साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ ���ी मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने ��म्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य ���ी मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
Met the Hon’ble Lok Sabha Speaker today along with MPs of the Opposition.
Our demand is simple: Parliament must have a detailed discussion on the brutality unleashed on students yesterday and on the government’s complete lack of accountability for the examination crisis.
Students were beaten for asking legitimate questions about their own future.
If Parliament cannot discuss the future of India’s youth, what is it for?
The Opposition will not let this be buried. We will ensure that the students’ voice will be heard on the streets, and in Parliament.
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई @yadavakhilesh जी।
PDA की हिस्सेदारी से सामाजिक न्याय का संकल्प हम मिल कर पूरा करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं।
हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें असत्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चा��िए।
साथ ही हमें यह भी पूछना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं।
जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
अन्तर्राष��ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों क�� लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।