.@HemantSorenJMM Barricade लगाकर, Water Cannon चलाकर और Lathi Charge करके भी अब आप इस आवाज़ को कैसे रोकेंगे?
क्योंकि यह आवाज़ सिर्फ़ ज़मीन पर मौजूद उन Students की नहीं है। यह आवाज़ उन लाखों लोगों की भी है, जो देशभर में बैठकर सब देख रहे हैं, सुन रहे हैं
Barricade से रास्ता रोका जा सकता है, Water Cannon और Lathi Charge से भीड़ को पीछे किया जा सकता है, लेकिन सवालों और आवाज़ को नहीं रोका जा सकता।
शुद्ध ऑक्सीजन की कमी है, तो क्या हवा में प्रदूषण बढ़ाना पड़ रहा है?
खून की कमी हो, तो HIV मिलावटी ब्लड चढ़ा दो ?
दूध कम है, इसलिए मिलावटी दूध सरेआम बेचने दिया जा रहा है?
शिक्षकों की कमी है, तो क्या 1 शिक्षक से पूरा स्कूल चलवाया जा रहा है?
��ुलिस की कमी हैं, इसलिए बिना वर्दी के आउटसोर्स किए गए लोगों से डंडे पड़वाए जा रहे हैं?
पीने के पानी की कमी हैं, तो MP में गंदा पानी पिलाकर लोगों की जान ले ली गई थी?
स्कूल बंद करके कम कर दिए, इसलिए अब जर्जर, गिरती छत वाले स्कूल चलाने पड़ेंगे?
परीक्षा केंद्र सरकार के अपने हैं नहीं, इसलिए किसी को भी परीक्षा कराने का ठेका देकर नकल कराना मजबूरी है?
कमी का अर्थ Standards से समझौता नहीं होता।
सरकार की जिम्मेदार�� है कमी दूर करना है, न कि कमी को ही quality गिराने का justification बना देना।
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
गोदी मीडिया दो वजहों से झारखंड छात्र प्रदर्शन कवर करने गया
- पहला तो ये क्योंकि वहां हेमंत सोरेन की सरकार है, बीजेपी की नहीं। वर्ना क्या मज़ाल कि गोदी मीडिया किसी छात्र ���्रोटेस्ट को कवर करें!
- दूसरा ये कि इसके ज़रिए वो उन यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया पत्रकारों को नीचा दिखाना चाहता था जिन्होंने जंतर मंतर प्रोटेस्ट को व्यापक तौर पर कवर किया।
लेकिन जंतर मंतर को कवर करने वाले यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया पत्रकार रांची भी पहुंच गए हैं छात्रों के प्रदर्शन को कवर करने... और इस तरह गोदी मीडिया के मुंह पर कालिख पोत दी गई है।
झारखंड के युवाओं की आवाज़ सत्ता के दरवाज़े तक पहुँची है।
यह छात्रों की एकता और शांतिपूर्ण संघर्ष की बदौलत है।
बैठक से ठोस निर्णय निकले और समयबद्ध कार्रवाई हो तभी युवाओं का भरोसा लौटेगा।
आज झारखंड, रांची आया। इतने छात्रों का दर्द सुना।
मैं कहूँगा कि आज exam system इतना खोखला हो चुका है कि भर्तियों का इतना बुरा हाल है।
पहले भर्ती आए- इसके लिए लड़ो।
फिर exam के लिए सालों इंतज़ार करते रहो।
5 साल में एक मौका मिल भी गया तो paper leak हो जाएगा, या setting और cheating का खेल शुरू हो जाएगा।
इन सब से भी ऊपर निकलकर आप 300 में 299 भी ले आए, तो भी result में नाम आएगा इसकी कोई गारंटी नहीं।
आख़िर हर कदम पर इस देश के छात्रों के साथ क्यों छल किया जा रहा है?
और जो छात्र 100-200 रुपये की form fees जैसे-तैसे जमा करता है, वो बार-बार आंदोलन कैसे करे?
क्या करे?
असहाय महसूस करता है। जैसे-तैसे लड़ने की हिम्मत जुटाता है, सालों के अत्याचार के बाद…
कोई भी सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को ठीक नहीं कर रही। इसकी एक बड़ी वजह मुझे यह लगती है कि सरकारों की प्राथमिकताएँ में ये है नहीं और उनके funds का बड���ा हिस्सा freebies में indirectly वोट ख़रीदने में जा रहा है
जनता जिस विचारधारा के ख़िलाफ़ वोट देती है, कल को वही नेता पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में चला जाता है। हर मोड़ पे बिस्वासघात ।
आज देश के सभी शिक्षकों को छात्रों के हितों के लिए आगे आना होगा। इनकी लड़ाई का हिस्सा बनना होगा।
तभी सबके पढ़ाने की सार्थकता है।
वरना आप भी सरकार की तरह ही है जिसका ध्यान बस पैसे आने से है,बस पढ़ाओ। Selection हो या न हो, उससे क्या मतलब?
