वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर BJP पार्षद और BJP नेताओं ने नाव पर गंगा नदी में मीट मुर्गे और शराब की पार्टी की
लेकिन, इससे किसी की भावना आहत नहीं हुईं
इसी गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने के लिए 12 मुसलमानों को ईद के ठीक पहले गिरफ़्तार करके 2 महीने जेल में रखा था
पाखंडी कहीं के
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा द��ने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
व्यक्तिगत रूप से Khan Sir को नहीं जानता पर उन्हें देख सुनकर हमेशा एक सकारात्मक एहसास हुआ। उनके पढ़ाने की शैली और कमज़ोर तबके से आए छात्रों में आत्मविश्वास भरने का उनका तरीक़ा कमाल का है।
आज Khan Sir थोड़ी मुश्किल में हैं। उनपर तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं। मैं हक़ीक़त नहीं जनता लेकिन अदालत से पहले क��सी को दोषी भी नहीं मानता।
किसी युवा ने अगर कोचिंग में पढ़ाकर सामान्य घरों के बच्चों को सिर्फ़ सरकारी नौकरी पाने में मदद ही नहीं की बल्कि अपनी कमाई से एक अस्पताल भी खोला है तो मैं ऐसे व्यक्ति को क्रिमिनल नहीं मानता। Khan Sir से उन्हें एक रात में Faisal बना देने वाले लोग ऐसा मानने के लिए आज़ाद हैं।
मैं Khan Sir से कहूंगा कि सामने आइये और सामना कीजिये। तपकर कुंदन बने हैं। मानिये कि अग्नि परीक्षा बाक़ी है। छात्र समुदाय को न बंटने दीजिये और न पढ़ाई से उनका ध्यान हटने दीजिये।
पटना और मुंबई नहीं देशभर में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो ये मानते हैं कि समाज के प्रति आपका जो दायित्व है उसके एक बड़े हिस्से का पूरा किया जाना अभी बाक़ी है। आपको रोकने की कोई साज़िश सफ़ल नहीं होगी।
ख़ान Sir का पूरा वीडियो देखिए तो आपको पूरी सच्चाई पता चलेगी।
इस लड़ाई को यादव-मुस्लिम मत बनाइये BJP दोनों की दुश्मन है।
सब लोग देखते रहिए सरकार जल्द से जल्द ED,CBI, इनकम टैक्स की रेड भी खान Sir पर करायेगी। सरकार ने तैया���ी करनी शुरू कर दी होगी ।
गरीब बच्चों को शिक्षा देने वाले शिक्षकों को तो बख्श दो मोदी जी ।
THIS IS KHAN SIR DESTROYING PAPER LEAK EXCUSES 🔥
REPORTER: NEET paper will now be transported by Air Force.
KHAN SIR 🎯: But malaria cannot be treated with typhoid injection.
REPORTER: Meaning?
KHAN SIR: The problem is not transport. The paper is leaking where it is printed and prepared.
REPORTER: What should happen?
KHAN SIR 🔥: Punish those who leaked it. Poor and middle-class students only ask one thing from the government: conduct exams honestly.
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुन���े वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी कहाँ से आएगी?
NEET। CBSE। SSC। और आज CUET।
चार परीक्षाएँ। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।
दा��े "विश्वगुरु" के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस को पेंट करवाना चाहते थे !
उन्होंने तीन ठेकेदारों को बुलाकर कीमत पूछी !
चीनी ठेकेदार ने कहा: 3 मिलियन डॉलर !
यूरोपी�� ठेकेदार ने कहा: 7 मिलियन डॉलर !
भारतीय ठेकेदार ने कहा: 10 मिलियन डॉलर !
ट्रम्प ने चीनी से पूछा: “3 मिलियन कैसे?”
चीनी बोला: “1 मिलियन पेंट का,
1 मिलियन मजदूरी का,
और 1 मिलियन मुनाफ़ा!”
फिर ट्रम्प ने यूरोपीय से पूछा !
उसने कहा: “3 मिलियन पेंट का,
2 मिलियन मजदूरी का,
और 2 मिलियन मुनाफ़ा!”
आखिर में ट्रम्प ने भारतीय से पूछा: “और तुमने 10 मिलियन क्यों मांगे ?”
भारतीय बोला: “4 मिलियन आपके लिए,
3 मिलियन मेरे लिए,
और 3 मिलियन चीनी को देकर काम उसी से करवा देंगे!”
और ठेका भारतीय को मिल गया !
मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली ��ा प्रतीक बना दिया।
दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी - और एक हफ़्ते से OSM, ग़लत मार्किंग और जाँच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्र�� अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं।
एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जाँची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया।
मगर, उसे मदद नहीं, गालियाँ मिलीं - BJP के IT cell ने उसे “Anti-National” कहा, “Soros का एजेंट” कहा, “Deep State” का हिस्सा कहा।
एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है और यह BJP उसे देशद्रोही बना देती है।
सच यह है - मोदी सरकार युवाओं और Gen Z से डरती है, क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं। और जो सवाल पूछे, उसे यह सरकार बदनाम करती है, डराती है, कुचलती है।
पर सुन लीजिए, मोदी जी - यही युवा, यही Gen-Z आपका अहंकार तोड़ेगा।
गोदी मीडिया ये हज़ारो लोग सड़को पर नहीं दिखायेगा लेकिन कॉकरोच पार्टी के फॉलोवर कितने हो गए वो दिखायेगा , समझ रहे हो खेल . विनोद जाखड़ ने नींद उड़ा दी है धर्मेंद्र प्रधान की
सड़के गर्म कर दी है आम घर के लड़के ने मीडिया दिखाए चाहे ना
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगते हो तो रीट्वीट कर देना सब लोग
धर्मेंद्र प्रधान जी ने 22 लाख NEET बच्चों के साथ धोखा किया है। साथ ही, संसद का भी अपमान किया है - संसदीय समिति की रिपोर्ट को सिर्फ़ इसलिए ख़ारिज कर दिया क्योंकि उसमें विपक्ष के सांसद हैं।
जो संसद पर ही भरोसा नहीं करते, वो NEET सुधार पर क्या भरोसा करेंगे?
प्रधान जी को अभी हटाइए।
बस एंबुलेंस और फ़ायर ब्रिगेड की तरफ़ से ऐसा वीडियो आ जाता तो देश का क��्याण हो जाता!
जयपुर पुलिस! प्रधानमंत्री ने तेल बचाने के लिए कहा है,लगाने के लिए नहीं
NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।
Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW.
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दि���ा है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।