@TajHotels@TajviewAgra#employee#complaint#concern Any deal gives a right to both parties to question and negotiate but this factor according to them is bad behaviour, of somebody questioning, not giving a justification is their right. #drunkonpower. they violate TCOC,
On this day, we remembering the heroes of #Galwan who showed indomitable courage in the Galwan valley and sacrificed their lives to protect our country. Their sacrifice will forever be etched in our hearts. Hundreds of salutes to those immortal martyrs 🙏
#RememberingGalwan
@pks_minti@Ministry_CA@DGCAIndia@airindia must take a stock of things. Such cancellations are becoming more frequent day by day. Passengers are literally being harrassed
आर्यभट ने शून्य की खोज की तो रामायण में रावण के दस सिर की गणना कैसे की गयी...?
कुछ लोग हिंदू धर्म व "रामायण" "महाभारत" "गीता" को काल्पनिक दिखाने के लिए यह प्रश्न करते है कि जब आर्यभट ने लगभग 6 वीं शताब्दी मे (शून्य/जीरो) की खोज की तो आर्यभट की खोज से लगभग 5000 हजार वर्ष पहले रामायण मे रावण के 10 सिर की गिनती कैसे की गई। और महाभा��त मे कौरवो की 100 की संख्या की गिनीती कैसे की गई। जबकि उस समय लोग (जीरो) को जानते ही नही थे, तो लोगो ने गिनती को कैसे गिना!
आईये जानते हैं इसके पीछे का सत्य 👇
आर्यभट से पहले संसार 0(शुन्य) को नही जानता था। आर्यभट ने ही (शुन्य / जीरो) की खोज की, यह एक सत्य है। लेकिन आर्यभट ने "0(जीरो) की खोज 'अंको मे' की थी, 'शब्दों' में खोज नहीं की थी, उससे पहले 0 (अंक को) शब्दो मे शुन्य कहा जाता था। उस समय मे भी हिन्दू धर्म ग्रंथ�� मे जैसे शिव पुर���ण, स्कन्द पुराण आदि मे आकाश को "शुन्य" कहा गया है। यहाँ पे "शुन्य" का मतलब अनंत से होता है। लेकिन रामायण व महाभारत काल मे गिनती अंको मे न होकर शब्दो मे होता थी और वह भी "संस्कृत" मे।
उस समय "1,2,3,4,5,6,7,8, 9,10" अंक के स्थान पे 'शब्दो' का प्रयोग होता था वह भी 'संस्कृत' के शव्दो का प्रयोग होता था।
जैसे:1 = प्रथम 2 = द्वितीय 3 = तृतीय" 4 = चतुर्थ 5 = पंचम"" 6 = षष्टं" 7 = सप्तम"" 8 = अष्टम, 9 = नवंम"" 10 = दशम। "दशम = दस" यानी दशम मे "दस" त��� आ गया,
लेकिन अंक का 0 (जीरो/शुन्य) नही आया, रावण को दशानन कहा जाता है। 'दशानन मतलब दश+आनन = दश सिर वाला' अब देखो रावण के दस सिर की गिनती तो हो गई। लेकिन अंको का 0 (जीरो) नही आया।
इसी प्रकार महाभारत काल मे "संस्कृत" शब्द मे "कौरवो" की सौ की संख्या को "शत-शतम" बताया गया। 'शत्' एक संस्कृत का "शब्द है, जिसका हिन्दी मे अर्थ सौ (100) होता है। सौ(100) को संस्कृत मे शत् कहते है। शत = सौ इस प्रकार महाभारत काल मे कौरवो की संख्या गिनने मे सौ हो गई। लेकिन इस गिनती मे भी "अंक का 00(डबल जीरो)" नही आया,और गिनती भी पूरी हो गई। महाभारत धर्मग्रंथ में कौरव की संख्या शत बताया गया है।
रोमन में भी 1-2-3-4-5-6-7-8-9-10 की जगह पे (¡), (¡¡), (¡¡¡) पाँच को V कहा जाता है। दस को x कहा जाता है। X= दस इस रोमन x मे अंक का (जीरो/0) नही आया। और हम" दश पढ़ "भी लिए और" गिनती पूरी हो गई! इस प्रकार रोमन word मे "कही 0 (जीरो) "नही आता है। और आप भी" रोमन मे" एक से लेकर "सौ की गिनती "पढ लिख सकते है। आपको 0 या 00 लिखने की जरूरत भी नही पड़ती है। पहले के जमाने मे गिनती को शब्दो मे लिखा जाता था। उस समय अंको का ज्ञान नही था। जैसे गीता, रामायण मे 1"2"3"4"5"6 या बाकी पाठो को इस प्रकार पढा जाता है। जैसे (प्रथम अध्याय, द्वितीय अध्याय, पंचम अध्याय,दशम अध्याय... आदि!) इनके दशम अध्याय ' मतलब दशवा पाठ (10 lesson) होता है। दशम अध्याय= दसवा पाठ इसमे 'दश' शब्द तो आ गया। लेकिन इस दश मे 'अंको का 0' (जीरो)" का प्रयोग नही हुआ। बिना 0 आए पाठो (lesson) की गिनती दश हो गई।
हिंदु विरोधी और नास्तिक लोग सिर्फ अपने गलत कुतर्क द्वारा हिंदू धर्म व हिन्दू धर्मग्रंथो को काल्पनिक साबित करना चाहते है।
जिससे हिंदुओं के मन मे हिंदू धर्म के प्रति नफरत भरकर और हिन्दू धर्म को काल्पनिक साबित करके, हिंदू समाज को अन्य धर्मों में परिवर��तित किया जाए। लेकिन आज का हिंदू समाज अपने धार्मिक शिक्षा को ग्रहण ना करने के कारण इन लोगो के झुठ को सही मान बैठता है। यह हमारे धर्म व संस्कृत के लिए हानि कारक है। अपनी सभ्यता पहचानें, गर्व करें की "हम सनातनी हैं", "हम हिंदू है।
सत्य सनातन धर्म की जय 🚩 जय श्री राम 🙏
जय श्री हनुमान 🙏 जय सनातन संस्कृति
@masterchefindia@MasterChefIndi2 favouritism is so obvious @TheVikasKhanna@ranveerbrar better contestents thrown out. But Aruna rules the roost even after making average dishes. She has been made captain Max no of times. Has she been decided as the winner also !
Indian Army soldier named M Prabhu was beaten to death by a DMK councillor & his aides after an argument over washing clothes near a water tank in Krishnagiri, Tamil Nadu.
He was beaten with iron rods & sticks, after which he was rushed to a hospital & succumbed to his injuries.