जितनी भर्ती cancel होगी, जितनी delay होगी, उतना ज़्यादा coaching का पैसा आएगा।
इसलिए मैं सभी शिक्षकों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूँ 🙏🏻
please छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय में, जैसे भी संभव हो, वीडियो बनाकर उनकी आवाज़ उठायें या यहाँ की व्यवस्था के लिए आर्थ��क मदद दे।
अगर शिक्षा से जुड़े लोग भी छात्रों के साथ खड़े नहीं होंगे, तो फिर उनके साथ खड़ा कौन होगा?
Reaching ranchi @tuesday ||
मैंने पिछले 10 सालों में युवाओं की आँखों में मरते हुए सपने देखे हैं।
सालों तक लटकती भर्तियों के बीच उ��की उम्र निकलते देखी है।
आज कभी Paper Leak, कभी Cheating, कभी Result में गड़बड़ी, तो कभी कई राज्यों की भर्तियों में खुलेआम नौकरी की खरीद-फरोख्त...
आख़िर एक छात्र कब तक हिम्मत रखे? कब तक उम्मीद बनाए रखे?
मेरा सबसे बड़ा डर ये है कि जिस युवा को हम देश का भविष्य कहते हैं, वही युवा अब किताबें छोड़ने लगा है।
अभी झारखंड के हालात देखिए। भर्तियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवा सड़कों पर हैं।
ऐसे समय में मेरा फ़र्ज़ है कि मैं आपकी आवाज़ और आपका हौसला बुलंद करने आपके बीच पहुँचूँ।परसों आप सबसे रांची में मुलाकात होगी। सुबह-शाम वहीं से क्लास लूँगा और दिनभर आपके साथ रहूँगा।
आप जानते हैं, अभी एक बड़ा आंदोलन ख़त्म हुआ ही है। वो महीना मुश्किल रहा। 4-5 घंटे पढ़ाकर निकल जाना और कई रातों को 3-4 बजे घर लौटना।
क्योंकि अगर हमारा Education System और Exam System नहीं बदला, तो देश की सेवा ऐसे लोगों के हाथों में जा रही है ज�� उसके योग्य नहीं हैं। फिर एक अच्छे राष्ट्र की कल्पना भी झूठा स्वप्न हैं... 'विकसित भारत' तो दूर की बात होगी।
Attention‼️ 6 साल के बच्चे को UP की Greater Noida Athority ने मार डाला!
CM @myogiadityanath जी भ्रष्ट और ग़ैरज़िम्मेदार अधिकारियों के घर कब चलेगा बुल्डोजर?
65,000 लोगों ने 24 घंटे में साथ दिया…
लेकिन 24 घंटे भी चैनल नहीं चलने दिया गया।
Instagram suspend, YouTube terminate और Google verification तक fail.
उम्मीद है platforms transparency के साथ बताएँगे कि आखिर गलती क्या मानी गई है। @instagram@YouTube
कल आप सबने मोदी साहब का वीडियो देखा ही है -
सभी सोशल मीडिया (specially Twitter) users से विनम्र नि��ेदन है कि अब समय आ गया है कि गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ़ अपनी तरफ़ से कदम उठाया जाए।
जिस भी अकाउंट का काम सिर्फ़ गालियाँ देना, अभद्र भाषा लिखना और माहौल बिगाड़ना हो, उसे तुरंत block कीजिए।
आलोचना करना लोकतंत्र की ताकत है, आलोचना सुनना भी ज़रूरी है। लेकिन अपनी पहचान छिपाकर गालियाँ देना कायरता है, अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं।
अगर हम एक सभ्य digital समाज चाहते हैं, तो शुरुआत हमें ही करनी होगी।
गाली देने वाले को जवाब नहीं, ब्लॉक ��ीजिए।
#BlockGalibaj #सभ्य_सोशल_मीडिया
सबसे आसान होता है सरकार के साथ खड़े होना क्योंकि इससे कैरियर बनता है ।
सबसे मुश्किल होता है देश के साथ खड़े होना ।
सबसे आसान होता है अंधभक्त होना ।
सबसे मुश्किल होता है बच्चों के दर्द में उनके साथ होना क्योंकि इसमे बड़े पद नहीं मिलते, नौकरी नहीं मिलती ।
ऐसे लोगों को लानत भी नहीं भेज सकता । 1/2
मैं मोदी Sir से सहमत हूँ गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए।
लेकिन ये ज्ञान प्राप्त करने में आपको बहुत समय लग गया प्रभु, आपके लोगों ने तो किसी की माँ, बहन, बेटी किसी को नहीं बख्शा सबको भद्दी भद्दी गालियाँ दी।
प्रभु मुझे तो आपने अपने लोगों से लाखों गालियाँ दिलवाईं ख़ूब अपमानित करवाया।
अब ज्ञान।
वाह प्रभु वाह।