पड़ोस��� मुल्क के साकिब रज़ा मुस्तफाई साहब ने एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है। ऐसे लोग हक़ बयान करने से ज्यादा इस बात पर ध्यान होता है कि अवाम का रुझान किस ओर है। बस वही बोलते हैं, जिससे अवाम को खुश हो, भले ही उसमें कोई सच्चाई न हो। इनका मकसद सिर्फ तारीफ और वाहवाही बटोरना होता है,
@MRSMofficial साहब तौबा करिये
@MR_COOL77777 लग तो नहीं रहा है ये माफ़ी माँग rahe हैं ऐसा लगता है जैसे धमकाते हो ऐसे एंकर और चैनल को बिल फ़ॉर बंद करना चाहिए टोटली बॉयकॉट होना चाहिए इन जैसे नफ़राती चिंटुओं का
मुझ को मुंदरजा जेल नावेल चाहिए अगर किसी के पास हो पुराने हो और आधि क़ीमत पे देता हो तो मुझे बताए
फ़साना ए आज़ाद — पंडित रतन नाथ सरशार
तौबातुन नुसूह — डपटी नज़ीर अहमद
फ़िरदौसे बरीं —अब्दुल हलीम शरर
उमराओ जान अदा —मिर्ज़ा मो हादी रुसवा
गोदान - मुंशी प्रेम चंद
यूरोप आज विज्ञान में जहाँ भी खड़ा है वो इस्लाम की देन है।
इस्लाम के स्वर्ण युग में (800AD - 1000AD) के बीच ही इन विज्ञान की न्यू रखी गई।
गणित, स्वास्थ, स्पेस साइंस की सारी खोज की शुरुवात मुस्लिम वैज्ञानिको की देन है।
गज़ा के एक बच्चे दुनिया और मुस्लमान से गुहार लगा रहा है कि मैं भूखा हूं मुझे खाना चाहिए...
अल्लाह की कसम हमें माफ़ नहीं करेंगे फिलिस्तीनी
#FreePalesine#GazaGenocide