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प्रयागराज स्टेशन के गेट नंबर 2 के सामने राधे लॉज के पास मंडल अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी का स्टीकर लगी हुई कार के ऊपर चढ़ कर और बाहर निकल कर शराब के नशे में धुत्त होकर शराब की बोतल हाथ में लिए उत्पात मचाते मंचलों की वीडियो सोशल मीडिया पर हो रही है वायरल @Uppolice@dgpup@News18UP
सोनम वांगचुक जी को शायद सभी लोग जानते ही होंगे ! जितनी सरलता और सहजता से वो लद्दाख के मुद्दों को उठा रहे है वो सच मे अद्भुत है 21 दिनों तक एक ऐसे प्रतिभाशाली और अच्छे इंसान के अनशन से भी शायद जिम्मेदार लोगों को कोई फर्क नही पड़ा ! जैसे युवाओ के साथ अनदेखी होती आई है ठीक वैसे ही , ऐसे इंसान के साथ जो एक अच्छी मानसिकता के साथ सरकार से गुहार कर रहे है उनके साथ या ये सब करना ठीक तो नही है !
#Laddakh #SonamWangchuk
#Leh #LokSabhaElections2024
मेरे लिए तो पाँच धाम हैं, 4 मेरे धर्म के और आख़िरी कर्म का है। अहीर धाम के नायकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी अहीर रेजीमेंट का बनना।
आज ��स ट्रेंड को पूरा समर्थन है मेरी ओर से... आप सब कमेंट, post, repost करने में संकोच मत कीजिये।
#अहीर_मांगे_रेजिमेंट #अहीर_रेजिमेंट_हक़_है_हमारा
अरे चीन को छोड़िए! इस सोनम वांगचुक नाम के आदमी को सबक़ सिखाइए साहब!
पहले देश को बदनाम करने के लिए भूख हड़ताल की और अब देश के ख़िलाफ़ बयानबा���़ी कर रहा है!
इसको जल्दी से अपनी लाल-लाल आँखें और छप्पन इंच का सीना दिखा कर डरा दीजिए वरना सब सच बोल देगा ये!
कह रहा है कि,
“लद्दाख में चीन हमारी जमीन पर कब्जा करता जा रहा है, मोदी सरकार इसे छिपा रही है।
मोदी सरकार ने लद्दाख की 4,000 वर्ग किमी. जमीन चीन को दे दी, लेकिन उसकी चर्चा नहीं हुई।
हम ��े बात कहते हैं तो हमें देशद्रोही कहा जाता है।
लद्दाख के लोग इसलिए संरक्षण मांग रहे हैं, क्योंकि उनकी जान पर बन आई है।”
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देशहित में जल्दी से इस आदमी को चुप करवाइए चौकीदार जी.
@narendramodi @Wangchuk66
#WeakPM
#ModiKaParivar #SonamWangchuk
#DemocracyInDanger
#LokSabhaElections2024
#nehasinghrathore
अभी तो हमें और जलील होना है..
दोस्तों, भारत एक गरीब देश है। यहां किसी के पास पैसे नही हैं। यहां राष्ट्रपति गरीब ��ै। उपराष्ट्रपति भी गरीब है।
प्रधानमंत्री का तो कहना ही क्या, वो तो गरीबी की फोर्ब्स लिस्ट में टॉप पर बैठा है। ��ाने भीख मांगकर खाया है। जब बेचारे की माँ दूसरो के घर झाड़ू पोंछा, चौका बर्तन करती थी, तब वह शादियों में लोगो के कपड़े स्टेपल करके टाइम पास करता था।
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देश की गरीबी का आलम यह है कि किसान को फसल का भाव देने को पैसा नही। जवान को एक रैंक एक पेंशन देने को पैसा नही।
युवाओं को नौकरी देने को पैसा नही। परीक्षा का पर्चा फूटने से रोकने को पैसा नही। चीन पांच गुना बड़ी इकॉनमी है, उसे लाल आंख दिखाने को पैसा न��ी।
राज्यो को निर्धारित जीएसटी का हिस्सा देने को पैसा नही। ऐसे एक हजार और जरूरी चीजें है, जिनके लिए पैसा नही। पैसे का टोटा चहुं ओर है।
जाहिर है वित्तमंत्री के पास पैसे कैसे हों??
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गरीबो की फोर्ब्स लिस्ट में आज ताई का नाम भी स्वर्णाक्षरों में लिख लिया गया है। एक गरीब देश का वित्तमंत्री होने का यही नुकसान है, उनके पास चुनाव लड़ने को पैसा नही होता है।
��रअसल निम्मो ताई में दूरदर्शिता का अभाव उनकी आर्थिक नीतियों में हमेशा दिखा है।
अगर रक्षा मंत्री और वित्तमंत्री रहने के दौरान, उन्होंने "डिफेंस मिनिस्टर केयर फंड" या "एफएम केयर फंड" बना लिया होता.. तो आज यह दुर्दिन न देखने पड़ते।
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इससे यह भी पता चलता है कि चुनाव धनी लोगो का खेल है। धन का खेल है। सन्सद आना है, तो धन लगाना होगा।
बेचारी, जिसके पास प्याज खाने को पैसा न था, पार्टी को देने या चुनाव लड़ने को कहाँ से लाये। उन्होंने पार्टी को दलील दे दी है। लेकिन दलील से टिकट नही मिलता ताई, फंड रहे तो मिलता है।
तो पार्टी ने दलील स्वीकार कर ली है। ठेंगा दिखा दिया है।
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मैं प्रसन्न हो सकता हूँ कि एक अक्षम वित्तमंत्री से देश को छुटकारा मिलेगा।
लेकिन जब देखता हूँ कि पहले मंत्रिमंडल में कम से कम आधा दर्जन बुद्धिमान थे, दूसरे में थोड़े बहुत औसत बुद्धि, बाकी बौड़म लोगो का का दबदबा रहा।
याने गिरावट की दर से देखें, तो जो नया आएगा, एब्सोल्यूट बौड़म होगा। ऐसे में प्रसन्नता तिरोहित हो जाती है।
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अब तक 400 से ज्यादा कैंडिडेट घोषित हो चुके, मगर दूर दराज तक कोई दिखता नही जिसमे बुद्धि हो।
तो अगर बौड़म होना अनिवार्य मंत्रिमंडलीय योग्यता है, तो मेरी मांग है कि मंडी से स्टार प्रत्याशी, जिसके बाद पास चुनाव लड़ने योग्य धन है, और यौवन है, वही, देश की अगली..
और लम्बे समय के लिए वित्तमंत्री बने। क्योकि इस देश और देशवासियों को ठीक ठीक मालूम है, अब अच्छे से मालूम है-
कि अभी तो हमे और भी जलील होना है।