पंजाब में सस्ती राजनीति करने से पहले अमित शाह इन सवालों का जवाब दें:
1️⃣ भारत-पाकिस्तान सीमा पर नशे और हथियारों की तस्करी रोकने में केंद्र सरकार नाकाम क्यों रही है?
2️⃣ गुजरात में हजारों किलो Drugs की बरामदगी के मामलों में BJP और केंद्र सरकार ने क्या ठोस कार्रवाई की है?
3️⃣ 2007 से 2017 के बीच पंजाब में चिट्टे और गैंगस्टर संस्कृति के फैलाव पर आप चुप क्यों रहे?
4️⃣ BJP शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएँ लगातार क्यों बढ़ रही हैं?
— @BhagwantMann जी, मुख्यमंत्री, पंजाब
अब लोगों के अंदर से डर खत्म हो गया,
क्योंकि इन्होंने इतना जुल्म कर दिया है कि अब सहते सहते आदत हो गई है,
पर इनको नहीं पता कि यही युवा देश के भविष्य हैं,
यह लोग बर्बाद करने पर तुले हैं।
किसानो ने अपने 700 साथियो को खोने के बाद
रावण दहन के नाम पर मोदी का दहन किया था
आज फिर उसी को दोहराया जा रहा है
फर्क सिर्फ इतना है उस लड़ाई किसानो की थी
आज लड़ाई किसान मज़दूर दलित OBC मुस्लिम आदिवासी
सपा कांग्रेस भाजपा बसपा हर पार्टी की होनी चाहिए
क्युकी 13 करोड़ सिर्फ एक समुदाय का नहीं कटा होगा वोट
वोट का अधिकार अगर छीन लिया गया
आपके पास कुछ नहीं बचेगा
कैसा घबराया साहेब बात-बात पे डरता है, डगमग डगमग हुए कुर्सी धर्म को आगे करता है।
पटर-पटर बोले है ये तो सौ में नब्बे झूठ, राम नाम का लगा मौखौटा सबको लेगा लूट।
कितना भी कर लो,
कॉकरोचेस पीछे हटने वाले नहीं है,
सत्ता का घमंड तोड़कर ही रहेंगे,
जिस तिरंगे को तुम लोग 52 वर्षों तक नहीं लहराया फिर उसका सम्मान तुम लोग क्या करोगे,
अंतिम साँस तक लोकतंत्र व संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ते रहेंगे,
युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
हमने बाकायदा सारी औपचारिकताएं पूरी करते हुए फीस भरकर रावण दहन के लिए परमिशन ले ली थी।
लेकिन आज अचानक दशहरा से एक दिन पहले भाजपा सरकार ने ये परमिशन कैंसिल कर दी।
हमारा भाजपा से सवाल है कि आखिर हिन्दुओं के त्यौहार में इतनी अड़चन क्यों पैदा कर रहे हैं? क्या उनको रावण से इतना प्यार है कि अब उसका दहन भी नहीं करना चाहते?
@Aap_Praveen
युवा इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि BJP-RSS ने सांप्रदायिक और जातिवादी नफ़रत को नॉर्मल बनाने की कोशिश की है..!!!
अब और नहीं..!!
जिसे उन्होंने नॉर्मल बनाने की कोशिश की, उसे सामने लाया जाएगा, चुनौती दी जाएगी और उसका विरोध किया जाएगा...!!
देश आज़ाद है, तानाशाह मोदी का गुलाम नहीं!
तिरंगा फहराने पर Gen Z को जेल में डालने वाली बीजेपी सरकार सुन ले, आज पूरा देश गर्व और फख्र के साथ तिरंगा लहराएगा।
जय हिंद! 🇮🇳
270 फीट लम्बा तिरंगा
यह एक स्वतंत्र देश है, और आज़ादी का असली मतलब यह है कि देश का कोई भी नागरिक अपने देश में कहीं भी तिरंगा फहरा सकता है।
इसी आज़ादी को पाने के लिए देश ने लड़ाई लड़ी थी। कोई भी सरकार या पुलिस किसी को तिरंगा फहराने से कैसे रोक सकती है?...
वे लोगों से उनके जन्मदिन पर दीये जलवाएंगे, वे अपने इशारे पर लोगों से थालियाँ पिटवाएंगे, सब कुछ उनके हुक्म पर होगा, लेकिन अगर किसी भारतीय नागरिक का मन कुछ करने का हो, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से कुछ नहीं कर सकते। यह गलत है।
इसीलिए आज हम तिरंगा लेकर यहाँ आए हैं।
हमारे पुरखों ने गोलियाँ खाकर आज़ादी ली है। सरकार कौन होती है यह बताने वाली कि तिरंगा कौन फहराएगा और कौन नहीं?
-@Saurabh_MLAgk, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, AAP
270 फीट लम्बा तिरंगा
तिरंगा मार्च, राष्ट्रपति भवन और संसद के सामने
यह एक स्वतंत्र देश है, और आज़ादी का असली मतलब यह है कि देश का कोई भी नागरिक अपने देश में कहीं भी तिरंगा फहरा सकता है।
आज हम तिरंगा लेकर निकले है।