_*जहन्नम में ले जाने वाले आमाल*_ #15
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ
اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ जादू करना हराम और गुनाहे कबीरा है और अगर जादू के मन्तरों से शरीअत की तक्ज़ीब या तौहीन होती हो तो ऐसा जादू कुफ्र है।
और आख़िरत में उस की सजा जहन्नम का अजाबे अज़ीम है जिस की होलनाकियों और ख़ौफ़नाकियों का कोई तसव्वुर भी नहीं कर सकता। अल्लाह तआला हर मुसल्मान को अपने हिफ्ज़ो अमान में रखे और जहन्नम के दर्दनाक अज़ाब से महफूज रखे। (आमीन)
_*जहन्नम में ले जाने वाले आमाल*_ #15
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ
اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ जादू करना हराम और गुनाहे कबीरा है और अगर जादू के मन्तरों से शरीअत की तक्ज़ीब या तौहीन होती हो तो ऐसा जादू कुफ्र है।
कुरआने मजीद में है : _हां शैतान काफ़िर हुए लोगों को जादू सिखाते है।_
हदीस शरीफ़ में हुज़ूरे अकरम ﷺ ने आयाते बय्यिनात और कबीरा गुनाहों का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया जादू न करो। हज़रते इब्नुल मुसय्यब से रिवायत है कि