लिए विश्वास सिंह को सेट किया गया था ??
3. जिस तरह से खिड़की दरवाजे बंदकर धारदार हथियार से हमला किया था उस हिसाब से तो हत्या करने के लिए ही उसको सेट किया गया था
3. क्या पूर्व में मंत्री जी के साथ जेल में बंद रहे कुछ लोगों की सजिस है
नशेड़ी है आंखे इसकी हमेशा चढ़ी चढ़ी रहती हैं और ये कत्ली है क्लिनिक पर ऐसा व्यक्ति ठीक नहीं रहेगा......
फ़िर जेल प्रशासन वहां से विश्वास सिंह को हटाने के कुछ दिनों बाद विश्वाश सिंह को फ़िर क्लिनिक पर क्यों रख दिया गया था ??
1.क्या ये साज़िश नहीं था
इसलिए मंत्री जी को पूरे जेल में सब मान सम्मान इज़्ज़त देते थे
और ये विश्वास सिंह हत्या करने के जुर्म में उम्र कैद की सजा कई साल से काट रहा था और उसको जेल प्रशासन की तरफ़ से क्लिनिक पर काम करने का काम दिया गया था एक समय विश्वाश सिंह को क्लिनिक पर से डॉक्टर लोगोंने उसे हटवा दियाथा
उसी वक्त गिराकर बहुत मारा गया नंगे करके उसकी पिटाई रात भर हुई
#अब_सवाल_ये_है...
कि मंत्री जी जेल में रहते हुए पता नहीं कितने लोगों को जिस जेल में ख़ुद बंद हैं उसी जेल में बंद कई लोगों को वकील करके अपने पैसे से छुड़वा दिया करते थे आर्थिक मदद भी करते रहते थे,
शक्ति रह नहीं गई थी फ़िर भी मंत्री जी को लगा कि ये मुझे जान से मार देगा तो कैसे भी करके गेट खोलकर सबको आवाज दी तो वहां सब दौड़कर आए जेल प्रशासन भी आ गया और मंत्री जी को लहूलुहान देखकर विश्वाश सिंह कोll उसी वक्त गिराकर बहुत मारा गया नंगे करके उसकी पिटाई
दिया मंत्री जी समझ नहीं पाए और खुद को बचाते हुए उससे भीड़ गए फ़िर भी 25 साल का कातिल विश्वाश सिंह ताबड़तोड़ कई वार कर चुका था मंत्री जी ख़ुद को बचाने के चक्कर में दरवाजे खोलने का प्रयास करते तो बार बार वो मंत्री जी को खींचकर गिरा देता था क्योंकि मंत्री जी लहूलुहान हो गए थे
आप बैठिए हम आते हैं, इतने में विश्वाश सिंह बाहर गया वापस आने पर पहले खिड़की बंद किया फ़िर दरवाजे बंद कर दिया मंत्री जी सोचे कि कुछ कर रहा होगा तो ध्यान उतना दिए नहीं और इतने में अचानक मंत्री जी पर अलमारी के नीचे के स्लाइडर से जो कि धारदार था उसी से हमला कर दिया
और वहां पर पहले से मौजूद जेल में बंद 302 का आजीवन कारावास काट रहे #विश्वाश_सिंह बैठा था
मंत्री जी ने पूंछा डॉक्टर कहां हैं तो बोला वो बाहर गए हैं इतने में मंत्री जी को ब���ठने के लिए कुर्सी दिया और तेज़ आवाज करके ��ीवी चालू कर दिया,और मंत्री जी न्यूज देखने लगे तो बोला कि आप बैठिए
जाने जेल में घटना कैसे और कब हुई.........
30 तारीख को #दुर्गाअष्टमी के दिन मंत्री जी उपवास थे पूजा पाठ करके सबको प्रसाद वितरित करके शाम को अपनी बीपी शुगर रोजाना की तरह चेक कराने जेल में बने क्लीनिक पर गए