नारी जद जौहर करे, नर देवड़ सिर होड़।
मरणो अठे मसखरी, यो मेवाड़ी चित्तौड़।।
अपनी मिट्टी के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सन् 1303 में माँ पद्मिनी ने 16 हज़ार वीरांगनाओं के साथ अपनी आहुति दी थी।
उनके त्याग और बलिदान को मेरा कोटि-कोटि व��दन।
#जौहर_दिवस
नारी जद जौहर करे, नर देवड सिर होड़।
मरणो अठे मसखरी, यो मेवाड़ी चित्तौड़॥
पवित्रता, त्याग, शौर्य एवं स्वाभिमान की प्रतीक रानी #माँ_पद्मिनी जी ने 16,000 वीरांगनाओं के साथ अग्निकुंड में आहुति देकर अमर गाथा रची थी।
#जौहर_दिवस पर रानी माँ पद्मिनी जी और समस्त वीरांगनाओं के त्याग एवं बलिदान को शत्-शत् नमन।
जिनके कुल की ललनाएँ कुल का गौरव बढ़ाती हैं,
अपने सम्मान की रक्षा हेतु लपटों में समा जाती हैं।
पवित्रता, त्याग, शौर्य और स्वाभिमान की मिसाल,
माँ पद्मिनी ने सोलह हजार वीरांगनाओं संग दी अग्निकुंड में आहुति।
जौहर दिवस पर ऐसी सभी वीरांगनाओं को कोटि-कोटि नमन!
#जौहर_दिवस #वीरांगनाएँ #माँ_पद्मिनी
मेरे साथियों, शेरदिल हिंदुस्तानियों, जरूरत पड़ने पर हमारी तीसरी आँख खुलनी चाहिए।
भारत का इतिहास राणा सांगा योद्धाओं के शौर्य से लिखा गया है! जो वीर अपने रक्त की अंतिम बूंद तक भारतभूमि की रक्षा के लिए लड़ता है, उसे गद्दार नहीं, राष्ट्रनायक कहा जाता है।
देश अपने महापुरुषों का अपमान अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।
@ocjain4 इन्होंने इतिहास को तोड मर��ड़ कर झुठे तथ्यों का उपयोग कर राष्ट्र भक्त महान शासक राणा सांगा व सारे देश का घोर अपमान किया है
#माफी-मांगो-समाजवादीपार्टी
अस्सी घाव लगे थे तन में, फिर भी व्यथा ���हीं थी मन में !
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा सदन में हिन्दू साम्राज्य की रक्षा करने वाले महान योद्धा, पराक्रमी सम्राट राणा सांगा जी को 'गद्दार' कहकर उनके बलिदान का घनघोर अपमान किया गया है। उनकी यह टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।
राजस्थान की धरा साहस, शौर्य, त्याग और बलिदान की भूमि रही है। इस तरह की टिप्पणी इतिहास का अप���ान है। समाजवादी पार्टी को इस घिनौने कृत्य के लिए पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मा��गनी चाहिए।
धिक्कार है -तुष्टिकरण की सभी हदे पार करके सपा नेता “रामजी लाल सुमन” द्वारा संसद में “महान वीर राणा सांगा” को गद्दार कहना हमारे राजपूत समाज और समस्त हिंदू समाज का घोर अपमान है।
सपा को ऐसे शर्मनाक कृत्य पर पूरे देश से माफ़ी माँगनी चाहिए।
असहनीय अपमान!
राजस्थान और भारत का इतिहास कलंकित करने का दुस्साहस!
महावीर राणा सांगा—वह पराक्रमी सम्राट जिन्होंने एक हाथ, एक आँख खोई, 80 घाव सहे, फिर भी आखिरी सांस तक रणभूमि में डटे रहे। उनकी शौर्यगाथा इतनी प्रचंड थी कि स्वयं बाब��� ने स्वीकार किया—"राणा सांगा अपनी बहादुरी और तलवार के बल पर बहुत बड़े हो गए थे!"
और अब देखिए! समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन उन्हीं महायोद्धा को ‘गद्दार’ कहने का पाप कर रहे हैं! यह केवल एक योद्धा का नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राजस्थान, भारत और हिंदू वीरता का अपमान है!
यह कोई अकेली घटना नहीं है—ये वही मानसिकता है जो बार-बार हमारी संस्कृति, इतिहास और वीरों को लांछित करने का दुस्साहस करती है�� कब तक योद्धाओं का अपमान किया जाए��ा? कब तक राजनीति के नाम पर हमारे महापुरुषों का अपमान सहा जाएगा?
सपा को इस घिनौने अपराध के लिए पूरे राष्ट्र से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी होगी। वरना राष्ट्रभक्त जनता इस कृत्य का ऐसा उत्तर देगी कि आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी!